भूमि सुरक्षा सर्वोपरि : मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी
हैदराबाद, तेलंगाना सरकार द्वारा अत्यन्त अहम कदम के रूप में भू-भारती पोर्टल को सोमवार को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरु की जा रही भू-भारती वेबसाइट सौ वर्षों तक उपयोगी रहेगी। किसानों की भूमि की सुरक्षा करना सरकार की उच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भू-भारती वेबसाइट का उपयोग सौ वर्षों तक सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
रेवंत रेड्डी ने रविवार को जुबली हिल्स स्थित आवास पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर भू-भारती वेबसाइट के लांच को चर्चा की। अवसर पर उन्होंने कहा कि भू-भारती की वेबसाइट ऐसी होनी चाहिए, जो आम किसानों को भी समझ में आ सके। उन्होंने कहा कि वे चाह रहे हैं कि यह वेबसाइट अत्याधुनिक हो। इसमें सुरक्षा संबंधी समस्याओं से बचने के लिए मजबूत फायरवॉल होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि भू-भारती के प्रबंधन की जिम्मेदारी किसी विश्वसनीय संगठन को सौंपी जाए। बैठक में सीएम के सलाहकार वेम नरेंदर रेड्डी, सांसद रघुवीर रेड्डी, भूमि प्रशासन के मुख्य आयुक्त नवीन मित्तल, सीएम के ओएसडी वेमुला श्रीनिवासुलु, राजस्व सचिव ज्योति बुद्धप्रकाश, सीसीएलए सचिव मकरंद और अन्य उच्च अधिकारियों ने भाग लिया।
2 जून तक राज्यभर में लागू होगी भू-भारती: पोंगुलेटी
राजस्व, आवास व सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि भू-भारती अधिनियम और भू-भारती पोर्टल का मुख्य उद्देश्य राज्य में सभी की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करना (शेष पृष्ठ 6 पर) है। उन्होंने सचिवालय में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ औपचारिक बातचीत में बताया कि सीएम रेवंत रेड्डी सोमवार को भू-भारती अधिनियम के लागू करने के साथ इसके पोर्टल को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है और इस बात को लेकर किसी को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने बताया कि पहले तीन जिलों के तीन चयनित मंडलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में भू-भारती अधिनियम को लागू कर रहे हैं। इन तीन मंडलों में आने वाले परिणामों को ध्यान में रखते हुए आगामी 2 जून तक भू-भारती अधिनियम को राज्यभर में लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि हमने विगत में ही विधानसभा में घोषणा की थी कि 2029 विधानसभा चुनावों को भूमि अधिनियम पर जनमत संग्रह माना जाएगा। सरकार इस कानून को राज्य की जनता, विशेषकर किसानों की जमीन की सुरक्षा के लिए लायी है। उन्होंने कहा कि विगत में दो लोगों ने रातों-रात धरणी बनाया था, लेकिन हमारी सरकार ने लोगों की राय के अनुसार किसानों, बुद्धिजीवियों और विशेषज्ञों के साथ चर्चा करने के बाद ही कानून तैयार किया। उन्होंने कहा कि भू-भारती के कार्यान्वयन के बाद धरणी की आड़ में की गई भूमि अनियमितताओं की फोरेंसिक ऑडिट करायी जाएगी।
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एक ही समय पोर्टल लॉग इन करने से बचें
पोंगुलेटी ने भूमि के मालिकों से अपील की कि सभी लोग अपनी भूमि का विवरण जानने के लिए एक साथ पोर्टल पर लॉग इन न करें। इससे पूरे पोर्टल के ठप्प हो जाने का खतरा पैदा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कुछ लोग जानबूझकर पोर्टल को ठप्प करने का प्रयास करेंगे, तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। सीएम रेवंत रेड्डी ने पहले ही पुलिस अधिकारियों को ऐसी गतिविधियें पर नजर रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार के एनआईसी द्वारा प्रबंधित इस पोर्टल में आधुनिक सुविधाएं जोड़कर लोगों को अत्याधुनिक संस्करण उपलब्ध कराने का प्रयास है।
पोर्टल का विकास रजिस्ट्रेशनों में किसी व्यवधान के बिना जारी रहेगा। अतीत में जब धरणी पोर्टल शुरू की गई थी, उस समय लगभग 4 महीने तक रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया निलंबित थी। अब हमारी सरकार रजिस्ट्रेशनों को जारी रखते हुए धीरे-धीरे पोर्टल को विकसित कर रही हैं। उन्होंने आगे बताया कि वे राज्य भर में भू भारती अधिनियम और पोर्टल के कार्यान्वयन के लिए चयनित पायलट गाँवों का व्यक्तिगत रूप से दौरा करेंगे। संबंधित मंत्री भी क्षेत्र स्तर पर दौरे करेंगे। इसी प्रकार जिलाधीशों के तत्वावधान में जागरूकता सत्र आयोजित किये जायेंगे।
जनता से प्राप्त होने वाले शिकायतों की संख्या के आधार पर ट्रिब्यूनलों का गठन किया जाएगा। बाद में यदि समस्याएं कम हो जाएंगी, तो ट्रिब्यूनलों की संख्या कम कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि धरणी के 33 मॉड्यूल को घटाकर छह मॉड्यूल कर दिया गया है और इससे भू-भारती पोर्टल सभी के लिए आसान होगा। उन्होंने बताया कि मई के पहले सप्ताह में ग्राम राजस्व प्रबंधन अधिकारियों की नियुक्ति करने जा रहे हैं। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।
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