हैदराबाद, व्यक्ति को अपना जीवन सहज और सरल रूप से जीना चाहिए। समय आने पर संभलकर जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। उक्त उद्गार फीलखाना स्थित महावीर भवन में श्री महावीर स्वामी जैन श्वेतांबर संघ चातुर्मास व्यवस्था समिति द्वारा आयोजित चातुर्मासिक धर्म सभा को संबोधित करते हुए साध्वी कनकप्रभाजी म.सा. ने व्यक्त किये।
प्रचार प्रसार मंत्री उत्तम संकलेचा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कनकप्रभाजी म.सा. ने कहा कि चातुर्मास के दौरान गुरु भगवंत जब दूर-दूर से विहार कर वर्षावास के लिए पधारते हैं, तो श्री संघ का परम कर्तव्य होता है कि जिनवाणी श्रवण एवं धर्म के हर कार्य में निष्पक्ष भाव से जुड़ें।
सभा में सज्जनश्रीजी म.सा. का गुणगान करते हुए बताया गया कि आप अपना जीवन सादगी और सरलता से व्यतीत करती हैं।संघ में कई नियमों की दौड़, जैसे वीर मैराथन जिसमें 18 नियम का समावेश है, में काफी संख्या में लोग जुड़ गये हैं। गुरुवर्या ने श्रीदर्शन प्रकरण ग्रंथ के बारे में विस्तार से जिन वाणी के माध्यम से जानकारी दी।
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दत्तसूरी तप के कल बियासने के लाभार्थी ओकीदेवी मुलतानमल संकलेचा और आज चित्त प्रसन्न तप एकासने के लाभार्थी गौतमचन्द हरकचंद गोलेच्छा का चातुर्मास व्यवस्था समिति द्वारा बहुमान किया गया। चातुर्मास के दौरान संस्कारी शिविर की शुरुआत हुई, जिसमें महिलाओं, बालक-बालिकाएँ हिस्सा ले रहे हैं। व्यवस्था श्री जिनदत्त सूरी जैन संघ मंडल की है। चातुर्मास संयोजक ललित कुमार संकलेचा ने सभी से प्रवचन का अधिक से अधिक संख्या में लाभ उठाने का आग्रह किया।
