यादाद्रि में शीघ्र शुरू होगा एमएमटीएस दूसरे चरण का कार्य : किशन रेड्डी

हैदराबाद, केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री व सिकंदराबाद के सांसद जी. किशन रेड्डी ने कहा कि सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास वैश्विक मानकों के आधार पर किया जा रहा है। यह कार्य तीव्र गति से जारी है और संभावना है कि अगले साल दिसंबर तक पूरा हो जाएगा।

कोयला एवं खान मंत्री ने सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन का दौरा करते हुए पुनर्विकास कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। उनके साथ दक्षिण मध्य रेलवे के अपर महाप्रबंधक सत्य प्रकाश, सिकंदराबाद के मंडल रेल प्रबंधक डॉ. आर. गोपालकृष्णन, दमरे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण रणधीर रेड्डी, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ए. श्रीधर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री ने स्टेशन भवन के दोनों ओर निर्माण स्थलों का दौरा किया और विकास कार्यों की प्रगति की प्रत्यक्ष जानकारी ली। उन्होंने कार्यस्थलों पर किए जा रहे सुरक्षा उपायों की भी समीक्षा की।

स्टेशन पर मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए किशन रेड्डी ने कहा कि सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन का निर्माण ब्रिटिश काल में हुआ था। आज यह दक्षिण भारत के सबसे महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक है, जहाँ प्रतिदिन 1.97 लाख यात्रियों का आवागमन होता है और प्रतिदिन 100 से अधिक ट्रेनें यहाँ से गुजरती हैं। यात्रियों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए 714.73 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय यात्री सुविधाओं और आधुनिक वास्तुकला के साथ स्टेशन का पुनर्विकास किया जा रहा है।

निर्माण कार्य बिना बाधा के, यात्रियों को नहीं हो रही असुविधा

यह निर्माण कार्य सिग्नल, पटरियों या ट्रेन सेवाओं में बाधा डाले बिना किया जा रहा है। व्यस्त समय में यहाँ प्रति घंटा लगभग 23,000 यात्री होते हैं। इस दौरान यात्रियों की भारी भीड़ के बावजूद पुनर्विकास कार्य रेल उपयोगकर्ताओं को कोई असुविधा पहुँचाए बिना तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। स्टेशन का पुनर्विकास हवाई अड्डों के समकक्ष वैश्विक मानकों के साथ किया जा रहा है। जब यह बन कर तैयार होगा तो यह हैदराबाद शहर में आकर्षण का केंद्र होगा।

मंत्री किशन रेड्डी ने बताया कि 3 एकड़ भूमि पर डबल स्टोरी स्काई कॉनकोर्स में 3,000 यात्रियों की क्षमता वाला प्रतीक्षालय, कैफेटेरिया, रेस्तरां, रिटेल सेंटर, मनोरंजन सुविधाएं, 26 लिफ्ट, 32 एस्केलेटर और 2 ट्रैवलेटर, 5000 किलोवॉट का सौर संयत्र, उन्नत सुरक्षा प्रणालियाँ, 5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, वर्षा जल संचयन गड्ढे, पूर्व और पश्चिम मेट्रो स्टेशनों के साथ-साथ बस स्टेशन आदि को स्काईवे से जोड़ने वाले वॉकवे का प्रावधान सहित कई तरह की विशेषताएं पुनर्विकास के साथ जोड़ी जा रही हैं।

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चरणबद्ध तरीके से जारी है सिकंदराबाद स्टेशन का पुनर्विकास कार्य

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कार्य चरणबद्ध तरीके से किए जा रहे हैं। मल्टी-लेवल कार पार्किंग इस साल पूरी होने की उम्मीद है, जबकि दक्षिण की ओर का ब्लॉक अगले 4 महीनों में पूरा हो जाएगा। कार्य पूरा होने के बाद प्रतिदिन लगभग 2.7 लाख यात्रियों और प्रति घंटे 32,500 यात्रियों की सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है। किशन रेड्डी ने आगे बताया कि तेलंगाना राज्य को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 5,337 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

राज्य में जारी विभिन्न परियोजनाओं की कुल लागत 42,219 करोड़ रुपये है। पिछले 10 वर्षों में तेलंगाना में 346 नई रेल लाइनें, 487 किलोमीटर दोहरीकरण, तिहरीकरण और चौथी लाइन सहित कई प्रकार के कार्य शुरू किये गये हैं। 1959 किलोमीटर ट्रैक का विद्युतीकरण किया गया है, जिससे राज्य में शतप्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। इस अवधि में 293 आरयूबी, 43 आरओबी और 49 एफओबी का निर्माण किया गया है।

नए कोमारवेल्ली रेलवे स्टेशन पर 96 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। यादाद्रि में एमएमटीएस दूसरे चरण का काम जल्द ही शुरू होगा। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तेलंगाना में 40 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास लक्षित है, जिनमें से बेगमपेट, वरंगल और करीमनगर स्टेशनों का हाल ही में उद्घाटन किया गया है। सिकंदराबाद और काचीगुड़ा स्टेशनों पर वंदे भारत रखरखाव सुविधाएँ स्थापित की जा रही हैं। कवच और अन्य आधुनिक सिग्नलिंग उपकरणों के विकास में तेज़ी लाने के उद्देश्य से आईआरआईएसईटी/एससी में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया गया है।

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