सुलक्षणाश्रीजी के अवतरण दिवस पर नेम समर्पण उत्सव 29 जुलाई को

हैदराबाद, रामकोट स्थित कच्छी भवन में धर्म और तप की ज्योति स्वरूप, संयम व समर्पण की साक्षात प्रतिमा पूज्य गुरुवर्य तपोरत्न सुलक्षणाश्रीजी म.सा. के 75वें अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में आगामी 29 जुलाई को नेम समर्पण उत्सव का आयोजन किया जाएगा।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अवसर पर त्रयनगर में विराजित पूज्य साधु-साध्वी भगवंतों से पधारने की विनती की गई है, ताकि यह कार्यक्रम धर्म और साधना की दिव्य ऊर्जा से आलोकित हो। सुलक्षणाश्रीजी म.सा. को एक और पदवी से सम्मानित किया जाएगा, जिससे उनका तप-जीवन और भी गौरवमयी बनेगा। इस उत्सव में धर्म संगीत की सुरमयी प्रस्तुति संगीतकार विराज भाई (मुंबई), दीक्षित गादिया (जालना) देंगे।

जैन साधु-साध्वी और तपोरत्न सुलक्षणाश्रीजी की तपस्या एवं भक्ति प्रस्तुति

इनकी भक्ति संगीत की प्रस्तुति से कार्यक्रम को अनुपम भव्यता प्राप्त होगी। अवसर पर आचार्य श्री भक्तिसूरीश्वराजी म.सा. आदि ठाणा, राष्ट्र सन्त ललितप्रभसागरजी म.सा., चन्द्रप्रभसागरजी म.सा. आदि ठाणा, महाशतावधानी मुनिश्री अभिनंदन सागरजी म.सा. आदि ठाणा, पार्श्वमणि तीर्थ प्रेरिका गणिनी प्रवरा गुरुवर्या सुलोचनाश्रीजी म.सा. एवं तपोरत्ना सुलक्षणाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा 27, कनकप्रभाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा 6, भावरत्नाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा, चारूदर्शनाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा, विशालमालाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा एवं प्रियमरसाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा के पधारने की संभावना है।

जैन साधु-साध्वियों का जीवन त्याग, संयम, तपस्या और आत्मा की शुद्धि के लिए समर्पित होता है। इन आदर्शों को अपने जीवन में पूर्णत उतारने वाली परम तपस्विनी हैं सुलक्षणाश्रीजी म.सा., जिनका जीवन तप और आराधना की चलती-फिरती प्रतिमा है। सुलक्षणाश्रीजी म.सा. ने जीवन में असंख्य प्रकार के महान तप किए, जिनमें वर्धमान तप 108 ओली, 3000 आयम्बिल, नवपद ओली, मासखमण, श्रेणी तप, हर साल अठ्ठाई, सिद्धितप, धर्मचक्र तप, बीस स्थानक तप, तेले से पारणे में आयम्बिल, 45 उपवास, 16 उपवास, अन्य 11 छोटे-मोटे तप, 700 बार गिरनारजी यात्रा, 231 बार सम्मेद शिखर यात्राजी, 31 बार नवाणु पालीताना, 1000 गाथा का नित्य स्वाध्याय, लेखन कला में दक्षता के साथ सम्यक्त्व दर्शन, भावना स्रोत जैसे ग्रंथों की रचना, दिक्षा के पश्चात 25 वर्षों तक लीलोतरी त्याग शामिल हैं।

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कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कार्यक्रम के प्रधान संयोजक प्रशांत श्रीमाल ने बताया कि रामकोट स्थित कच्छी भवन में सुबह 9:30 बजे उत्सव शुरू होगा। इसके आयोजक कोठी श्री संघ, चारकमान श्री संघ और अवंति नगर श्री संघ हैं। इस कार्यक्रम के संयोजक संतोष लुणावत, दिलीप झाबक, राजीव समदडिया, गौतम बरलोटा एवं अतीष श्रीश्रीमाल हैं। कार्यक्रम के पश्चात स्वामीवात्सल्य की व्यवस्था की रहेगी, जिसके लाभार्थी प्रकाशचंद प्रशांत आदित्य श्रीमाल परिवार हैं।

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