हैदराबाद : लूटपाट करने वाले नेपाली गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार, आठ फरार
हैदराबाद, उत्तरी जोन टास्क फोर्स पुलिस ने कारखाना पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई के तहत शहर में घरेलू नौकर व वॉचमैन के रूप में कार्य करते हुए मालिक के घर में ही लूटपाट की घटना को अंजाम देने वाले नेपाली गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने छापेमारी कर गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से 73.35 ग्राम सोने के आभूषण, 22.90 ग्राम चांदी के आभूषण, एक रोलेक्स घड़ी, 43,050 रुपये की नकदी, 5 सेल फोन समेत कुल 10 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की।
आज यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए टास्क फोर्स पुलिस उपायुक्त गायकवाड वैभव रघुनाथ ने नेपाली गिरोह को गिरफ्तार करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में नेपाल निवासी व गन रॉक कॉलोनी में में वॉचमैन के रूप में कार्यरत राज बहादुर शाही उर्फ राजेंद्र शाही (36), नेपाल निवासी व भगवानगोला, पश्चिम बंगाल का रहने वाला महेंद्र बहादुर शाही उर्फ निम्मू शाही (39), भवानी कॉलोनी, राजेद्र नगर निवासी गोरखे बहादुर कामी उर्फ गोपाल (40), नारसिंगी निवासी अमित बिसुकर्मा उर्फ प्रकाश (22) और टोली चौक निवासी सुभा टमटा (19) शामिल है। इनके आठ साथी रेखा देवी रावल, उमेश शाही, उपेंद्र शाही,महेश सुनार, सुरेश सिंह, नेत्रा शाही, प्रेम सिंह उर्फ पूरन सिंह और बिरेंद्र शाही फरार है।

23 तोला सोना और नकदी लूटी, आरोपी फरार
रघुनाथ ने बताया कि गत 15 व 16 नवंबर की रात को सभी आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत गनरॉक एन्क्लेव प्लाट नंबर 210 निवासी सेवानिवृत्त कैप्टन डी.के गिरी के घर में घुस कर उनके हाथ पैर बांधने के बाद उनके घर से 23 तोला सोने के आभूषण और 95 हजार रुपये की नकदी चुरा ली और अपने -अपने सेल फोन बंद कर अलग-अलग ग्रुप में बंट कर फरार हो गये थे। उन्होंने बताया कि कैप्टन गिरी के साथ लुटेरों ने मारपीट भी की थी। कैप्टन की शिकायत पर कारखाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन प्रारम्भ की।

जांच पड़ताल में पता चला है कि शिकायतकर्ता ने राजबीर एंड कंपनी से घर में काम करने के लिए नेपाली दंपत्ति भेजने के लिए आवेदन किया था। कंपनी की ओर से इस मामले में महेंद्र शाही और उपेंद्र शाही से सम्पर्क किया गया और दोनों ने उसी समय कैप्टन के घर में अपने लोगों को नौकरी पर नियुक्त कर लूटपाट करने की योजना बना ली। दोनों ने मुंबई से रेखा देवी रावल और राज बहादुर शाही उर्फ राजेंद्र शाही को बुलाया। दोनों ने पति पत्नी होने का नाटक कर कैप्टन के घर में 21 अक्तूबर से नौकरी करने लगे।
15-16 नवंबर की रात लूट को दिया अंजाम
इस दौरान महेंद्र और उपेंद्र शाही ने लूटपाट को अंजाम देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से अपने साथियों को हैदराबाद बुलाया और गत 15 व 16 नवंबर की रात योजना को अंजाम देते हुए गिरोह ने कैप्टन के घर में घुस कर लूटपाट की और फरार हो गए। उन्होंने बताया कि गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी टास्क फोर्स पुलिस इंस्पेक्टर के. चंद्रशेखर व कारखाना पुलिस इंस्पेक्टर बी. अनुराधा और गुप्तचर पुलिस इंस्पेक्टर के. रगा रेड्डी के नेतृत्व में की गई। आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। शेष फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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