डीजीपी की नियुक्ति प्रक्रिया चार सप्ताह में पूरी करने का आदेश

हैदराबाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय में केंद्र और राज्य सरकार को सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश के अनुसार पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया को चार सप्ताह के भीतर पूरा करने के आदेश दिए गए। अदालत ने यूपीपीएससी को राज्य की ओर से भेजी गई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सूची की जाँच करने और उन्हें नियुक्ति के लिए सिफारिश करने का आदेश दिया। यह आदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस पुल्ला कार्तिक ने जारी किए। इसके साथ ही याचिकाकर्ता टी. धनगोपाल राव की दायर याचिका पर अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया।

याचिका में आरोप लगाया गया था कि शिवधर रेड्डी की पुलिस महानिदेशक के तौर पर नियुक्ति गैर-कानूनी थी। नियुक्ति के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों को अमल में नहीं लाया गया था। इस बारे में दायर अंतरिम स्थगन याचिका को न्यायाधीश ने खारिज कर दिया। अदालत ने पुलिस महानिदेशक के तौर पर नियुक्ति के लिए पिछले दिसंबर माह में राज्य सरकार की ओर से भेजी गई सिफारिश पर विचार करने का आदेश दिया।

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अदालत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में प्रकाश सिंह बादल के मामले को लेकर जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य की सूची पर फैसला लिया जाए। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने दलील देते हुए पुलिस महानिदेशक के रूप में बी. शिवधर रेड्डी की नियुक्ति पर रोक लगाने की माँग की। उनका कहना है कि यह नियुक्ति स्थाई नहीं, बल्कि अस्थाई तौर पर की गई नियुक्ति है। जो सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ है। इसीलिए इस नियुक्ति पर रोक लगाई जानी चाहिए। अदालत ने स्थगनादेश माँगने वाली अंतरिम याचिका खारिज कर दी और मामले की सुनवाई अगले माह 5 फरवरी तक स्थगित कर दी।

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