ओयू एचसीडीसी ने किया महिला स्वास्थ्य जागरूकता सत्र का आयोजन

हैदराबाद, उस्मानिया विश्वविद्यालय के मानव पूंजी विकास केंद्र (एचसीडीसी) द्वारा आज महिला कल्याण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विषय पर जागरूकता वार्ता सत्र का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों के स्वच्छता से जुड़े पूर्वाग्रहों को दूर करने तथा जीवन के हर चरण में शरीर को समझने तथा उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में सजग करना था।

एचसीडीसी निदेशक प्रो. जी. विजया चरण ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने से एक स्वस्थ और संतुलित समाज का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि इस कड़ी में मानव पूँजी विकास केंद्र ने छात्रों को शैक्षणिक और तकनीकी कौशल में प्रशिक्षण देने के साथ बुनियादी स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में नई दिशा अपनाई है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम एचसीडीसी द्वारा छात्रों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित प्रमुख पहल हैं।

प्रोफेसर जी. विजया ने कहा कि स्वास्थ्य और स्वच्छता मानव जीवन में एक दूसरे से जुड़े हुए हैं और समग्र कल्याण में योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि अच्छी आदतें और स्वच्छ वातावरण कई बीमारियों से बचाव करते हैं। साथ ही शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक होते हैं। यह जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाते हैं।

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निवारक देखभाल, टीकाकरण और जीवनशैली पर विशेष ध्यान

स्री रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रावंति गधिराजू ने मासिक चक्र से संबंधित ऊर्जा, त्वचा स्वास्थ्य और मनोदशा के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने टीकाकरण, पोषण, मासिक धर्म स्वच्छता, जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण पहलू निवारक देखभाल है। नियमित जाँच से संभावित स्वास्थ्य समस्याओं का शीघ्र पता लगाया जा सकता है, जिससे उपचार की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने सर्वाइकल कैंसर की विभिन्न जाँचों, मैमोग्राम और अन्य परीक्षणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीवनशैली के प्रमुख स्तंभ जैसे पोषण, व्यायाम, तनाव से दूर रहना आदि स्वस्थ शरीर के विकास और रख-रखाव में सहायक होते हैं।

एचसीडीसी समन्वयक डॉ. सूर्यावल्ली ने प्रतिभागियों से स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती पर विशेष ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। ओयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ निदेशक प्रो. हमीदाबी ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जा सकता है। अवसर पर छात्राओं के लिए निशुल्क स्वास्थ्य जाँच की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के साथ व्यक्तिगत प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ।

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