पुलिस भर्तियों को लेकर जनहित याचिका दायर

हैदराबाद, राज्य भर में पुलिस विभाग में भर्तियाँ न करने को चुनौती देते हुए जनहित याचिका दायर की गई। हैदराबाद निवासी के. अखिल श्री गुरुतेज द्वारा दायर इस जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस जी.एम. मोहियुद्दीन की खण्डपीठ ने सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने दलील देते हुए बताया कि पुलिस विभाग में रिक्त पदों पर भर्तियाँ न करने के कारण कानून व्यवस्था बिगड़ रही है।

भर्तियों को लेकर राज्य सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है। उन्होंने बताया कि भर्तियाँ न होने के कारण जन-सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। गत 7 फरवरी तक राज्य के पुलिस विभाग में स्वीकृत पदों की संख्या 91,169 है, जिसमें से 14,935 पद रिक्त पड़े हुए हैं, जिनमें 7 डीजीपी, 8 अतिरिक्त डीजीपी, 46 पुलिस अधीक्षक, 4 डीआईजी, 9,785 सिविल कॉन्स्टेबल, 3,548 एआर कॉन्स्टेबल पद शामिल है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले का पर्यवेक्षण करने के लिए उच्च न्यायालय को कई बार ध्यान दिलाया।

पुलिस भर्ती आदेश पर सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित

गुजरात उच्च न्यायालय ने इस पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को पुलिस विभाग में भर्तियाँ करने के आदेश दिए थे। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्तमान रिक्त पदों पर भर्तियाँ न करने पर भविष्य में रिक्तियाँ और बढ़ सकती है और यह कानून व्यवस्था के लिए सवाल कड़ा कर सकती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 के दौरान पुलिस भर्तियों को लेकर अंतिम अधिसूचना जारी की गई थी।

इसके पश्चात आज तक भर्ती संबंधी अधिसूचना जारी नहीं की गई। दलील सुनने के पश्चात खण्डपीठ ने उच्च न्यायालय की रजिस्ट्री को आदेश देते हुए बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार, क्या तेलंगाना उच्च न्यायालय ने इस प्रकार के मामले पर स्वयं संज्ञान के तहत सुनवाई की है या नहीं, इसका विवरण पेश करें। इसके साथ ही मामले की सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गई।

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