जीवन को सार्थक करने धर्म आराधना आवश्यक : भक्तिदर्शनजी म.सा.

हैदराबाद, जीवन में हर जन्म में माता-पिता मिलते हैं। जीव का जन्म हुआ है, तो मरण निश्चित है। मनुष्य जन्म को सार्थक करने के लिए धर्म आराधना आवश्यक है। उक्त उद्गार गोशामहल स्थित शंखेश्वर भवन में श्री शंखेश्वर पारसनाथ जैन संघ गोशामहल के तत्वावधान में बाल मुनि भक्तिदर्शनविजयजी म.सा. ने व्यक्त किए। शंखेश्वर भवन में परशुराम स्पर्श चातुर्मास के अंतर्गत 24 भगवान के कल्याण अंजनशलाका जैसी अनुभूति करता हुआ दृश्य उपस्थित हुआ।

कार्यक्रम में म.सा. ने कहा कि तीन लोक के पालनहार परमपिता परमात्मा के माता-पिता बनना बहुत ही सौभाग्यशाली पल होता है। परम पुण्य से ऐसा लाभ, ऐसा मौका मिलता है। आज हम सबको भगवान के माता-पिता बनने का सौभाग्य मिला। हमारा जीवन सफल हो गया। प्रचार संयोजक दशरथ देवड़ा धोका ने बताया कि मंगलवार 29 जुलाई को भगवान नेमिनाथ का जन्म कल्याणक व उनके परिवार का स्टेज प्रोग्राम द्वारा प्रस्तुति की जाएगी।

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आज कार्यक्रम के पश्चात संघ की तरफ से श्री संघ द्वारा स्वामी वात्सल्य रखा गया आज के संपूर्ण कार्यक्रम में काफी संख्या में श्रावक शराबी का उपस्थित थे सकल संग को संघ के अध्यक्ष चंपालाल भंडारी व मंत्री फतेह राज ऋषि माल ने प्रतिदिन प्रात 9.30 बजे प्रवचन श्रवण हेतु पधारने की विनती की है। कार्यक्रम का संचालन कैलाश भंडारी ने किया।

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