अग्रवाल समाज के कार्यवाहक अध्यक्ष बने रूपेश अग्रवाल

हैदराबाद, अग्रवाल समाज तेलंगाना की एजीएम में अग्रवाल समाज के अध्यक्ष अनिरुद्ध गुप्ता के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव वोटिंग के जरिए पारित किया गया। इसमें 158 लोगो के मत हाँ, 10 लोगों के मत न तथा 3 मत रिक्त रहे। इसी प्रकार युवा शाखा में 39 मत हाँ, 3 मत न तथा एक मत रिक्त रहा। समाज के अध्यक्ष द्वारा असंवैधानिक रूप से नरेन्द्र गोयल को कार्यकारी अध्यक्ष बनाये जाने के खिलाफ की गई वोटिंग में 165 लोगों ने हाँ कहा तथा 5 लोगों ने न कहा, एक मत रिक्त रहा। इसी प्रकार युवा शाखा में 40 ने हाँ तथा 2 ने न कहा, वहीं एक रिक्त रहा।

सभा में अध्यक्ष अनिरुद्ध गुप्ता को आगापुरा शाखा के केंद्रीय समिति पद हटाए जाने के बाद उपाध्यक्ष रूपेश अग्रवाल को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया। सिकंदराबाद स्थित बांठिया गार्डन में आयोजित अग्रवाल समाज तेलंगाना की वार्षिक साधारण सभा की बैठक महाराजा अग्रसेनजी की पूजा, हनुमानजी की आरती व हनुमान चालीसा पाठ के पश्चात आरंभ हुई। समाज के मानद मंत्री विकास कुमार केसान ने सभा का संचालन करते हुए कहा कि आज की सभा में उपस्थित सभी वोटर्स हैं।

24 घंटे से कम नोटिस पर बैठक बुलाने पर सवाल

गत शनिवार को रॉयल्टन में हुई तथाकथित एजीएम संविधान के अनुसार नहीं थी, क्योंकि उसमें न कोई एजेंडा था और न ही समय दिया गया, क्योंकि बैठक के लिए 2 दिन का समय देना होता है, जबकि अध्यक्ष अनिरुद्ध गुप्ता द्वारा 24 घंटे से कम समय में मीटिंग बुलाई गई और एजेंडा भी बदल दिया गया। आज की एजीएम में सभी शाखाओं के पदाधिकारियों एवं योग्य वोटिंग वाले सदस्य हैं। सभी महिला, युवा शाखा का स्वागत करते हैं।

2026-27 की पहली एजीएम में विशेष आभार हनमकोंडा शाखा का, जिसने विशेष निमंत्रण पर इसमें हिस्सा लिया। इसके अलावा अन्य 113 शाखाओं का विशेष रूप से धन्यवाद। उन्होंने कहा कि एजीएम समाज की स्थिति को देखते हुए विशेष परिस्थिति में बुलाई गई है। कल मीटिंग में जो कुछ हुआ, वह शोभनीय नहीं था। कल जो गलत हुआ है, उससे बहुत ज्यादा आक्रोश-विरोध है। सभी सदस्य कल की एजीएम का विरोध करते हैं।

अध्यक्ष अनिरुद्ध ने कहा था कि यह मेरी सभा है, जबकि सभा किसी व्यक्ति विशेष की नहीं होती। सभा पूरे समाज की होती है। सभी बैठे हुए समाज के सदस्य हैं। हनमकोंडा शाखा, महिला शाखा ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। एजीएम सुप्रीम बॉडी है। केंद्रीय सदस्यों द्वारा पदाधिकारियों का चयन किया जाता है, जबिक वही निकाल सकते हैं। अध्यक्ष को अधिकार नहीं है। इसलिए बैठक में जो कुछ हुआ, वह गैरकानूनी है।

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अध्यक्ष अनिरुद्ध गुप्ता को एजीएम में किया गया आमंत्रण

अग्रवाल समाज संस्कारों का समाज है। उन्होंने बताया कि सभा से पहले अध्यक्ष अनिरुद्ध गुप्ता को आमंत्रित किया गया, लेकिन वह नहीं आए। समाज की गत एजीएम 28 जून, 2025 को हुई। एजीएम का एजेंडा प्रस्तुत कर सभी से पारित करवाया गया। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष रूपेश अग्रवाल को सभा की अध्यक्षता करने हेतु आमंत्रित किया। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष को सभा की अध्यक्षता की अनुमति मिलने पर उन्होंने सभी का आभार प्रकट करते कहा कि कल एजीएम में जिस प्रकार शब्दावली का उपयोग किया गया, उसका वह खंडन करते हैं।

समाज के गरिमापूर्ण पद पर रहते हुए मंच से इस प्रकार की शब्दावली का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। यह समाज में गलत उदाहरण प्रस्तुत करता है। अध्यक्ष ने कई ऐसी बाते कहीं, जो अशोभनीय हैं। हमने अभी तक जितना भी कार्य किया, उसमें असंसदीय भाषा का उपयोग नहीं किया। कल जो एजीएम हुई, वह न केवल असंवैधानिक व अवैध है, बल्कि उसे मीटिंग भी नहीं मानते। वह परिवारवाद की सभा थी। इसमें समाज के पदाधिकारी बहुत कम थे।

हमें इस बात का भरपूर ज्ञान है कि हम कौन हैं। समाज से पद है, पद से समाज नहीं। उन्होंने कहा कि समाज में जो पहले नहीं हुआ, वह अब हुआ। इस प्रकार समाज को कोर्ट में खींचा गया। कोर्ट ने बात स्वीकार नहीं की। वह चाह रहे थे कि एजीएम में तीन पदाधिकारियों को न बुलाएँ। उपाध्यक्ष, मानद मंत्री एवं कोषाध्यक्ष को किसी भी प्रकार में मीटिंग में आने रोकना मकसद था।

तीन पदाधिकारियों पर फंड और लेनदेन रोकने का प्रयास

तीसरा उनका प्रयास था कि हम तीनों चयनीत पदाधिकारी समाज में किसी तरह की फंड, ट्रांजैक्शन, लेटर का उपयोग न करें। कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने तीनों पदाधिकारियों को समाज से निष्कासित किया है, इसका कोई एक्नॉलेजमेंट भी नहीं है। फिर व किस प्रकार तीनों पदाधिकारियों को निष्कासित कर सकते हैं। हम तीनों आज भी समाज के पद पर बने हुए हैं। इनका चयन समाज ने वोटिंग से किया है।

इस प्रकार अध्यक्ष किसी को निष्कासित नहीं कर सकते। कल की मीटिंग ईजीएम नहीं, परिवार की मीटिंग थी। उन्होंने कहा कि कल की मीटिंग में मीनट्स पहले से ही बनाकर तैयार कर दिए गए थे, जबकि मीटिंग आरंभ ही नहीं हुई थी। रूपेश अग्रवाल ने कहा कि गत 9 अप्रैल को आगापुरा शाखा ने मीटिंग बुलाकर केस विथड्रा कर दिया, साथ ही शाखा के केंद्रीय समिति सदस्य अनिरुद्ध गुप्ता को शाखा से हटा दिया था, जिसका पत्र इस एजीएम में दिया गया है।

अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करने की सभी से अनुमति चाहते हैं। उन्होंने सभा के एजेंडा को प्रस्तुत करते हुए कहा कि इसकी चार मुख्य बातें हैं। इसमें 33 समितियों को हटाया जाना असंवैधानिक है, युवा शाखा को एबेयेंस में रखा जाना असंवैधानिक है और तथाकथित कार्यकारी अध्यक्ष का पद बनाया जाना भी मान्य नहीं। इसी क्रम में उन्होंने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के मुद्दे को सभा में रखा, जिसे ध्वनि मत से पारित कर वोटिंग भी की गयी।

सदन में चारों प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित

सभी ने सदन में एकमत से चारों प्रस्ताव के लिए हामी भरी। उन्होंने कहा कि सभा ने डॉ. मोहन गुप्ता की समिति बनाई है, इसकी वोटिंग करनी है। वोटिंग के द्वारा ही इसे पारित किया जाए। समाज के निवर्तमान अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि जो सोच नहीं सकते ऐसी बातें कल ईजीएम में हुई। बहुत बुरा हुआ है। क्या यह वह पहले वाला समाज है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष ने सभी की सहमति के बगैर कई कार्य किये हैं, जिसके चलते समाज की आज यह स्थिति हुई है।

कल मीटिंग में केवल एक पक्ष दिया गया, जो सही नहीं था। हमने भरोसा कर अनिरुद्ध गुप्ता को अध्यक्ष बनाया, लेकिन उन्होंने कुछ ऐसे निर्णय लिये, जो सही नहीं रहे। इस गलती के लिए कुछ हद तक हम भी जिम्मेदार हैं। महाराजा अग्रसेन जयंती में हमेशा उपाध्यक्ष प्रधान संयोजक होता है, लेकिन गत जयंती कार्यक्रम में किसी अन्य सदस्यों को बनाया गया और पूरी कमेटी को एक मैसेज से हटा दिया गया।

कार्यक्रम में कुमार विश्वास पर पास लगाये गए, जिससे कई शाखाएँ नाराज हुईं। उन्होने कहा कि समाज में नियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष असंवैधानिक है। कल जो हुआ वह उसे अपनी जीत मान रहे हैं, पर यह समाज के लिए हार है। अध्यक्ष ने जो पदाधिकारी नियुक्त किया, उसके लिएउनको कोई हक नहीं है। इसका प्रभाव आने वाले समय पर पड़ेगा। इससे नई पीढ़ी पीछे हटेगी। समाज में आने से डरेगी।

पुलिस पर पक्षपात का आरोप, अध्यक्ष को ही मिला मौका

मीटिंग में पुलिस ने केवल अध्यक्ष अनिरुद्ध गुप्ता को ही मौका दिया, जिन्होंने इल्जाम लगाये। हमें समय ही नहीं दिया गया। गलत तरीके से एजेंडा पास हो गया, जबकि उसमें 80 प्रतिशत वोटर ही नहीं थे। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास का प्रस्ताव है, उसे पारित करते समय समाज के हित में आपको जो अच्छा लगता है, वह करें। सबके बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव पारित होता है, तो अध्यक्ष पद रिक्त होगा और उसके स्थान पर उपाध्यक्ष समाज के संविधान के अनुसार आगामी 27 जून तक पद पर बने रहेंगे।

अवसर पर आगापुरा द्वारा दिये गये पत्र को उपाध्यक्ष रूपेश अग्रवाल ने पढ़कर सुनाया। इसमें शाखा से अनिरुद्ध गुप्ता को केएस से हटाया गया है और नये केएस की सूचना शीघ्र समाज को दी जाएगी का उल्लेख है। अवसर पर कल की मीटिंग से पहले ही बनाये गये एजेंडा को सभा में वितरित किया गया।

कोषाध्यक्ष अचल गुप्ता ने कहा कि कल की मीटिंग में कहा गया कि हिसाब नहीं दिया गया, जबकि सारे हिसाब दे दिये गये हैं। ऑडिटेड बैलेंस शीट दी गई, इसका रिकॉर्ड है। समय पर हिसाब दिया गया। सूर्यकमल गुप्ता ने कहा कि कल हुई मीटिंग में किसी को बोलने का अधिकार नहीं दिया गया, जबकि समाज के सदस्यों को वोट करने, बोलने का अधिकार है। अवसर पर एजीएम मतदान प्रक्रिया के चेयरमैन डॉ. मोहन गुप्ता ने कहा कि अब जो किया जा रहा है, वह लीगल तरीके से समाज के संविधान के अनुसार है। उन्होंने प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। साथ ही कहा कि जो भी वोट दिया जाएगा, वह गुप्त रहेगा।

कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्ति पर असंवैधानिकता का सवाल

दो प्रश्न हैं क्या अध्यक्ष द्वारा कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्त असंवैधानिक है या नहीं। दूसरा प्रश्न अग्रवाल समाज तेलंगाना के अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करते हैं या नहीं। बस इन दो प्रश्नों पर अपना वोट दें। कार्यकारी अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार गोयल के पद को असंवैधानिक बताने तथा वर्तमान में अध्यक्ष अनिरुद्ध गुप्ता के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को सदन में प्रस्तुत कर इस पर सभी को मतदान कर अपनी राय देने का आग्रह किया गया।

अग्रवाल समाज के अध्यक्ष अनिरुद्ध गुप्ता के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कर की गई वोटिंग में 158 लोगों ने हाँ तथा 10 लोगों ने न कहा। 3 मत रिक्त रहे। इसी प्रकार युवा शाखा में 39 ने हाँ, 3 ने न कहा तथा एक मत रिक्त रहा। अग्रवाल समाज के अध्यक्ष द्वारा असंवैधानिक रूप से नरेन्द्र गोयल को कार्यकारी अध्यक्ष बनाये जाने के खिलाफ की गई वोटिंग में 165 लोगों ने हाँ, 5 लोगों ने न कहा। एक मत रिक्त रहा। शाखा में 40 ने हाँ, 2 ने न तथा एक मत रिक्त रहा।

सभा में अध्यक्ष अनिरुद्ध गुप्ता को अग्रवाल समाज आगापुरा शाखा के केंद्रीय समिति से हटाए जाने के बाद उपाध्यक्ष रूपेश अग्रवाल को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया। अवसर पर अग्रवाल समाज के निवर्तमान अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, उपाध्यक्ष रूपेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष अचल गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष अंजनी कुमार अग्रवाल, नरेश चौधरी, बैंक्वेट हॉल के अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल मंचासीन थे। साथ ही समाज की विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारी, केंद्रीय समिति सदस्य उपस्थित थे।

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