सौभाग्य और सौंदर्य प्रदाता है सौभाग्य सुंदरी व्रत

तिथि मुहूर्त

विक्रम पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह की तृतीया तिथि आज सुबह 7 बजकर 32 मिनट तक है। उदया तिथि के आधार पर सौभाग्य सुंदरी तीज व्रत आज रखा जाएगा। सनातन धर्म में कजरी तीज, हरियाली तीज और हरतालिका तीज का विशेष महत्व है।

इन तीनों तीजों के अलावा एक और तीज भी मनाई जाती है, जिसे सौभाग्य सुंदरी तीज कहते हैं। अगहन मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। सौभाग्य सुंदरी व्रत मुख्य रूप से वैवाहिक जीवन की खुशहाली और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए किया जाता है।

Ad

महत्व

धार्मिक मान्यता है कि यह व्रत करने से अखंड सौभाग्य, वैवाहिक सुख-समृद्धि और संतान की प्राप्ति होती है। संतान की सुख-समृद्धि की कामना के लिए भी सौभाग्य सुंदरी व्रत रखा जाता है। कुंवारी कन्याएं विवाह में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए यह व्रत करती हैं। यह व्रत कुंडली के मांगलिक दोष को दूर करने में भी लाभकारी माना जाता है।

यह भी पढ़े: प्रकाश पर्व पर करें गुरु नानक के संदेश को आत्मसात

पूजा विधि

सुबह भगवान गणेश की पूजा करें। इसके बाद नौ ग्रहों की पूजा करें। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। माता पार्वती को सोलह श्रृंगार की सामग्री, रोली, कुमकुम, चावल व सुपारी अर्पित करें। भगवान शिव को बेलपत्र, जल, धतूरा आदि अर्पित करें। समस्त शिव परिवार की पूजा करके आरती करें। पूजा करने के बाद दान-पुण्य करें।

Exit mobile version