महावीर भवन में प्रवचन सभा आयोजित
हैदराबाद, श्री महावीर स्वामी जैन श्वेतांबर संघ के तत्वावधान में फीलखाना स्थित महावीर भवन में अभिनंदनचन्द्रसागरजी म.सा. आदि ठाणा के सान्निध्य में प्रवचन सभा का आयोजन किया गया। अवसर पर पार्श्वचंद्रसागरजी म.सा. ने कहा कि आज के दिन शाश्वत तीर्थ पालीताणा में लाखों श्रद्धालुओं द्वारा फागुण की फेरी दी जाती है, जो अढ़ाई कोस की होती है।
गिरिराज स्थित पालीताणा तीर्थ अति प्राचीन व विशाल महातीर्थ है। यहाँ प्राय आशमना, तप, त्याग के लिए हर पल को अमूल्य बताया है। फागुण सुदी तेरस को बारह कोसी अर्थात फागुण की फेरी का विशेष महत्व है। इस तिथि को श्रीकृष्ण के पुत्र साम्ब और प्रद्युमन साढ़े आठ करोड़ मुनिवरों के साथ यहाँ मोक्ष पधारे थे। इस मार्ग में प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान जिनालय रायण वृक्ष रंग मंडप, अनेक जैन मंदिरों के नौ शिखर व 108 बड़े जिनालय, 972 छोटे मंदिर और करीब 7 हजार जिन प्रतिमाएँ है।
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शत्रुंजय तीर्थ और जैन इंटरनेशनल विद्यापीठ की योजना
छगाऊ की यात्रा, चंदन तलावड़ी भी है, जहाँ जैन धर्म के सूत्र लिखे हैं। इस फेरी में आनंदजी कल्याणजी पेढी व अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा खान-पान, चिकित्सा आदि की सुविधाएँ भक्तों के लिए उपलब्ध होती हैं। मंदिरों की महानगरी शत्रुंजय तीर्थ को शाश्वत सिद्ध क्षेत्र माना गया है। यहाँ आदिनाथ भगवान पधारे थे। यह गिरिराज बीस एकड़ में फैला है, जिसकी ऊँचाई 1640 फीट है। इस तीर्थराज के शिखर तक पहुँचने के लिए 3,750 सीढ़ियाँ (पावटिये) हैं।
प्रवचन सभा मं संघ के पूर्व मंत्री एवं प्रचारक जसराज देवड़ा धोका ने अभिनंदनचन्द्र सागर म.सा. के 18वें दीक्षा प्राप्त दिवस पर अनुमोदना कर जीवन परिचय दिया। उन्होंने कहा कि म.सा. का वर्ष 2025 का चातुर्मास जैन भवन, सिकंदराबाद में होगा। आपकी निश्रा व मार्गदर्शन में हैदराबाद में जैन इंटरनेशनल विद्यापीठ अप्रैल, 2025 से प्रारंभ होगा, जो जैन समाज के लिए शिक्षण हेतु अत्यंत उपयोगी होगा।
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