तेलंगाना में कड़ाके की ठंड, हैदराबाद व कई जिलों में 6°C तक गिरा पारा
हैदराबाद, तेलंगाना में शीतलहर का असर लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी हैदराबाद के बाहरी इलाकों और राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है, जिससे लोगों को सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
हैदराबाद के बाहरी इलाकों में सबसे ज्यादा ठंड
हैदराबाद के बाहरी क्षेत्रों में तापमान सबसे कम रिकॉर्ड किया गया। मोइनाबाद में न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस, जबकि इब्राहिमपटनम में 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कोर GHMC क्षेत्रों में भी ठंड का असर
शहर के मुख्य इलाकों में भी तापमान एकल अंक तक गिर गया। एचसीयू सर्लिंगमपल्ली में 7.5 डिग्री, मौलाअली 8.1, राजेंद्रनगर 8.9, बीएचईएल और शिवरामपल्ली 9.3, गाचीबाउली 9.7 और अलवाल में 10 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। चारमीनार, एलबी स्टेडियम और हिमायतनगर जैसे मध्य क्षेत्रों में भी तापमान करीब 12 डिग्री सेल्सियस रहा।
तेलंगाना के सबसे ठंडे जिले
राज्य स्तर पर संगारेड्डी सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद रंगारेड्डी (6.3), विकाराबाद (6.6) और केबी आसिफाबाद (6.8) शामिल रहे। मेदक, सिद्दीपेट, आदिलाबाद और कामारेड्डी में भी तापमान 8 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
ऊंचाई और भौगोलिक बनावट के कारण सर्दियों में सबसे ठंडे रहे विकाराबाद, संगारेड्डी
तेलंगाना में सर्दियों के मौसम के दौरान विकाराबाद, संगारेड्डी, रंगारेड्डी जिले लगातार सबसे ठंडे इलाकों में शामिल रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इन जिलों की अधिक ऊंचाई (हाई एलिवेशन) और भौगोलिक बनावट के कारण यहां तापमान तेजी से गिरता है, जिससे ये जिले सर्दियों में टॉपर्स बने रहते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन जिलों की ऊंचाई समुद्र तल से अधिक होने के साथ-साथ खुले भू-भाग और रात के समय तेज रेडिएशनल कूलिंग भी तापमान गिरने का प्रमुख कारण है। यही वजह है कि उत्तर तेलंगाना के जिलों के साथ-साथ ये इलाके भी सर्दी के मौसम में सबसे अधिक ठंड दर्ज करते हैं।
जंगल नहीं, ऊंचाई है मुख्य कारण
मौसम वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि केवल जंगलों की अधिकता से ठंड ज्यादा नहीं पड़ती। उदाहरण के तौर पर, संगारेड्डी में जंगलों का क्षेत्र अन्य जिलों की तुलना में कम होने के बावजूद यहां रिकॉर्ड ठंड दर्ज की जाती है। इसका प्रमुख कारण ऊंचाई और भू-आकृतिक संरचना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंचे इलाकों में रात के समय जमीन तेजी से ठंडी होती है, जिससे न्यूनतम तापमान में ज्यादा गिरावट दर्ज होती है। यही कारण है कि सर्दियों में ये जिले लगातार ठंडे बने रहते हैं।
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