सिंदूर बने अंगारे, पाकिस्तान और पीओके स्थित नौ आतंकी ठिकाने उड़ाए गये

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नई दिल्ली, भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए कार जवाबी कार्रवाई में मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठीकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें आतंकवादी समूहों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ भी शामिल हैं। भारत की नपी-तुली, टकराव को नहीं बढ़ाने वाली, संतुलित और जिम्मेदाराना कार्रवाई 25 मिनट तक चली।

भारत द्वारा किये गये मिसाइल हमलों में ध्वस्त आतंकी ठिकाने।

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि भारत ने 22 अप्रैल के पहलगाम हमले के दोषियों और साजिशकर्ताओं को न्याय के कघरे में लाने के लिए आनुपातिक हमले करने का निर्णय लिया, क्योंकि पाकिस्तान की ओर से उसके नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादी बुनियादी ढाँचे के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

गत 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले के पंद्रह दिन बाद ऑपरेशन सिंदूर नाम से शुरू की गई सैन्य कार्रवाई के लक्ष्यों में पंजाब प्रांत में बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ भी शामिल था, जो भारतीय सीमा से 100 किलोमीटर दूर स्थित है। जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर ने स्वीकार किया कि बहावलपुर में संगन के मुख्यालय पर भारत के मिसाइल हमले में उसके परिवार के 10 सदस्य और चार करीबी सहयोगी मारे गए।

भारत का ऑपरेशन सिंदूर: भारत की सटीक कार्रवाई और सम्मान का प्रतीक

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की सेना ने आतंकी शिविरों को नष्ट करने में सटीकता, सावधानी और करुणा के साथ काम करके इतिहास रच दिया है। सिंह ने कहा कि भारत ने पहलगाम हमले का जवाब देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया और लक्ष्यों को योजना के अनुसार नष्ट कर दिया गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ऑपरेशन सिंदूर पर कड़ी निगरानी रख रहे थे।

इस कार्रवाई के बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैक की और सफल हमलों के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना की। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने ही भारतीय कार्रवाई के लिए ऑपरेशन सिंदूर शब्द चुना था। भारत की इस सैन्य कार्रवाई के नाम में सिंदूर शब्द को जोड़ने का एक संदर्भ यह है कि भारतीय परंपरा में विवाहित महिलों अपनी माँग में सिंदूर लगाती हैं और इसे उनके सुहागन होने का एक प्रतीक माना जाता है।

ऑपरेशन सिंदूर नाम उन महिलाओं के प्रति सम्मान है, जिन्होंने 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में अपने पतियों को खो दिया था। मिसरी ने कहा कि भारत की कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस बयान के अनुरूप है, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले के दोषियों, आयोजकों, वित्तपोषकों और प्रायोजकों को जवाबदेह हराया गया है।

भारत का ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवादी ठिकानों पर हमले

सैन्य अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के तहत, भारतीय सेना ने मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के मरकज तैयबा, बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के मरकज सुभान अल्लाह और सियालकोट में हिजबुल मुजाहिदीन के महमूना जोया फैसिलिटी और बरनाला में मरकज अहले हदीस में लश्कर के अड्डे और मुजफ्फराबाद के शावाई नाला में उसके शिविर को निशाना बनाया।

मिसरी के साथ एक मीडिया ब्रीफिंग में दो महिला अधिकारियों- सेना की सिग्नल कोर की कर्नल सोफिया कुरैशी और भारतीय वायुसेना की हेलिकॉप्टर पायलट विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया कि यह अभियान देर रात 1:05 बजे से 1:30 बजे तक चलाया गया और सभी लक्ष्यों को कुशलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया।

अभियान के पूरा होने के 15 मिनट बाद रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कुछ समय पहले, भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में उन आतंकवादी बुनियादी ढाँचों पर हमला करते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जहाँ से भारत के खिलाफ आतंकवादी हमलों का मंसूबा बनाया गया और इसे निर्देशित किया गया।

भारत-पाक तनाव: मिसाइल हमले और उसके परिणाम

इसने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों की कार्रवाई केंद्रित और नपी-तुली थी। साथ ही यह ध्यान रखा गया कि यह और न बढ़े। बयान में कहा गया है कि किसी भी पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया है। भारत ने लक्ष्य के चयन और क्रियान्वयन के तरीके में काफी संयम दिखाया है। मिसरी ने कहा कि यह कार्रवाई नपी-तुली, टकराव को नहीं बढ़ाने वाली, संतुलित और जिम्मेदाराना थी।

इसमें आतंकवादी ढाँचे को नष्ट करने और आतंकियों को निक्रिय करने पर ध्यान केंद्रित किया जिन्हें भारत में भेजा जा सकता था। अधिकारियों ने बताया कि मिसाइल हमलों के तुरंत बाद पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास सीमावर्ती गाँवों पर भारी गोलाबारी की। उन्होंने कहा कि इसमें पुंछ सेक्टर में एक सैनिक और चार बच्चों समेत कम से कम 13 लोग मारे गए तथा 57 अन्य घायल हो गए।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारतीय मिसाइल हमलों को युद्ध की कार्रवाई करार दिया और कहा कि उनके देश को उचित जवाब देने का पूरा अधिकार है। हालाँकि, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि यदि नई दिल्ली नरम रुख अपनाती है तो इस्लामाबाद उसके साथ तनाव समाप्त करने के लिए तैयार है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारतीय हमलों को अकारण बताया और कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया है। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि इन हमलों में कम से कम 26 लोग मारे गए और 46 अन्य घायल हो गए।(भाषा)

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