सुयशाजी ने संवत्सरी पर्व पर दी तप आराधना करने की प्रेरणा
हैदराबाद, श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रमणोपासक संघ, रामकोट में सुधाकंवरजी म.सा. 5 आदि ठाणा के सान्निध्य में जीनवाणी की गंगा प्रवाहित हो रही है। यहाँ मदनलाल संचेती, रतनचंद कटारिया व शांतिलाल छाजेड़ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसर, पर्युषण पर्व के अंतिम दिन संवत्सरी महा पर्व पर सुयशाजी म.सा. ने अंतगढ़ दशांक सूत्र का वाचन किया। सुधाकंवरजी म.सा. कहा कि हर वर्ष अंतगढ़ दशा सूत्र का श्रवण करें। देवलोक के देवता भी इसका श्रवण करने का भाव रखते हैं।
सुयाशाजी म.सा. ने बताया कि संवत्सरी महा पर्व पर तप आराधना करनी चाहिए। प्रतिक्रमण का लक्ष्य रखें। सिर्फ वर्ष भर के पाप कर्म की आलोचना करने से पुण्य प्राप्ति नहीं होगी, जीवन में पाप करते समय जागरूक रहना चाहिए और संवत्सरी पर्व पर क्षमा याचना सर्वप्रथम दुश्मन से करनी चाहिए। चाहे अगला न करे, हम जिसे कष्ट देते हैं सबसे पहले उनसे क्षमायाचना करनी चाहिए। हमारे मन में किसी के प्रति द्वेष भाव आता है, तो भी हम पाप के भागी होते हैं।
संवत्सरी पारणे का लाभ केसरीमल सुशीला बाई, दिलीप, संजय, ऋषभ, हर्षित सुराणा परिवार ने लिया। संवत्सरी महा पर्व पर संघ के अध्यक्ष किशोर कुमार मुथा ने श्रावक-श्राविकाओं का स्वागत किया। उन्नति गौरव नहार ने 15, वनीता नीरज रांका ने 11, कमल चोरड़िया ने 9, भेरूलाल भलगट, रोहित मुथा, अभय गांधी, विमल पारख, प्रियांश सिसोदिया, विशाल कोठारी, साहिल बंब, गुणिका सुराणा, कृपा सिसोदिया, प्रिया पापड़ा, समता सिंघी, सेजल भलगट, महिमा सिंघी, दिया सुराणा ने 8-8, संस्कार सिंघी ने 6, छवि कोठारी, दीक्षिता देरासरिया ने 5-5 उपवास किए।
हर्षित सुराणा, यश कोठारी, पीयूष डागा, गौरव कासलीवाल, मोहित मुथा, सिद्धार्थ तातेड़, विशाल डागा, गगन मरलेचा, विधि मुथा, सुमन रूणवाल, भुवी कोठारी (नांदेड़), अंजू बंब, प्रियंका सिंघवी, रजिता डागा व अन्य ने तेले तप के प्रत्यख्यान लिये। 121 श्रावक-श्राविकाओं ने उपवास के पच्चखान व 71 श्रावक-श्राविकाओं ने एकासना के पच्चखान ग्रहण किये।
कलश बोली व उपवास-प्रतिक्रमण में श्रावकों की भागीदारी
महामंत्र नवकार के मंगल कलशों की बोली के तहत प्रथम कलश की बोली चम्पा लाल, मानकचंद, गणपत लाल, विनोद, अशोक, आशीष सिंघवी परिवार ने, द्वितीय कलश की बोली पीरूलाल अनिल, मनीष नाबेड़ा परिवार ने, तृतीय कलश की बोली शिखरचंद, नरेश कुमार, धर्मेश कुलदीप भंडारी परिवार ने, चतुर्थ कलश की बोली नवरतनमल, गौतम उतम महावीर, संतोष, रणजीत, सुरेंद्र कोठारी परिवार ने, पंचम कलश की बोली रतनलाल, सुनील कुमार, सुशील, कैलाश, अभिषेक, ऋषभ पीपाड़ा परिवार ने ली। कलशो की बोली लेने वाले परिवारों का स्वागत कार्याध्यक्ष धनराज गडवाणी, स्वागत अध्यक्ष धर्मचंद भंसाली, उपाध्यक्ष गौतमचंद कांकरिया, राजेन्द्र सिंघी, हुकमीचंद तातेड़, देवीचंद सिंघी, टी. गौतमचंद कोठारी ने किया।
यह भी पढ़ें… संयम ग्रहण करने के लिए मायने नहीं रखती आयु : सुधाकंवरजी
एकासना का लाभ अमरचंद, रमाबाई हेमंत कोटेचा परिवार ने, प्रवचन प्रभावना का लाभ चौथमल, किशोर, दिनेश, जितेश, राजेश बडाला परिवार, विक्रम शंकर, राजेश सिसोदिया परिवार, प्रतिक्रमण की प्रभावना भूरालाल, पूनमचंद, संदीप, सलोनी कोचेटा परिवार ने लिया। अट्ठाई तप के बहुमान के लाभार्थी जुगराज किशोर कुमार, प्रतीक मुथा, पारसमल, कमला बाई, जितेन्द्र भंडारी, जोगी लाल, संगीता अनिल, सुनील पीपाड़ा परिवार ने लिया। तेले तप के बहुमान का लाभ चंचल बाई, भागचंद, जितेन्द्र संजय सिंघी परिवार ने लिया। संवत्सरी के दिन 300 सदस्यों ने पौषध व्रत किया। सुशीलाबाई केसरीमल दिलीप संजय ऋषभ हर्षित कुमार सुराणा परिवार ने 400 शाही पारणे कराने का लाभ लिया।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



