bhakti poetry
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कविता
हे महाशक्ति मैया
पार करा दो हमरी नैया,ओ मेरी प्यारी दुर्गा मैया,मझधार में अटक गया हूँ,राह अपनी भटक गया हूँ। जाऊं तो जाऊं…
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पार करा दो हमरी नैया,ओ मेरी प्यारी दुर्गा मैया,मझधार में अटक गया हूँ,राह अपनी भटक गया हूँ। जाऊं तो जाऊं…
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