hindi poetry
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कविता
शिकारी खुद शिकार होको गै
ऐसी मारी अँख्यौं से कटारी, शिकारी खुद शिकार होको गै,हुस्न(1) ऐसा नगद सामने था के हौसले उधार होको गै।। दिल…
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हमारा शहर
बीएचईएल कॉर्पोरेट अनुसंधान एवं विकास में हुआ हिन्दी कविता पाठ
हैदराबाद, राजभाषा विभाग द्वारा बीएचईएल कॉर्पोरेट अनुसंधान एवं विकास में आज हिन्दी कविता पाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहाँ…
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हमारा शहर
कादम्बिनी क्लब गोष्ठी : हरेराम समीप का गजल सत्र
हैदराबाद, कादम्बिनी क्लब, हैदराबाद के तत्वावधान में गूगल मीट के माध्यम से प्रो. ऋषभदेव शर्मा (हिन्दी परामर्शी दूरस्थ शिक्षा विभाग,…
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कविता
प्यार का दीदार
उसकी एक नज़रलाखों तीर चलाती मुझ परवो देखता है जब मुझे लोगों से नज़रें चुराकरमैं पिघलने लगती हूं शर्माकरमैं भी…
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