Hindu philosophy
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एक ही रास्ता
शांति का मूल है उदारता
अयं निज परो वेति गणना लघु चेतसाम्।उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम।। ‘महोपनिषेद’ के इस श्लोक का अर्थ है कि यह मेरा…
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एक ही रास्ता
दिव्य-जीवन जीने की कला सिखाता महाराज यदु और तपोमय दत्तात्रेय का संवाद
पृथ्वी का आदर करना हमारा नैतिक दायित्व है। उसके प्रति कृतज्ञ रहना हमारा धर्म है। मनुष्य के जीवन में यदि…
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प्रवचन
कच का अहं त्याग
देवगुरू महर्षि बृहस्पति के पुत्र कच ने युवा होते ही निश्चय किया कि प्राणी का पहला कर्तव्य है- जन्म-मरण के…
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प्रवचन
शिवोऽहम अर्थात सर्वकल्याणकारी
सृष्टि के प्रत्येक जड़ व चेतन में ब्रह्मांडीय चेतना का अंश है- शिव। त्रिकालिक सत्य का ज्ञान न होने के…
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आस्था
धर्म व देश के रक्षक होते हैं शंकराचार्य
भारतीय सनातन परंपरा के विकास, धर्म के प्रचार-प्रसार और हिन्दू धर्म के उत्थान में आदि गुरु शंकराचार्य की भूमिका बहुत…
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प्रवचन
आध्यात्मिक रूप से हों परिपक्व
हर सनातनी को स्वयं को अध्यात्म की ओर प्रवृत्त करना चाहिए। इसके लिए ध्यान, योग, प्रार्थना, स्वाध्याय (अध्ययन) और सेवा…
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