हैदराबाद, ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) में पुनर्सीमांकन के नाम पर बिना किसी स्पष्ट नीति के डिवीजनों का मनमाने ढंग से गठन करने का आरोप लगाते हुए पूर्व मंत्री और सनत नगर विधायक तलसानी श्रीनिवास यादव ने नई व्यवस्था को पूरी तरह भ्रमित करने और पारदर्शिता का अभाव होने की जानकारी दी। आज टैंक बंड स्थित जीएचएमसी मुख्यालय में विधायक तलसानी श्रीनिवास यादव के नेतृत्व में एमएलसी दासोजू श्रवण, सुरभि वाणी देवी, विधायक मल्लारेड्डी, मुटा गोपाल, कालेरु वेंकटेश, मर्री राजशेखर रेड्डी और कई पार्षदों ने आयुक्त कर्णन से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने डिवीजनों के गठन में हुई गंभीर त्रुटियों की ओर आयुक्त का ध्यान भी आकर्षित किया। ज्ञापन सौंपने के बाद मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए तलसानी ने कहा कि डिवीजनों के पुर्नसीमांकन की प्रक्रिया पूरी तरह अव्यवस्थित है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और आम जनता से कोई राय लिए बिना कार्यालयों में बैठकर अधिकारियों ने अपनी सुविधा के अनुसार डिविजनों की सीमाएं तय कर दीं।
बताया जाता है कि नेताओं के सुझाव स्वीकारने के बाद आयुक्त कर्णन ने प्रतिनिधिमंडल को पार्षदों की राय और सुझाव जानने के लिए मंगलवार को एक विशेष बैठक आयोजित करने की जानकारी दी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तलसानी श्रीनिवास यादव ने सवाल उठाया कि बिना किसी ठोस आवश्यकता के ओआरआर के भीतर स्थित नगर पालिकाओं और निगमों को जीएचएमसी में विलय कर 150 डिविजनों को बढ़ाकर 300 करने की जल्दबाजी क्यों की गई।
फ्लेक्सी बैनरों में भेदभाव पर पूर्व मंत्री ने जताई आपत्ति
श्रीनिवास यादव ने कहा कि जब मौजूदा 150 डिवीजनों के लिए ही पर्याप्त अधिकारी और मानव संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, तो नए 150 डिवीजनों का गठन कैसे संभव होगा। तलसानी ने आरोप लगाया कि पार्षदों को प्रति डिविजन दो करोड़ रुपये देने की घोषणा कर केवल प्रचार किया गया और बाद में फाइलें प्रभारी मंत्रियों को सौंप दी गईं, जो उचित नहीं है। पूर्व मंत्री ने शहर में विभिन्न अवसरों पर लगाए जाने वाले फ्लेक्सी बैनरों को लेकर भी आपत्ति जताई।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि केवल उनकी पार्टी से जुड़े फ्लेक्सी हटाए जा रहे हैं, जबकि अन्य दलों के बैनरों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि यदि कार्रवाई करनी है तो सभी राजनीतिक दलों के फ्लेक्सी समान रूप से हटाए जाएं। तलसानी श्रीनिवास यादव ने कहा कि मंगलवार को होने वाली जीएचएमसी काउंसिल बैठक में इन सभी मुद्दों पर जोरदार तरीके से सवाल उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन विषयों को आयुक्त के संज्ञान में भी लाया गया है और जब तक डिविजनों के गठन में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहेगा।
