कानून व्यवस्था बनाए रखने में देश में अव्वल तेलंगाना पुलिस
चाहे घर-परिवार हो या समाज अथवा राज्य या फिर देश में तभी विकास व कल्याण संभव हो पाता है जब शांति बनी रहे, बिना शांति के विकास संभव नहीं हो पाता। जब हम राज्य व देश की बात करते हैं तो शांति और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस व्यवस्था पर होती है। सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी तो सेना कर रही है, लेकिन आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पुलिस की ही होती है।
जब कानून-व्यवस्था की बात की जाए तो देश भर में तेलंगाना पुलिस का कोई सानी नहीं है, दूसरे शब्दों में कहा जाए तो तेलंगाना पुलिस इस दिशा में न केवल अव्वल बनी हुई है बल्कि अन्य राज्यों के लिए आदर्श भी बन चुकी है। तेलंगाना की पुलिस व्यवस्था में सुधार की शुरुआत तेलंगाना के गठन के साथ ही हुई। तेलंगाना के आविर्भाव के साथ ही तेलंगाना के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पाश्चात्य देशों का दौरा कर वहां की पुलिस व्यवस्था का अध्ययन कर उसी तरह की व्यवस्था को यहाँ पर अमल में लाने का प्रयास किया और वे धीरे-धीरे इसमें सफल भी हो रहे हैं।

विशेष कर अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करने में तेलंगाना पुलिस देश में अग्रणी है। उदाहरण के तौर पर हम देख सकते हैं कि देश भर में सीसीटीवी कैमरों को लगाने में भी तेलंगाना पुलिस के मुकाबले अन्य राज्यों की पुलिस काफी पीछे है। आंकड़ों के अनुसार देश भर में जितने सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं उसके 30 प्रतिशत कैमरे तो तेलंगाना में ही लगाए गये हैं। वर्तमान समय तक तेलंगाना में कुल 11.65 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गये हैं और इनमें से 53,651 कैमरे वर्ष 2024 के दौरान लगाए गये हैं।
अत्याधुनिक तकनीक से अपराध पर कसा शिकंजा
अत्याधुनिक तकनीक की बात की जाए तो तेलंगाना पुलिस ने फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर तैयार किया है जिसके जरिए लापता बच्चों की पहचान की जाती है। इस सॉफ्टवेयर के जरिए तेलंगाना में ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी बड़े पैमाने पर लम्बे समय से लापता बच्चों की पहचान कर उन्हें तलाशने में सफलता हासिल की गयी है। अत्याधुनिक तकनीकी का उपयोग कर तेलंगाना पुलिस ने कई जघन्य व जटिल आपराधिक मामलों को निपटाने में भी अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा खो गए या फिर चुराए गये सेलफोन की तलाश के लिए 5 सितंबर 2022 को सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल तैयार कर इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पहले कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तर पूर्वी राज्यों में लाँच किया था और तेलंगाना में इसे 19 अप्रैल 2023 को लाँच किया गया। इस पोर्टल को लाँच करने से लेकर वर्तमान समय तक इस पोर्टल के जरिए 78,114 सेल फोन तलाश कर तेलंगाना पुलिस देश भर में अव्वल बनी हुई है।
इस पोर्टल के जरिए हैदराबाद पुलिस ने सर्वाधिक 11,879, साइबराबाद 10,385 और राचकोंडा पुलिस ने 8,681 सेलफोन तलाशे हैं। इस पोर्टल को राज्य के सभी 780 पुलिस थानों में अमल में लाया जा रहा है। तेलंगाना पुलिस ने अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए न केवल बड़े पैमाने पर आपराधिक मामलों को सुलझाने में सफलता हासिल की है बल्कि तकनीक आधारित ठोस सबूत पेश करते हुए अपराधियों को जेल पहुंचाने (कनविक्शन) में भी सफलता हासिल करते हुए वर्ष 2024 के दौरान लगभग 40 प्रतिशत कनविक्शन की दर हासिल की है।
नक्सलियों की कसी नकेल
तेलंगाना के गठन से पूर्व कयास लगाए जा रहे थे कि अलग राज्य के रूप में तेलंगाना का गठन किया जाएगा तो तेलंगाना में नक्सली हिंसा का तांडव करेंगे, लेकिन तेलंगाना पुलिस ने इन सभी कयासों पर पूरी तरह से पानी फेर दिया। तेलंगाना पुलिस ने एक ओर नक्सली हिंसा को नियंत्रित करते हुए तो दूसरी ओर नक्सलियों को जीवन की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

इसके परिणाम स्वरूप इस वर्ष बड़े पैमाने पर 100 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिसमें कुछ शीर्ष नक्सली भी शामिल हैं। इसके साथ ही तेलंगाना पुलिस ने हाल ही में भद्रादी कोत्तागुडेम से गत 17 व 18 मई को 20 नक्सलियों को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी मात्रा में हथियार, गोला बारूद और नकदी आदि जब्त किया है। जिसमें 5.56 एमएम इंसास राइफल (3), 6 मैगजीन, 70 कारतूस, 7.62 एमएम एसएलआर राइफल (4), 10 मैगजीन, 88 कारतूस, पॉइंट 303 राइफल (01), एक मैगजीन, 11 कारतूस, 8 एमएम राइफल (04), 11 कारतूस, 12 बोर वेपन कार्टेज (16), 2 लाइव ग्रेनेड शामिल है।
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नक्सल विरोधी अभियानों में तेलंगाना पुलिस की सफलता
इसके अलावा 58,155 रुपये की नकदी, 4 वॉकी टाकी, 6 रेडियो, 9 रिचार्ज बैटरी, 6 पेन ड्राइव, 6 मेमोरी कार्ड, 8 कार्ड रीडर, 2 किट बैग, पार्टी संबंधी साहित्य भी जब्त किया है। वहीं पिछले वर्ष 85 नक्सलियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में हथियार बरामद किये गये थे। हाल ही में तेलंगाना पुलिस ने शीर्ष नक्सली नेता बसवराजू समेत 27 नक्सलियों को पुलिस मुठभेड़ में ढेर किया है।
बसवराजू पर 2 करोड़ रुपये का इनाम रखा गया था, उसे मुठभेड़ में मार गिराने में सफलता हासिल की, मुठभेड़ में एक शीर्ष महिला नक्सली भी मारी गयी। तेलंगाना पुलिस नक्सली हिंसा के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के अलावा लगातार उन्हें जीवन की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। तेलंगाना पुलिस की सख्त कार्रवाई के चलते नक्सली तेलंगाना से छत्तीसगढ़ की ओर पलायन करने पर मजबूर हो रहे हैं।
ड्रग्स के खिलाफ चुनौतीपूर्ण कार्य
तेलंगाना की हैदराबाद पुलिस को हाल ही में दुबई में आयोजित वर्ल्ड पुलिस सम्मिट 2025 में ड्रग्स के खिलाफ बेहतर कार्य करने के लिए विश्व स्तरीय एक्सीलेंस अवार्ड से नवाजा गया, इस अवार्ड के लिए विश्व के 138 देशों की पुलिस ने भाग लिया और 12 श्रेणियों में एक्सीलेंस अवार्ड दिये गये जिसमें से ड्रग्स के खिलाफ हैदराबाद पुलिस की कार्रवाई को देखते हुए यह अवार्ड उसे दिया गया। तेलंगाना पुलिस ने हैदराबाद समेत राज्य को ड्रग्स मुक्त करने का बीड़ा उठाया है और इसी उद्देश्य के साथ अपने कार्यों को अंजाम दे रही है।

तेलंगाना पुलिस एक ओर ड्रग्स तस्करों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है तो दूसरी ओर इसकी लत के शिकार युवाओं व अन्य लोगों को रिहैबिलिटेशन सेंटर भी भेज रही है, जिससे वे इस लत से छुटकारा पा सकें। इसके साथ ही युवाओं को ड्रग्स की लत से बचाने और इसके खिलाफ जागरूकता लाने के लिए स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ समितियों का गठन कर कार्रवाई भी की जा रही है।
ड्रग्स विरोधी कार्रवाई में तेलंगाना की कड़ी पहल
ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तेलंगाना एंटी नारकोटिक्स ब्यूरो का गठन कर इसे अतिरिक्त स्टाफ और अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस किया गया है। ब्यूरो ने पिछले वर्ष ड्रग्स तस्करी के 1,942 मामले दर्ज कर 4,682 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन मामलों में 142.95 करोड़ रुपये का ड्रग्स जब्त किया गया। ड्रग्स व गांजा तस्करों के खिलाफ कड़े कदम उठाते हुए तेलंगाना पुलिस ने एसएएफईएमए के तहत 122 मामले में तस्करों की 55.8 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति फ्रीज कर दी है।
एंटी नारकोटिक्स विंग द्वारा 10.33 करोड़ रुपये की लागत से खरीदे गये 54 चार पहिया वाहन और 118 दुपहिया वाहन को कुछ माह पूर्व मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इससे स्पष्ट हो रहा है कि तेलंगाना सरकार भी ड्रग्स के खिलाफ किस तरह से तेलंगाना पुलिस के हाथ मजबूत कर रही है।
इसके अलावा हाल ही में तेलंगाना पुलिस ने देश में एक नई शुरुआत करते हुए 50 किन्नरों को समाज में सम्मानकारी जीवन देने के उद्देश्य से हैदराबाद यातायात पुलिस विभाग में नौकरी दी है और अब ये किन्नर शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं।
-मनीष सिंह
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