तेलंगाना : चुनौतियों से भरी है केरोसिन वितरण की राह
हैदराबाद, तेलंगाना सरकार को केंद्र द्वारा आवंटित 1,740 किलोलीटर केरोसिन के वितरण के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने में राज्य प्रशासन को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सीमित मात्रा, भंडारण व वितरण ढाँचे की कमी और राज्य के केरोसिन-फ्री दर्जे के कारण योजना को लागू करना कठिन हो रहा है। सरकार फिलहाल मूल्य निर्धारण, आपूर्ति तंत्र और वितरण व्यवस्था को अंतिम रूप देने के लिए संबंधित एजेंसियों से स्पष्टता का इंतजार कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, तेलंगाना सरकार 1,740 किलोलीटर सुपीरियर केरोसिन ऑयल के वितरण के लिए दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप देने पर काम कर रही है। यह केरोसिन केंद्र सरकार द्वारा खाना पकाने के उद्देश्य से एड-हॉक सार्वजनिक वितरण प्रणाली योजना के तहत राज्य को आवंटित किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि तेलंगाना पहले ही केरोसिन-फ्री राज्य घोषित किया जा चुका है।
अब इसके लिए नयी व्यवस्था बनानी होगी। इसके अलावा सीमित आवंटन और लॉजिस्टिक समस्याएँ इस योजना को लागू करने में प्रमुख बाधाएँ हैं, क्योंकि यह मात्रा राज्य के 1.05 करोड़ राशन कार्ड धारकों के मुकाबले बहुत कम है और राज्य में केरोसिन के भंडारण और वितरण की कोई व्यवस्था नहीं है। पूर्व में केरोसिन की वितरण व्यवस्था नामित खुदरा विक्रेताओं के माध्यम से डीलरों द्वारा की जाती थी। उस व्यवस्था के समाप्त होने के बाद वैकल्पिक प्रणाली अभी तक स्थापित नहीं हुई है।
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प्रशासन को नई वितरण व्यवस्था स्थापित करना चुनौतीपूर्ण
नई व्यवस्था तत्काल स्थापित करना इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है कि इसके लिए डीलरों के पास न तो लाइसेंस हैं और न ही भंडारण के लिए भूमिगत टैंक। यदि प्रशासन को फिर से वितरण शुरू करना है, तो वितरण के लिए कोई नई व्यवस्था बनानी होगी। इस स्थिति में प्रशासन द्वारा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा स्पष्टता का इंतजार किया जा रहा है। मार्केटिंग कंपनियों से वितरण चैनल की स्पष्टता के बाद ही राज्य प्रशासन इस संबंध में आगे की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
सूत्रों के अनुसार, मूल्य निर्धारण और आपूर्ति से संबंधित स्पष्टता अभी नहीं मिल पायी है। केरोसिन का खरीदी मूल्य, परिवहन लागत, वैट और उपभोक्ता मूल्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्तरों पर कीमत तय करने के दिशा-निर्देश तैयार करने के बाद ही राज्य सरकार आधिकारिक आदेश जारी करेगी। उल्लेखनीय है कि गत 12 मार्च को केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वितरित किए गए कुल 48,240 किलोलीटर केरोसिन में से 1,740 किलोलीटर तेलंगाना को आवंटित किया।
मंत्रालय ने निर्देश में कहा कि केरोसिन का उपयोग केवल खाना पकाने और रोशनी के लिए किया जाए। इसका वितरण राशन दुकानों या अन्य निर्धारित केंद्रों, जैसे सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के रिटेल आउटलेट्स के माध्यम से किया जाए। वितरण का पैमाना और मानदंड राज्यों पर छोड़ दिया गया है। इधर इस बात पर चर्चा जारी है कि कंपनी के रिटेल आउटलेट पर इसका वितरण किया जाता है, तो किस रूप में होगा और क्या इसके भंडारण की व्यवस्था इन आउटलेट पर है। इस तरह की कई चुनौतियाँ है, जिसे पार करके केरोसिन वितरण की नई व्यवस्था बनायी जा सकती है।
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