राज्य में तेलंगाना द्रोहियों का शासन : हरीश राव

हैदराबाद, भारत राष्ट्र समिति (भारास) विधायक व पूर्व मंत्री टी. हरीश राव ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को तेलंगाना द्रोही करार देते हुए कहा कि तेलंगाना में प्रजा शासन नहीं, बल्कि तेलंगाना द्रोहियों का शासन चल रहा है। इसलिए राज्य में योग्य दलित अधिकारियों के मौजद होने के बावजूद बिजली विभागों में अनुभवहीन आंध्र अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया जा रहा है।

भारास मुख्यालय तेलंगाना भवन में मीडिया से बात करते हुए टी. हरीश राव ने आरोप लगाया कि वर्तमान में सरकार बिजली विभाग को आंध्र के अधिकारियों से भर रही है। यह तेलंगाना के आत्मगौरव पर चोट करना ही है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना बिजली व्यवस्था अस्त-व्यस्त है और मांग की कि तुरंत ही एपी बिजली अधिकारियों को हटाया जाए और तेलंगाना से संबंधित योग्य अनुभवी अधिकारियों को अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि तेलंगाना आंदोलनकारियों पर बंदूक लेकर निकलने वाले राइफल रेड्डी (रेवंत रेड्डी) और उनके गुरु आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायुडू दोनों तेलंगाना द्रोही हैं, इसलिए नियुक्तियों में भी तेलंगाना द्रोहियों को ही अवसर दिए जा रहे हैं।

तेलंगाना में प्रजा शासन नहीं, बल्कि द्रोहियों का शासन चल रहा

मंत्री ने कहा कि राज्य में प्रजा शासन नहीं बल्कि तेलंगाना द्रोहियों का शासन चल रहा है। कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से बिजली विभाग के अत्यंत महत्वपूर्ण पदों पर आंध्र के अधिकारी बैठे हुए हैं। ऐसा लग रहा है राज्य की कांग्रेस सरकार को पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश सरकार चला रही है। उन्होंने कहा कि जेनको प्रॉजेक्ट डॉयरेक्टर के तौर पर काम करने कई योग्य अनुभवी अधिकारी तेलंगाना में मौजूद हैं लेकिन कांग्रेस सरकार ने इस पद पर सिंगरेणी में काम करके रिटायर हो चुके आंध्रा व्यक्ति राजशेखर रेड्डी जिन्होंने कभी भी बिजली विभाग में काम तक नहीं किया है, को हाईडल एंड थर्मल प्रॉजेक्ट डॉयरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया है।

सरकार का यह कदम तेलंगाना के बिजली इंजीनियरों व कर्मचारियों का अपमान ही है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना आंदोलन की खिल्ली उड़ाने वाले अखंड आंध्रवादी व्यक्ति कुमार राजू को लाकर जेनको में बिजली कर्मचारी निदेशक बना दिया गया है। एक तेलंगाना द्रोही को लाकर तेलंगाना में नौकरी कैसे दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में माइनिंग इंजीनियर के तौर पर काम करने वाले शिवाजी नामक अधिकारी को एसपीडीसीएल में महत्वपूर्ण प्रॉजेक्ट एंड एचआरडी पद पर सीधे नियुक्त कर दिया गया है।

इन्हें बिजली पर कोई जानकारी तक नहीं है। उन्होंने कहा कि एसीबी केस में भारी भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने वाले आंध्रा अधिकारी नंद कुमार को चीफ इंस्पेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया है। उन्होंने प्रश्न किया कि इतने महत्वपूर्ण पद के लिए सरकार को क्या तेलंगाना में कोई योग्य अधिकारी नहीं मिला?

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तेलंगाना के योग्य दलित अधिकारियों को नजरअंदाज कर आंध्र अधिकारी नियुक्त

पूर्व मंत्री ने आगे कहा कि तेलंगाना में चीफ इंजीनियर के तौर पर रिटायर्ड हुए कई योग्य दलित अधिकारी मौजूद हैं। उन सभी को दरकिनार कर एसपीडीसीएल ऑपरेशन डॉयरेक्टर पोस्ट पर आंध्रा प्रांत से लाकर नरसिम्हुलू नामक अधिकारी को नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस रवैये से तेलंगाना के अधिकारी व कर्मचारी दुःखी हो रहे हैं और पूछ रहे हैं क्या सरकार को महत्वपूर्ण पदों के लिए तेलंगाना के अधिकारी नजर नहीं आ रहे हैं।

हरीश राव ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से तुरंत ही कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी कोडंगल – नारायणपेट लिफ्ट इरिगेशन प्रॉजेक्ट निर्माण की आधारशिला रखने जा रहे हैं, जबकि इसका पानी गांवों में जाएगा जिससे चुनाव के समय प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से जनता प्रभावित होगी।

अब चुनाव आयोग बताये क्या यह चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन है या नहीं। उन्होंने प्रश्न किया कि पिछले दो वर्षों से सरकार ने सड़कों व प्रॉजेक्टों की आधारशिलाएं क्यों नहीं रखी हैं, क्या चुनाव के समय ही याद आया है। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि क्या चुनाव आयोग सो रहा है, आखिर क्यों कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि चुनाव आयोग तुरंत ही समीक्षा करके पुलिस को केस दर्ज करने का आदेश दे। उन्होंने कहा कि आयोग की जिम्मेदारी है कि वह चुनावी कोड का पालन करवाए।

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