जीएचएमसी साधारण सभा ने उठाए वार्ड परिसीमन के आधार पर सवाल
हैदराबाद, ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम की साधारण सभा ने आज वार्ड परिसीमन पर ज़ोरदार चर्चा की। हालाँकि कांग्रेस से जुड़े पार्षद खुलकर सरकार का विरोध करने से बचे, लेकिन दलगत भावना से ऊपर उठकर लगभग सभी ने परिसीमन के आधार पर सवाल उठाए। विशेषकर इस बात पर अफसोस जताया कि परिसीमन अधिसूचना से पहले उन्हें इस बात की खबर नहीं दी गयी और ना ही उनके सुझाव प्राप्त किये गए। दूसरी ओर कई पार्षदों ने इलाकों के बिखरने पर चिंता जताते हुए अपने किये हुए विकास कार्यों के फल न मिल पाने पर दुःख प्रकट किया।
सामान्य रूप से शांतिपूर्ण रही साधारण सभा की बैठक का अंत अप्रत्याशित रूप से भाजपा द्वारा नये जीएचएमसी का नक़्शा फाड़कर हवा में लहरहाने के हंगामे के साथ हुआ। भाजपा ने इस बात का खुलकर इल्ज़ाम लगाया कि इस परिसीमन के माध्यम से दारूसलाम को लाभ पहुँचाया गया है। जीएचएमसी साधारण सभा की विशेष बैठक निगम के वार्डों को 150 से 300 तक विस्तार कर उनके परिसीमन की प्राथमिक अधिसूचना पर चर्चा और सुझाव प्राप्त करने के लिए आयोजित की गयी।
कांग्रेस व मजलिस ने आधार और पारदर्शिता पर सवाल उठाए
परिसीमन प्रक्रिया को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने आपत्तियाँ दर्ज करायीं। हालाँकि उनकी प्रतिक्रियाओं की तीव्रता के स्वर अलग-अलग रहे। सत्तारूढ़ कांग्रेस के नेताओं ने परिसीमन के आधार को लेकर स्पष्टता की माँग की, वहीं विपक्षी दल बीआरएस और भाजपा की आलोचना अपेक्षाकृत अधिक तीखी रही। दोनों दलों ने इस प्रक्रिया को मनमाना बताते हुए वैधानिक नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
सत्तारूढ़ कांग्रेस की मित्र मानी जाने वाली मजलिस पार्टी ने परिसीमन को ऐतिहासिक बताते हुए आधार पर सवाल उठाए। बीआरएस और भाजपा के विधायक और पार्षदों का मानना था कि यह प्रक्रिया सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस में बिना व्यापक परामर्श के की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह परिसीमन न भौगोलिक आधार पर ठीक और न जनसंख्या के आधार पर न्यायसंगत।
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दासोजू श्रवण ने की अधिसूचना रद्द कर नई समिति की माँग
बीआरएस के सनतनगर विधायक व पूर्व मंत्री और तलसानी श्रीनिवास यादव ने परिसीमन को मनमाना और अव्यवस्थित बताते हुए स्पष्ट नीति और परामर्श के अभाव का आरोप लगाया। उन्होंने आउटर रिंग रोड की सीमा के भीतर आने वाले नागरिक निकायों को बिना राजनीतिक दलों को शामिल किए या जनता की राय लिए जीएचएमसी में विलय करने और डिवीज़नों की संख्या दोगुनी करने की जल्दबाजी पर सवाल उठाये।
सबसे तीखा स्वर एमएलसी दासोजू श्रवण कुमार का था। उन्होंने सीधे-सीधे अधिसूचना को रद्द करने की माँग करते हुए कहा कि इसके लिए अलग से एक समिति या आयोग का गठन किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार इस परिसीमन प्रक्रिया के माध्यम से स्थानीय लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। जनसंख्या मानदंडों, भौगोलिक संतुलन और तकनीकी अध्ययन का पालन किए बिना वार्ड सीमाएँ बदली गयीं। विधायक कालेरू वेंकटेश ने बतुकम्मा कुंटे के नाम पर डिवीजन का नाम रखने का सुझाव रखा।
कांग्रेस विधायक दानम नागेंदर ने अधिकारियों से इस बात पर स्पष्टता चाही कि यह परिसीमन किस आधार पर किया गया है। मजलिस विधायक अहमद बलाला ने कहा कि यह परिसीमन ऐतिहासिक है, इसलिए भी की इसकी प्रक्रिया जल्दबाज़ी में की गयी। उन्होंने कहा कि इससे मजलिस को राजनीतिक नुकसान पहुँचाया गया। उन्होंने इस बात के लिए प्रशासन की सराहना की कि परिसीमन पर चर्चा के लिए साधारण सभा की बैठक बुलाई गयी, जो इससे पहले नहीं हुआ। मजलिस को नुकसान पहुँचाने का समर्थन करते हुए मुगलपुरा पार्षद नसरीन ने कहा कि उनके डिवीजन के इलाकों को हरीबावली डिवीजन में मिला दिया गया है।
वार्ड विभाजन से जनसंख्या संतुलन और निगरानी पर सवाल
बड़ी संख्या में पार्षदों ने इस बात का उल्लेख किया कि जिस इलाके में उन्होंने जमकर काम किया, करोड़ों रुपयों के विकास कार्य किये, लेकिन परिसीमन में वह इलाके उनके डिविजन से अलग कर दिये गये हैं। कुछ पार्षदों ने तो यह भी पूछा कि जारी विकास कार्यों की निगरानी कौन करेगा। वह कार्य किस तरह पूरे किये जाएँगे। कुछ पार्षदों ने ऐतिहासिक नामों की उपेक्षा करने पर आपत्ति जतायी। अधिकतर सदस्यों ने परिसीमन के आधार में स्पष्टता न होने के आरोप लगाते हुए कई सारे प्रमाण प्रस्तुत किये। यहाँ तक कि उप महापौर श्रीलता शोभन रेड्डी ने अपने परिसीमन की पूर्व सूचना न होने तथा अपने इलाकों के बिखरने पर चिंता जतायी।
कांग्रेस, मजलिस और भाजपा के कुछ पार्षदों द्वारा समुदाय आधारित इलाकों की चर्चा करने के बावजूद भाजपा के पार्षद श्रवण और कांग्रेस पार्षद बाबा फसीहुद्दीन ने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिक के रूप में वह सार्वजनिक रूप से किसी भी जगह से चुनाव लड़ सकते हैं। परिसीमन में इलाके विभाजित करने पर उनके सार्वजनिक जीवन के लिए कोई चिंता नहीं है। वह अपने बलबूते पर जगह बनाने में सक्षम हैं।
पार्षदों ने जनसंख्या के समान न होने तथा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र एवं राजस्व क्षेत्र अलग अलग होने पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं का उल्लेख किया। इस बात के भी सवाल उठाए गये कि जब 1.12 करोड़ के लिए 150 वार्ड थे, तो फिर शेष 25 से 30 लाख लोगों के लिए 150 वार्डों का प्रस्ताव किस हद तक न्यायसंगत है। भाजपा पार्षद आकुला श्रीवाणी ने तीखी आलोचना करते हुए अधिसूचना का विरोध कर पेपर फाड़कर उछाले। इसके बाद भाजपा के कई पार्षदों ने उनका अनुसरण किया।
सुनिश्चित होंगी समान विकास तथा बेहतर नागरिक सेवाएँ : महापौर
महापौर गदवाल विजयलक्ष्मी ने कहा कि यह दिन हम सभी के लिए ऐतिहासिक है। 27 शहरी स्थानीय निकायों के ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम में विलय तथा वार्डों के प्रारंभिक परिसीमन के लिए 9 दिसंबर, 2025 को तेलंगाना राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित की गई। यह विस्तार ग्रेटर हैदराबाद के लिए एक नए युग की शुरुआत है। इसके माध्यम से अधिक क्षेत्रों को एकीकृत प्रशासन के अंतर्गत लाया जाएगा। इससे समान विकास, सुदृढ़ बुनियादी ढाँचे तथा बेहतर नागरिक सेवाओं को सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे नव-समाविष्ट क्षेत्रों के नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।
महापौर ने चर्चा के दौरान सदन को नियंत्रित करने के लिए बार-बार इस बात को दोहराने का प्रयास किया कि बैठक में किसी दल या नेता को आरोपित न कर परिसीमन पर अपने सुझाव रखें। उन्होंने बैठक को सुव्यवस्थित रूप से संचालित कर विधायकों, विधान परिषद सदस्यों तथा पार्षदों के विचार बैठक में रखने के लिए उत्साहवर्धक माहौल बनाए रखा। बीच-बीच में चर्चा सांप्रदायिक नोकझोंक की ओर बढ़ते देख उन्होंने पार्षदों को ऐसा न करने की नसीहत दी और न सुनने पर बात बीच में ही रोक दी। महापौर ने कहा कि सदस्यों के सुझावों और शिकायतों के आधार पर रिपोर्ट बनायी जाएगी।
गोशामहल के डिवीजन विभाजन पर कड़ी प्रतिक्रिया
बैठक में गोशामहल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के डिवीजनों के परिसीमन में अन्याय किये जाने के विरोध में संबंधित पार्षदों ने कड़ा विरोध किया। गोशामहल पार्षद लाल सिंह ने कहा कि क्षेत्र के कई इलाकों को इधर-उधर किया गया है। उनकी कर्मभूमि को बिखेर दिया गया। जिन क्षेत्रों में उन्होंने विकास कार्य किये, उन्हें दूसरे वार्डों में मिला दिया गया। वार्ड परिसीमन से पहले किसी तरह का सुझाव न लिये जाने पर उन्होंने आपत्ति जाताते हुए परिसीमन का विरोध किया।
जामबाग पार्षद राकेश जायसवाल ने क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में विभाजन पर कड़ी आपत्ति जताते हुए माँग की कि परिसीमन को ठीक करते हुए उनकी माँग स्वीकार की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड को दारूसलाम के लिए विभाजित किया गया है। मंगलहाट पार्षद एम. शशिकला ने वार्ड के इलाकों को दत्तात्रेय नगर में मिलाने और दत्तात्रेय नगर के इलाकों को उनके वार्ड में मिलाने पर आपत्ति जतायी। उन्होंने आरोप लगाया कि हिन्दू बहुल इलाकों को बांट दिया गया है। चर्चा के दौरान महापौर द्वारा उन्हें सुनीता कहकर संबोधित करने पर वह बिफर गयीं और कहा कि उनका नाम शशिकला है। उन्होंने तीखे स्वर में परिसीमन का विरोध किया।
31 से पूर्व परिसीमन को अंतिम रूप : जीएचएमसी आयुक्त
जीएचएमसी आयुक्त कर्णन ने कहा कि जीएचएमसी का क्षेत्र 650 वर्ग किलोमीटर से 2050 किलोमीटर वर्ग किलोमीटर तक विस्तारित किया गया है। इससे यह देश का नंबर 1 निगम बन गया है। जनसंख्या भी 1.12 करोड़ से 1.34 करोड़ तक पहुँचने का आकलन है। जीएचएमसी साधारण सभा की मंज़ूरी के बाद सरकार के निर्देश पर सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस ने परिसीमन का कार्य किया। 27 शहरी निकायों के जीएचएमसी में दाखिल होने से पहले यहाँ 4 प्रकार की प्रशासनिक व्यवस्थाएँ थीं। इसलिए उन्हें वार्ड में परिवर्तित करना अनिवार्य था। इसलिए 300 वार्ड बनाने की सिफारिश की गयी। उन्होंने कहा कि हैदराबाद में 2026-27 जनगणना होनी है। इससे पूर्व वार्डों का परिसीमन अनिवार्य है।
आयुक्त ने कहा कि डिवीजनों का परिसीमन प्राकृतिक सीमाओं के आधार पर किया गया है। नालों, बड़ी सड़कों तथा रेलवे लाइनों को ध्यान में रखा गया है। कुछ मामलों में पुराने सर्वे नंबर पर ध्यान दिया गया। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में यदि 5 वार्ड हैं तो उन्हें 7 किया गया। कुछ डिवीजनों को छोड़कर इस बात का प्रयास किया गया कि निर्वाचन क्षेत्र की सीमाओं को न छेड़ा जाए। उन्होंने कहा कि अब तक 3,102 शिकायतें (मंगलवार को प्राप्त 1475 शिकायतों को लेकर कुल संख्या 4616 हो गयी है।) मिली हैं ।
मुख्य रूप से वार्ड के नामों के बदलने, सीमाओं को बदलने, कॉलोनियों को हटाने, वार्डों की संख्या बढ़ाने, जोन निर्धारित करने एवं पोलिंग स्टेशनों से संबंधित आपत्तियाँ शामिल हैं। उन्होंने बताया कि नये इलाकों को पहले से मौजूद ज़ोन को जोड़ने की व्यवस्था अस्थायी है। साथ ही आश्वासन दिया कि सभी शिकायतों का यथासंभव समाधान किया जाएगा।
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