जीवन में सेवा करने वाले की होती है प्रशंसा : राजमतीश्रीजी

हैदराबाद, जो व्यक्ति सेवा करता है, उसकी प्रशंसा होती है। पुण्य का उपार्जन होता है। दूसरा समाज में जो नया काम करते हैं, उनकी प्रशंसा होगी। कुछ अच्छा नया करते हैं, तो लोग प्रशंसा ही करते हैं। उक्त उद्गार सिख छावनी स्थित श्री आनंद जैन भवन कोरा में श्री जैन श्रावक संघ कोरा के तत्वावधान में आचार्य सम्राट 1008 जयमलजी म.सा. की 318वीं जयंती के दौरान राजमतीश्रीजी म.सा. राजुल आदि ठाणा-3 ने व्यक्त किये।

यहाँ मंत्री अनिल तातेड़ एवं धर्मेंद्र मांडोत द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पूज्यश्री ने कहा कि जिसने महावीर की वाणी को श्रद्धा से सुना और उसे जीवन में उतारने का प्रयास किया, वह कभी संसार में भटकने वाला नहीं, संसार से मुक्त होकर लक्ष्य को प्राप्त कर लेता है। वाणी हमेशा तिराने वाली है। वाणी स्वयं भी तिरती है दूसरों को भी तिराती है। मिश्री खाने से मुँह मीठा होता है , वही मिश्री किसी को खिलाये तो उनका भी मुँह मीठा होगा, क्योंकि मिश्री का स्वभाव मीठा है।

महावीर वाणी, कर्म और जीव की चार गति का महत्व

वैसे ही महावीर की वाणी स्वयं सुने, तो आनंद को प्राप्त करता है और दूसरों को भी सुनाएँ, तो उसे भी आनंद ही प्राप्त होता है। भगवान महावीर स्वयं भी तिराने वाले दूसरों को तिराने वाले हैं। स्वयं भी मोक्ष में जाते हैं और दूसरों को भी कर्म बंधनों को तोड़कर मोक्ष के मार्ग पर ले जाते हैं। म.सा. ने कहा कि कपट में मिथ्यात्व से माया आती है, तो जीव को कर्मों का बंधन हो जाता है। पुरुष कपट करता है, तो वह स्त्री बनता है।

स्त्री कपट कर माया जाल करती है, तो वह नपुंसक बनती है। म.सा. ने कहा कि शास्त्र में जीव की चार गति बताई गयी है। पहली जो कुंभी में उत्पन्न होते हैं वह नरक के जीव होते है, नरकी का शरीर पारा के गोली के समान है, टूट-टूट कर जुड़ जाता है। दूसरे और तीसरे तिर्यंच और मनुष्य गर्भ से उत्पन्न होते हैं और चौथा देव जो की सेजा पर उत्पन्न होता है। नरक की गति का जीव को हर समय डर लगा रहता है। नरक में यातना है।

यह भी पढ़ें… चैत्य परिपाटी का किया गया आयोजन

मनुष्य की धन के प्रति तृष्णा कभी समाप्त नहीं होती। जिसे भोग की इच्छा ज्यादा होती है वह जीव देव गति से आता है। म.सा.ने कहा कि जैसे कर्म करते हैं, वैसे फल की प्राप्ति होती है। अच्छे कर्म से अच्छे फल मिलेगा, बुरे कर्म से बुरा फल मिलेगा। बुरे कर्म कर अच्छे कर्म की आशा करते हैं, तो वह मिलने वाला नहीं है।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button