नारी का जीवन गंगा की धारा : साध्वी सुमंगलप्रभाजी

हैदराबाद, जो कन्या अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करती है, वह जीवन में अपना नाम रोशन करती है। कन्या का यदि आचार निर्मल पवित्र सुदृढ़ है तो वह हर प्रकार के संकट से लड़ सकती है। नारी दो कुलों को संभालती है। नारी का जीवन गंगा की धारा है, जो सभी को अविरल साथ लेकर चलती है। उक्त उद्गार सिकंदराबाद स्थित मारुति विधि जैन स्थानक में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ सिकंदराबाद के तत्वावधान में साध्वी डॉ. सुमंगलप्रभाजी म.सा ने दिये।

नारी शक्ति: परिवार की नींव और जीवन का दीपक

पूज्यश्री ने कहा कि आज का विषय है नारी का जीवन गंगा की धारा। नारी शक्ति महान है जो परिवार की मजबूत नींव होती है। जिस मकान की नींव मजबूत है वह स्थिर रहता है। नींव कमजोर हो तो मकान धराशायी होते देर नहीं लगी। नारी दहरी के दीपक के समान है जो बाहर और भीतर उजाला करती है। म.सा. ने कहा कि नारी अगर पढ़ी लिखी और होशियार व अनुभवी हो, तो वह सबला बनकर उसके सामने वाले सभी का डट कर मुकाबला करेगी। म.सा. ने कहा कि कन्या को यदि माता पिता से संस्कार मिले हैं तो वह कहीं भी रहकर जीवन में उन्नति करती है।

म.सा. ने कहा कि शास्त्रां में नारी के पांच रूप उल्लेखित हैं- कन्या, पत्नी, माँ, गृहिणी और परिवार का भार वहन करने वाली। पांचवाँ रूप रेलगाड़ी की भांति होता है। जिसकी जिंदगी पटरी पर सरपट चले तो जीवन उज्जवल हो जाता है और यदि पटरी से फिसल गयी तो चट्टानों से टकरा कर जीवन बिखर जाता और स्वाभिमान नहीं रह सकता है।

नारी को गति प्रगति करनी है तो सही रूप से पटरी पर चले। जीवन के उतार चढाव को सहन करे। व्यक्ति एक ही कुल में रहता है जबकि नारी दो कुल की होती है। दो परिवार की संस्कृति का मेल मिलाप करते हुए संबंधों को जोड़े रखती है। दो संबंधों को अच्छी तरह सौहार्द से जी कर कुल का नाम रोशन कर सकती है।

धर्मसभा में उपवास और तपस्या की प्रभावना वितरण

धर्मसभा का प्रारंभ पैसठिया छंद जाप के पश्चात अंतकृत दशांग सूत्र का वाचन भावार्थ सहित साध्वी श्री डॉ. सुवृद्धिश्रीजी म.सा ने श्रवण कराया। संचालन करते हुए श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ सिकंदराबाद के कार्याध्यक्ष शांतिलाल बोहरा ने बताया कि नवकार महामंत्र अखंड जाप सुचारू रूप से चल रहा है। आज के जाप की प्रभावना मदनलाल, संतोष कुमार, ध्रुव लूणावत परिवार एवं विमलाबाई मुथा व शांताबाई लालवानी की ओर से प्रदान की गई।

पर्वाधिराज पर्व के सातवें दिवस को बियासना दिवस के रूप में मनाया गया। पूज्य श्री रजतप्रभाजी म.सा द्वारा कल्पसूत्र वाचन हुआ। सद्गुरु का माइल स्टोन विषय पर प्रतियोगिता श्री गुरु गणेश यात्रा संघ द्वारा आयोजित की गई। धर्म सभा में शोभादेवी भंवरीलाल मुथा ने 10 उपवास, बबिता दिनेश सहलोत, अनुराग बोहरा, प्रज्ञा बोहरा ने 8 उपवास, श्रद्धा अलिजार, त्रिशला डूंगरवाल, सुलोचना बाई डाफरिया, शान्ति देवी गुगलिया, अनिता देशरला, साहिल मेहता, श्वेता आंचलिया, पूनम गांधी, मोहित लुंकड, रेखा पितलिया, कंचन गांधी, प्रफुल लालवानी, समता सिंघवी, महिमा सिंघवी ने 7 उपवास के प्रत्याख्यान लिए। कई भाई बहनों ने तेले तप के भी पचखान लिए।

संघपति संपतराज कोठारी ने बताया कि 8 उपवास की तपस्या के पूर्ण होने पर सह जोड़े अनुराग एवं प्रज्ञा बोहरा तथा समता सिंघवी एवं महिमा सिंघवी का बहुमान संघ की ओर से एवं चांदी के सिक्के से लाभार्थी परिवार चंपालाल कन्हैयालाल पूनमचंद गांधी परिवार की ओर से किया गया। श्रावक श्राविकाओं को प्रभावना भेरूलाल, जिनेन्द्रराज, पारसमल, तुषाण कुमार, करण कुमार रांका परिवार की ओर से प्रदान की गई।

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सिद्धि तप, उपवास और शालिभद्र लक्ष्मी जाप आयोजन

अध्यक्ष गौतमचंद गुगलिया ने बताया कि कल संवत्सरों एवं गणेश चतुर्थी के कारण वाहन पार्किंग व्यवस्था पॉट मार्केट, महावीर भवन, बंदीमेट, स्थानक के पास एवं पुराना मार्केट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के पास होगी। आगंतुक आर पी रोड, स्टेशन रोड एवं मार्केट रोड का उपयोग नहीं करें। आचार्य भगवंत 1008 पूज्य जयमलजी म.सा की 318वीं जन्म जयंती 5 से 7 सितंबर तक तेले तप व सामाजिक दिवस के रूप में मनायी जाएगी।

इसकी सम्पूर्ण जानकारी आगे दी जाएगी। महामंत्री सुरेन्द्र कटारिया ने बताया कि सिद्धि तप के आज आठवें चरण के सातवें दिवस में लगभग 130 एकासना हुए जिसके लिए श्री संघ की ओर से व्यवस्था की गई। कला गांधी के सिद्धि तप एवं कंचन बाई के 7 उपवास की तपस्या के उपलक्ष में लाभार्थी परिवार स्व. सम्पतराज, अनिल कुमार, आदर्श, काव्यांश गांधी की ओर से सभी सिद्धि तप करने वालों को प्रभावना दी गई।

धर्म सभा में काचीगुड़ा संघ के अंतर्गत श्री चन्दनबाला बहू मंडल की अध्यक्ष लता पितलिया ने रविवार 5 अत्तूबर को भव्य 1008 शालिभद्र लक्ष्मी सहजोड़े जाप के कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। कंचन देवी, धीरेन्द्र कुमार, हेमंत कुमार, मुकेश कुमार मंडलेचा परिवार ने स्थानक भवन के कर्मचारियों को प्रभावना प्रदान की। अनेक परिवारों ने तपस्या व पर्युषण महापर्व पर विभिन्न संस्थाओं में दान दिया। सभी दानदाताओं, प्रभावना लाभार्थियों का संघ की ओर से आभार व्यक्त किया गया।

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