नई गाड़ियों पर 1% रोड सेफ्टी सेस लगेगा

हैदराबाद, अब नई गाड़ी खरीदना आपकी जेब पर भारी पड़ेगा, क्योंकि अन्य शुल्कों के अलावा आपको रोड सेफ्टी सेस भी चुकाना पड़ेगा, जो 2,000 रुपये से 10,000 रुपये तक हो सकता है। यानि यह इस बात पर निर्भर रहेगा कि आप कौन सा वाहन खरीद रहे हैं। सेस लगाने का उद्देश्य यातायात प्रबंधन और दुर्घटनों रोकने की प्रणाली को मजबूत करने के लिए फंड जुटाना है। मोटर वेहीकल एक्ट के नियमों के तहत परिवहन विभाग ने इस फैसले को आधिकारिक करने के आदेश जारी किए।

यह प्रावधान 1 मार्च से तेलंगाना मोटर वाहन कराधान (संशोधन) अधिनियम के साथ लागू किया जाएगा। संशोधन के तहत गैर परिवहन वाहनों में मोटरसाइकिलों पर 2000 रुपये तथा कृषि प्रयोजन में प्रयुक्त ट्रैक्टर और ट्रैक्टर-ट्रेलर को छोड़कर, हल्के मोटर वाहनों पर 5000 रुपये का रोड सेफ्टी सेस लिया जाएगा। अन्य श्रेणी के वाहनों पर 10,000 रुपये का सेस लागू होगा। हालांकि, चार, पांच, छह और सात सीटों वाले यात्री ऑटो रिक्शा वाहनों को 10,000 रुपये के सेस से छूट दी गई है।

दरें 2,000 रुपये से 10,000 रुपये के बीच

इसके अलावा राज्य में पंजीकृत होने वाले नए चार पहिया हल्के मालवाहक वाहनों पर अब तिमाही कर प्रणाली के स्थान पर वाहन की कुल लागत का 7.5 प्रतिशत आजीवन कर लगाया जाएगा। यदि कोई वाहन अन्य राज्य से तेलंगाना में पंजीकृत करवाया जाता है और उसकी आयु तीन वर्ष से कम है, तो उस पर वाहन मूल्य का 6.5 प्रतिशत कर लगेगा। तीन वर्ष से अधिक लेकिन छह वर्ष से कम आयु वाले वाहनों पर 5 प्रतिशत तथा छह वर्ष से अधिक पुराने वाहनों पर 4 प्रतिशत कर लगाया जाएगा। पहले से उपयोग में चल रहे वाहनों पर वर्तमान तिमाही कर प्रणाली यथावत रहेगी।

तेलंगाना विधानसभा ने इस अधिनियम को इसी वर्ष 2 जनवरी को पारित किया था। परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने विधानसभा में बताया था कि इस कानून के तहत एकत्रित कर को एक विशेष खाते में जमा किया जाएगा और उसका उपयोग राज्य में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। यह सेस गैर व्यावसायिक वाहनों के पंजीकरण के समय लिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि यह सेस वाहनों की कैटेगरी के आधार पर तय की गई है, जिसकी दरें 2,000 रुपये से 10,000 रुपये के बीच हैं।

आदेश के अनुसार सरकार ने अनुमान लगाया है कि इस विषेश सेस से हर साल लगभग 270 करोड़ का फंड बनेगा। बताया जाता है कि इस फंड का उपयोग रोड इंजीनियरिंग को बेहतर बनाने, ब्लैक स्पॉट यानि दुर्घटना वाले इलाकों को उन्नत करने, आपात प्रतिक्रिया सेवा को बढ़ाने और सड़क सुरक्षा पर जागरुकता कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा। एक अन्य सुधार में टैक्स के तरीकों को आसान बनाने के लिए तीन पहियों वाले मालवाहक वाहनों को तिमाही टैक्स भुगतान से लाइफ टैक्स मॉडल में बदल दिया गया है।

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