दावोस दौरों में 2.19 लाख करोड़ निवेश के 44 समझौते : श्रीधर

हैदराबाद, आईटी व उद्योग मंत्री श्रीधर बाबू ने बताया कि वर्ष 2024 व 2025 दावोस दौरों के अंतर्गत सरकार ने कुल 2.19 लाख करोड़ रुपये निवेश को लेकर विभिन्न कंपनियों के साथ 44 समझौतों पर हस्ताक्षर किये। उन्होंने आज विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों द्वारा पूछे गये सवालों का उत्तर देते हुए बताया कि कई कंपनियाँ राज्य में अपनी इकाइयों का निर्माण करने का प्रयास कर रही हैं और यह प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है।

इन में 81,800 करोड़ रुपये का निवेश करने आगे आई 6 कंपनियों को भूमि आवंटन की गई। इस प्रक्रिया के जरिए सरकार को 1,540 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके अलावा और तीन कंपनियाँ, जो 30 हजार करोड़ रुपये निवेश करने आगे आई हैं, उनको देने के लिए भूमियों की पहचान की गयी है। श्रीधर बाबू ने बताया कि इन निवेशों से 68,150 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से नौकरियाँ प्राप्त होंगी।

निज़ामाबाद आईटी टावर और नई एमएसएमई नीति से रोजगार बढ़ावा

श्रीधर बाबू ने सदन को बताया कि नियमों के अनुसार इन कंपनियों को विभिन्न प्रकार के प्रोत्साहन दिये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि निवेश समझौतों पर श्वेत-पत्र जारी करने के लिए सरकार तैयार है। उन्होंने निज़ामाबाद आईटी टावर से संबंधित सवालों का उत्तर देते हुए बताया कि इस टावर में फिलहाल 11 कंपनियाँ कार्यरत हैं। इन कंपनियों में 276 लोगों को रोजगार मिला है। यदि यह टावर पूरी तरह से भर जाता है, तो कुल 681 लोगों को रोजगार मिलेगा।

एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024 में सरकार ने नई एमएसएमई नीति की घोषणा की थी। इस नीति के जरिए पिछले दो वर्षों के दौरान कुल 3,903 नये उद्योगों की स्थापना के लिए अनुमतियाँ दी गईं और 1,164 इकाइयों से संबंधित आवेदन की जाँच प्रक्रिया फिलहाल जारी है। उन्होंने बताया कि अब तक 1,05,960 लोगों को स्थापित उद्योगों के माध्यम से रोजगार मिला है। जो कंपनियाँ अभी विकास के विभिन्न चरणों में है, उनका निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 76,161 लोगों को रोजगार मिल सकता है।

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आदिवासी गाँवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास जारी पंचायत राज व ग्रामीण विकास मंत्री सीतक्का ने बताया कि आदिवासी गाँवों को सड़क सुविधा बढ़ाने के लिए सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने सदस्यों द्वारा पूछे गये सवालों का जवाब देते हुए बताया कि आदिवासी गाँवों को अन्य विकसित क्षेत्रों से जोड़ने के लिए पीएमजीएसवाई निधियों के साथ राज्य की निधियाँ भी खर्च करने के प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है। सड़कों का निर्माण करने के लिए संबंधित विभागा व वन विभाग की अनुमतियाँ प्राप्त करने का प्रयास जारी है।

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