6 मार्च से तेलंगाना में शुरू होगी 99-दिन प्रजा पालना प्रगति प्रणालिका
हैदराबाद, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने ऐलान किया कि सरकार द्वारा लागू किये जा रहे विकास व कल्याण योजनाओं को जनता के और समीप ले जाने के उद्देश्य से राज्यभर में 99 दिनों के विशेष कार्यक्रम प्रजा पालना प्रगति प्रणालिका लागू किया जाएगा।
यह विशेष कार्यक्रम 6 मार्च से 12 जून तक लागू होगा। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को इसे सफल बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए एक विशेष लोगो तैयार करने और पूरे राज्य में 99 दिनों तक चलने वाले कार्यक्रमों की समय-सारणी तैयार करने का निर्देश भी दिया। उन्होंने आज शाम विभिन्न विभागों के मुख्य सचिवों और सचिवों के साथ 99 दिवसीय कार्यक्रम की तैयारियों पर समीक्षा बैठक की।
बैठक के दौरान सीएम ने कहा कि इन 99 दिनों में फाइलों के निपटान के साथ- साथ सभी विभागों, राज्य स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक सभी कार्यालयों में स्वच्छता अभियान चलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक अधिकारी को इस कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से भाग लेना होगा और कोई छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि वे 4 मार्च को होने वाली जिलाधीशों की बैठक में सभी जिलों के प्रदर्शन की समीक्षा करेंगे।
तीन सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने के लिए विशेष समिति को निर्देश
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रशासन में आधुनिक तकनीक का प्रभावी ढंग से उपयोग करें। उन्होंने कहा कि तकनीकी सुधारों के माध्यम से लोगों को घर बैठे ही सभी सेवाएँ उपलब्ध करवाई जाएँ। उन्होंने प्रशासन में आमूलचूल परिवर्तन के साथ-साथ तकनीकी सुधारों को लागू करने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी जयेश रंजन की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित करने का आदेश दिया। इस समिति को तीन सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है।
सीएम ने प्रत्येक विभाग को कार्यालय में डिजिटल गवर्नेंस लागू करने और सभी विभागों से संबंधित डेटा के भंडारण के लिए अगले 20 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रख कर पुराने सर्वरों को अद्यतन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में कार्यरत नियमित कर्मचारियों के साथ साथ आउटसोर्सिंग और ठेके कर्मचारियों का डेटा भी सचिवों के पास तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में एक भी सरकारी कार्यालय किराए के भवनों में नहीं होने चाहिए। प्रत्येक विभाग के लिए सरकारी भवन होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कल्याण, शिक्षा और स्वास्थ्य सुधारों पर जोर दिया
सीएम ने बजट प्रस्तावों में इन्हें शामिल करने के आदेश दिया है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग को केंद्र प्रायोजित योजनाओं से संबंधित निधियाँ प्राप्त करने के लिए सतर्क रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं को सख्ती से लागू किया जाए और इसमें प्रौद्योगिकी का पूर्ण रूप से उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया लगातार जारी रहनी चाहिए।
सीएम ने कहा कि वे सरकारी शिक्षा में आमूल-चूल बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं और राज्यभर सौ निर्वाचन क्षेत्रों में तेलंगाना पब्लिक स्कूल शुरू करने जा रहे हैं। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं में सुधार करने और क्षेत्रों के अनुसार, चिकित्सा डेटा तैयार करने का निर्देश भी दिया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि तेलंगाना राइजिंग विजन के तहत राज्य को क्यूर, प्यूर और रेयर के रूप में तीन भागों में विभाजित किया गया है। उन्होंने कहा कि ओआरआर के भीतर वाले शहरी क्षेत्र में सेवा क्षेत्र के विकास की योजना बनाई जानी चाहिए।
8 लाख करोड़ के निवेश समझौतों की अमलावरी पर विशेष निर्देश
ओआरआर और आरआरआर के बीच वाले पेरी अर्बन रीजन में आने वाले विनिर्माण क्षेत्र भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि ग्लोबल समिट, वर्ल्ड इनकामिक फोरम व अन्य देशों के दौरों के जरिए राज्य को लगभग 8 लाख करोड़ का निवेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि इन समझौतों की अमलावरी के लिए विशेष कदम उठाएँ।
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साथ ही, उन्होंने भारत फ्यूचर सिटी के निर्माण व विकास के प्रति भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि फ्यूचर सिटी देश की अर्थव्यवस्था को बदल देगा। इस बैठक में सरकार के मुख्य सचिव रामकृष्ण राव, डीजीपी शिवधर रेड्डी, सीएम के सलाहकार वेम नरेंदर रेड्डी और सीएमओ के अधिकारियों ने भी भाग लिया।
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