रमजान में खजूर की बढ़ी मांग, कीमत 80 से 2200 रु किलो में उपलब्ध
नई दिल्ली, रमज़ान के पवित्र महीने में रोज़ा इफ्तार की परंपरा के चलते खजूर की मांग बाजार में तेज़ी से बढ़ गई है। देशभर के थोक और खुदरा बाजारों में खजूर की बिक्री में उछाल देखा जा रहा है, जहां इसकी कीमत गुणवत्ता और किस्म के अनुसार 80 रुपये से लेकर 2200 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।
व्यापारियों के अनुसार रमज़ान शुरू होते ही खजूर की खपत कई गुना बढ़ जाती है, क्योंकि मुस्लिम समुदाय में रोज़ा खोलने की शुरुआत खजूर से करना सुन्नत माना जाता है। इसी वजह से बाजार में सऊदी अरब, ईरान, इराक, ट्यूनीशिया और संयुक्त अरब अमीरात से आयातित प्रीमियम खजूर की मांग भी बढ़ी हुई है।
दिल्ली के प्रमुख सूखे मेवे बाजारों के कारोबारियों ने बताया कि इस समय सबसे सस्ती साधारण खजूर करीब 80–120 रुपये प्रति किलो में मिल रही है, जबकि मिड-रेंज किस्में 250 से 600 रुपये किलो तक बिक रही हैं। वहीं प्रीमियम और बड़े आकार की खजूर जैसे अजवा, मेदजूल और किमिया की कीमत 800 रुपये से लेकर 2200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच रही है।
व्यापारियों का कहना है कि इस बार आयात लागत, पैकेजिंग और गुणवत्ता के कारण प्रीमियम खजूर के दाम ऊंचे बने हुए हैं, लेकिन मांग में कोई कमी नहीं है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सुपरमार्केट में आकर्षक पैकिंग वाली गिफ्ट खजूर की भी अच्छी बिक्री हो रही है, खासकर रमज़ान और ईद को देखते हुए।
पोषण विशेषज्ञों के मुताबिक खजूर ऊर्जा, फाइबर, आयरन और प्राकृतिक शर्करा का अच्छा स्रोत है, इसलिए रोज़ा खोलते समय यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में मदद करती है। यही कारण है कि रमज़ान में इसकी खपत परंपरा के साथ-साथ स्वास्थ्य कारणों से भी बढ़ जाती है। व्यापारियों को उम्मीद है कि रमज़ान के अंतिम सप्ताह और ईद से पहले खजूर की बिक्री अपने चरम पर पहुंचेगी।
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