प्रखरजी महाराजजी ने बतायी गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ की महिमा

हैदराबाद, स्वामी प्रखरजी महाराज ने पुष्कर में आगामी 8 मार्च से 19 अप्रैल तक होने वाले 43 दिवसीय 200 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की महत्ता बताते हुए कहा कि वर्तमान में विश्व को सुधारने तथा विश्वकल्याण की भावना से ही ब्राह्मणों द्वारा विशाल महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। 19 अप्रैल के बाद विश्व निश्चित रूप से बदलेगा और आतंकवाद, अलगाव व अन्य कलूषित चीजें समाप्त होंगी।

काचीगुड़ा स्थित श्री श्याम मंदिर में तेलंगाना के समस्त ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित विप्र बंधुओं की विचार गोष्ठी एवं आशीर्वचन समारोह में प्रखरजी महाराज ने कहा कि ब्राह्मण जाति के पास बहुत ताकत है। गायत्री रूपी महाशक्ति पाप को जलाकर राख बनाती है। इसीलिए संध्या करते समय मंत्र बोलते हैं, प्रातःकाल गायत्री संध्या करने वाला ब्राह्मण सारे पाप को जलाकर राख बनाता है। जो ब्राह्मण सुबह और शाम संध्या वंदन करता है, वह निष्पाप होता है।

पुष्कर में 8 से होगा 43 दिवसीय आयोजन

महाराज ने कहा कि वर्तमान में ब्राह्मण अपनी शक्ति को भूल चुका है। उस शक्ति को जागृत करने और विश्व का कल्याण करने के उद्देश्य से पुष्कर में आगामी 8 मार्च से 19 अप्रैल तक 43 दिवसीय 200 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। यह महायज्ञ ब्राह्मणों द्वारा ब्राह्मणों के सहयोग से किया जा रहा है। इसके लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी ब्राह्मण समुदाय सामर्थ्य अनुसार सहयोग प्रदान करेंगे। महाराज ने कहा कि यह यज्ञ ब्राह्मणों द्वारा किया जा रहा है, जो न केवल अपनी शक्ति को जागृत कर बलशाली और भाग्यशाली बनेगा, बल्कि इसका फल विश्व को भी मिलेगा।

विश्व में कई बुरी शक्तियाँ आतंक फैलाकर हर जगह अशांति फैला रही हैं। इनका शमन करने तथा विश्व में शांति और बदलाव के लिए महायज्ञ किया जा रहा है। महाराज ने कहा कि इस महान कार्य से सभी राज्यों के ब्राह्मण समाज अवश्य रूप से भाग लें। जब भी कोई संकट आया है, केवल ब्राह्मणों ने ही उसका समाधान दिया है। उसकी मंत्र शक्ति से सभी का कल्याण हुआ है। इसलिए हर आयोजन में ब्राह्मणों की आवश्यकता होती है। स्वामीजी ने इस संबंध में व्यापक प्रचार करने तथा अधिक से अधिक ब्राह्मणों को जोड़कर कार्यक्रम को सफल बनाने का आग्रह किया।

यह भी पढ़े: पुष्कर में 200 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का स्वागत समारोह

27 करोड़ मंत्रों के जाप में 2000 विद्वान ब्राह्मणों की सहभागिता

अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष हरिदास शर्मा ने बताया कि गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ मणिवेदिका पीठ पुष्कर में स्वामी प्रश्वरजी महाराज के सानिध्य में 8 मार्च से 19 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। 2000 त्रिकाल संध्या वंदन धारी विद्वान ब्राह्मणों द्वारा 27 करोड़ मंत्रों की शास्त्रोक्त विधि से 43 दिवसीय 200 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ होगा। सभी इसमें अधिक से अधिक संख्या में भाग लें। सभा का संचालन हरिनारायण व्यास ने किया। उन्होंने पुष्कर राज तीर्थ में चल रही व्यवस्था की जानकारी देते हुए इससे सभी विप्र बंधुओं को अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने का आग्रह किया।

अवसर पर आदि गौड़ विप्र समाज, हैदराबाद-सिकंदराबाद के अध्यक्ष श्रीकिशन शर्मा, विप्र फाउंडेशन से हरिकिशन ओझा, रामदेव नागला, सोहनलाल दायमा, सिखवाल महिला मंडल, सुरेश लाटा, श्री विप्र सेवा संघ के पूर्व अध्यक्ष राम बाबू कौशिक, मोहनलाल शर्मा, भगवान व्यास, ओगीराला रमेश, राघवाचार्य, महेश तिवाड़ी, मदन गोपाल व्यास, आनंद शर्मा, सत्य प्रकाश डोबा, संदीप जायलवाल, केदार शर्मा, रामचरण, सूर्य प्रकाश, विजय कुमार व्यास, सुरेश कुमार व्यास, गोविन्द कुमार लोहिया, गया प्रसाद, हरिशचन्द्र शर्मा, दीपक ओझा, महेश अवस्थी, विमल खंडेलवाल, रमेश गांधी, घनश्याम तिवाड़ी, राधेश्याम पांडिया, सुरेश कुमार पारीक, धनराज पारीक, पवन पारीक, एस.पी. शर्मा, खेमचंद दाहिमा, शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज, श्रीमाली ब्राह्मण न्याती संघ, पुष्करणा ब्राह्मण समाज, पाराशर ब्राह्मण समाज, सारस्वत समाज, खंडेलवाल समाज, केशव शर्मा, गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज, दाधीच दायमा ब्राह्मण समाज के सुरेश गांधी, पारीक ब्राह्मण समाज, श्री श्याम मंदिर सेवा समिति के सह-मंत्री रामदेव अग्रवाल, राजकुमार विग सहित अन्य व अन्य उपस्थित थे।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button