एलपीजी सिलेंडर के लिए एजेंसी कार्यालयों पर भीड़
हैदराबाद, एलपीजी सिलेंडर आपूर्ति में कमी से जूझ रहे होटल उद्योग के बाद घरेलू गैस से जुड़ी अफवाहों के कारण कई एजेंसी कार्यालयों में लोगों की भीड़ देखी गयी। एजेंसी कर्मियों को लोगों को समझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर में एलपीजी की संभावित कमी की अफवाहों ने लोगों में घबराहट फैला दी है। मंगलवार शाम से ही शहर की गैस एजेंसियों पर लोगों की भीड़ बढ़ गई थी, क्योंकि सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैल रही है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
इस डर को बढ़ाने के पीछे के मुख्य कारणों में सिलेंडर की लगातार बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतराल की सूचनों, व्यावसायिक गैस की आपूर्ति को घरेलू उपयोग के लिए मोड़ने की खबरें तथा व्यावसायिक सिलेंडरों की संभावित कमी की आशंका ने लोगों को चिंतित कर दिया है। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में देखा गया कि लोग गैस एजेंसी के कार्यालयों में भीड़ लगाए खड़े हैं।
पिछले दो दिनों से कुछ परिवार लकड़ी के चूल्हे पर खाना बना रहे है। होटलों में लकड़ी के चूल्हे फिर से शुरू किये जाने की तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहाँ गलत मोबाइल नंबर, केवाईसी अधूरा होने या ओटीपी से जुड़ी सदस्यों लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई हैं। अफवाहों के माहौल ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। हालाँकि गैस एजेंसी के प्रतिनिधि बता रहे हैं कि फिलहाल घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है।
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7 मार्च को बुक सिलेंडर की डिलीवरी पूरी
7 मार्च को बुक किए गए सिलेंडर पहले ही डिलीवर हो चुके हैं। फिलहाल घरेलू सिलेंडर के लिए तीन से चार दिन का इंतजार करना पड़ रहा है, जो सामान्य स्थिति में भी संभव है। बताया जाता है कि पिछले कुछ दिनों में एजेंसी में बुकिंग 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इसका मुख्य कारण सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहें हैं। जिन लोगों के पास अभी भी गैस उपलब्ध है, वे भी अतिरिक्त सिलेंडर बुक कर रहे हैं।
गैस कंपनियों से जुड़े प्राधिकरणों से यह बात सामने आ रही है कि यदि ईरान में युद्ध एक सप्ताह और चलता है, तो घरेलू एलपीजी की कमी की संभावना बन सकती है। इसलिए भी कि भारत अपनी घरेलू एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सऊदी अरब और कुवैत जैसे पश्चिम एशियाई देशों से आयात करता है। यह गैस ईरान के पास स्थित स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ से होकर आती है, जो 28 फरवरी से प्रभावी रूप से बंद है।
तेलंगाना गैस डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी के अनुसार राज्य में कुल गैस उपयोग का 86 प्रतिशत हिस्सा घरेलू एलपीजी का है। राज्य को सालाना लगभग 11.6 लाख मीट्रिक टन एलपीजी की जरूरत होती है और यह मांग हर साल 8 प्रतिशत बढ़ रही है। फिलहाल आपूर्ति में 25 से 30 प्रतिशत की कमी है, जिसे सरकार केवल 10 से 12 प्रतिशत तक ही पूरा कर पा रही है। उन्होंने सलाह दी कि लोग गैस का सावधानी से उपयोग करें ताकि एक सिलेंडर कम से कम 60 दिन तक चल सके। साथ ही बुकिंग केवल पंजीकृत मोबाइल नंबर से करें, ओटीपी आधारित डिलीवरी सुनिश्चित करें और केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर लें।
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