नालों से निकल रहे हैं कंबल, बेडशीट, तकिये, कपड़े, प्लास्टिक वस्तुएँ
हैदराबाद, शहर में मल नालियों के ओवरफ्लो से परेशान पेयजलापूर्ति एवं सीवेरेज बोर्ड को समस्या समाधान के लिए कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बोर्ड का मानना है कि यदि लोग अपने अच्छे नागरिक होने का कर्तव्य निभाते हैं, तो समस्या का समाधान आसान हो सकता है। सफाई के दौरान बोर्ड के कर्मचारियों का अनुभव बता रहा है कि डिसिल्टिंग के दौरान मेनहोल से कंबल, बेडशीट, कपड़े, प्लास्टिक की वस्तुएँ और अन्य ठोस कचरा बड़ी मात्रा में निकल रहा है। इसलिए बोर्ड को कहना पड़ रहा है मेनहोल कूडेदान नहीं है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, हैदराबाद में सीवर ओवरफ्लो की समस्या का एक बड़ा कारण लोगों द्वारा मेनहोल में कचरा और ठोस वस्तुएँ डालना है। जलबोर्ड द्वारा माधापुर सर्किल के चंदर नायक तांडा और आसपास के क्षेत्रों में पिछले दो माह से सीवर ओवरफ्लो की समस्या को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। मुख्य सीवर पाइप में भारी रुकावट के कारण गंदा पानी वापस आकर सड़कों पर बहने लगा। इस पर सोशल मीडिया, कस्टमर केयर और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कई शिकायतें मिलीं। समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों ने हाई-प्रेशर जेटिंग मशीन और टेलिस्कोपिक हाइड्रोलिक ग्रैबर की मदद से पाइप में जमा गाद और कचरे को बाहर निकाला।
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ठोस कचरे से सीवर पाइप का प्रवाह रुककर ओवरफ्लो
डिसिल्टिंग के दौरान मेनहोल से कंबल, बेडशीट, कपड़े, प्लास्टिक की वस्तुएँ और अन्य ठोस कचरा बड़ी मात्रा में निकला। कई जगहों पर तो तकिए और गद्दे तक पाए गए। इन वस्तुओं के कारण सीवर पाइप में पानी का प्रवाह रुक जाता है और मेनहोल से गंदा पानी बाहर निकलकर ओवरफ्लो होने लगता है। अधिकारियों ने बताया कि शहर में कई स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाने के बावजूद लोग फिर से मेनहोल में कचरा डाल देते हैं, जिससे समस्या दोबारा उत्पन्न हो जाती है। बोर्ड के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जनता में जागरूकता और सहयोग नहीं होगा, तो ऐसे अभियान स्थायी समाधान नहीं दे पाएँगे।
इसके अलावा होटल, कार्यालय, बेकरी, फूड कोर्ट और बहुमंजिला इमारतों के मालिक अपने सीवर पाइप को सीधे सीवर नेटवर्क से जोड़ देते हैं। साइल्ट चेंबर न होने के कारण भोजन के अवशेष और ठोस कचरा सीधे मेनहोल में पहुँच जाते हैं, जिससे पाइपलाइन पर दबाव बढ़ता है और ओवरफ्लो की समस्या होती है।
जलबोर्ड ने ऐसे प्रतिष्ठानों से अपील की कि वह साइल्ट चेंबर बनवाएँ, ताकि ठोस कचरा वहीं रुक जाए और केवल गंदा पानी ही सीवर लाइन में जाए। इससे सीवर का प्रवाह सुचारू रहेगा और ओवरफ्लो की समस्या कम होगी। अधिकारियों ने लोगों से जिम्मेदारी से व्यवहार करने की अपील करते हुए कहा कि मेनहोल में कचरा या ठोस वस्तुएँ न डालें। यदि कोई ऐसा करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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