भ्रामक वीडियो फैलाने के मामले में प्रशासन की सख्ती

दुबई, ईरान में युद्ध के कारण क्षेत्रीय तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सोशल मीडिया मंच पर भ्रामक और मनगढ़ंत सामग्री वाले वीडियो क्लिप प्रसारित करने के आरोप में विभिन्न देशों के 10 नागरिकों को गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा शुरू करने का आदेश दिया है।
देश की आधिकारिक समाचार एजेंसी द्वारा जारी एक बयान में यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमाद सैफ अल शम्सी ने कहा कि क्षेत्रीय घटनाक्रम के मद्देनजर डिजिटल मंचों की निरंतर निगरानी के बाद यह कार्रवाई की गई है। अटॉर्नी जनरल ने आरोपियों की राष्ट्रीयता का खुलासा नहीं किया। ऐसी घटनाओं का फायदा उठाकर गलत सूचना फैलाई गई है, जिसका मकसद जनता को जानबूझकर गुमराह करना और राष्ट्रीय सुरक्षा, व्यवस्था एवं स्थिरता को कमजोर करना है।’’
लोक अभियोजन ने आरोपियों से पूछताछ
डॉ. अल शम्सी ने कहा कि विचाराधीन आरोपियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके बनाए गए वीडियो फुटेज प्रसारित किए जिनमें यूएई के विभिन्न क्षेत्रों में विस्फोटों, प्रमुख स्थलों पर हमलों या धुआं उठते हुए विशाल आग का भ्रामक संकेत दिया गया था।
कुछ फुटेज में देश के भीतर सैन्य ठिकानों के नष्ट होने का दावा किया गया या विदेशी घटनाओं को यूएई के स्थानों से जोड़ा गया। इनका उद्देश्य लोगों को गुमराह करना और भय फैलाना था।’’ उनके अनुसार, लोक अभियोजन ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और उन्हें हिरासत में रखने का आदेश दिया है। (भाषा )
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