BCCI के शीर्ष पुरस्कार से नवाजे गए गिल-मांधना
नई दिल्ली, भारत के टेस्ट कप्तान शुभमन गिल और स्मृति मांधना को 2024-2025 में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रविवार को यहाँ आयोजित बीसीसीआई नमन पुरस्कार 2026 समारोह में सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर (क्रमश: पुरुष और महिला वर्ग) चुना गया।

गिल ने प्रतिष्ठित पॉली उमरीगर पुरस्कार जीता, जबकि मांधना को यह पुरस्कार पाँचवीं बार मिला। गिल का यह दूसरा क्रिकेटर ऑफ दि ईयर पुरस्कार है, इससे पहले उन्होंने 2023 में यह पुरस्कार जीता था। पूर्व दिग्गज खिलाड़ी रोजर बिन्नी, राहुल द्रविड़ और मिताली राज को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सर्वेच्च सम्मान कर्नल सी.के. नायुडू लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारतीय क्रिकेट में उनके बेहतरीन योगदान को देखते हुए दिया गया। गिल के लिए 2025 का साल बेहद शानदार रहा और उन्होंने क्रिकेट के लंबे प्रारूपों में खुद को टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज में से एक के तौर पर स्थापित किया।

गिल ने कहा कि मैं सबसे पहले यह पुरस्कार देने के लिए बीसीसीआई का धन्यवाद करना चाहता हूँ। भारतीय क्रिकेट के कई महान और दिग्गज खिलाड़ी पहले यह सम्मान प्राप्त कर चुके हैं इसलिए यहाँ होना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। पिछले साल हमने भारतीय क्रिकेट टीम के रूप में जो हासिल किया, पाँच आईसीसी ट्रॉफियाँ जीतना, वह वास्तव में शानदार था। मुझे नहीं लगता कि पहले ऐसा कभी हुआ होगा।

गिल ने कहा कि मैं अपने साथियों का भी धन्यवाद करना चाहता हूँ, क्योंकि उनके बिना यह संभव नहीं होता। मैं अपने माता-पिता और परिवार का भी धन्यवाद करना चाहता हूँ, जिन्होंने मुझे यहाँ तक पहुँचने में मदद की। एक बार फिर धन्यवाद।
इंग्लैंड दौरे पर कप्तान गिल ने पाँच टेस्ट मैचों की सीरीज में टीम की अगुवाई करते हुए 10 पारियों में 75.40 के औसत से कुल 754 रन बनाए, जिससे वह श्रृंखला में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे।
गिल ने चैम्पियंस ट्रॉफी में नाबाद 101 रन से भारत को बढ़त दी
इसमें चार शतक और 269 रन का उनका सर्वेच्च स्कोर भी शामिल था। पिछले साल भारत की चैम्पियंस ट्रॉफी जीत में भी गिल ने अहम भूमिका निभाई थी। इस टूर्नामेंट में उन्होंने दुनिया के नंबर एक वनडे बल्लेबाज के तौर पर प्रवेश किया था। बांग्लादेश के खिलाफ भारत के पहले मैच में उन्होंने नाबाद 101 रन बनाए और पूरे टूर्नामेंट में कुल 188 रन बनाकर अपना अभियान समाप्त किया।
मांधना ने 2025 का समापन कुल 1,703 अंतरराष्ट्रीय रनों के साथ किया। इसमें वनडे में 1,362 रन शामिल हैं, जो किसी भी महिला क्रिकेटर द्वारा एक कैलेंडर वर्ष में बनाए गए सबसे ज्यादा रन हैं। ऐसा करके मांधना महिला वनडे क्रिकेट के इतिहास में एक ही कैलेंडर वर्ष में 1,000 रन बनाने वाली पहली बल्लेबाज बन गईं।

मांधना ने कहा, मैं इस पुरस्कार के बारे में बात कर सकती हूँ, लेकिन टीम का जिक्र किए बिना व्यक्तिगत उपलब्धियों के बारे में बात करना संभव नहीं है। यह वास्तव में एक शानदार साल रहा है। इसलिए धन्यवाद। बीसीसीआई ने जिस तरह महिलाओं के क्रिकेट का समर्थन किया, उसके लिए भी धन्यवाद। मुझे उम्मीद है कि हम आगे भी और बड़ी ऊँचाइयों तक पहुँचते रहेंगे।
भारत को अपना पहला महिला विश्व कप खिताब दिलाने में भी मांधना ने अहम योगदान दिया। उन्होंने नौ मैचों में कुल 434 रन बनाए और टूर्नामेंट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में वह दूसरे स्थान पर रहीं।
मैदान पर अब दिख रही है भारतीय क्रिकेट की असली क्षमता : द्रविड़
पूर्व भारतीय कप्तान और मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने रविवार को कहा कि देश की समृद्ध क्रिकेट प्रतिभा अब मैदान पर असली सफलता में बदल रही है और वैश्विक टूर्नामेंटों में लगातार मिल रही जीत भारतीय क्रिकेट में लंबे समय से मौजूद प्रतिभा को दर्शाती है।
पिछले दो वर्षों में भारत ने आईसीसी टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया है। टीम ने पुरुषों के पिछले दो टी-20 विश्व कप, महिला वनडे विश्व कप, पुरुष अंडर-19 विश्व कप और महिला अंडर-19 टी-20 विश्व कप जीते हैं। बीसीसीआई के वार्षिक पुरस्कार समारोह में कर्नल सी. के. नायुडू लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के बाद द्रविड़ ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, यह सब कुछ सही लग रहा है, है ना?
द्रविड़ ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में हमेशा से अपार क्षमता रही है और अब वह मैदान पर भी दिखाई दे रही है। मैदान के बाहर हमारे पास वह सबकुछ था जिसकी हमें जरूरत थी और अब मैदान पर भी उस क्षमता का साकार होते देखना बहुत अच्छा लग रहा है।
द्रविड़ ने कहा कि यह सफलता कई कारकों के एक साथ आने का परिणाम है, खिलाड़ियों से लेकर प्रशासकों और प्रशंसकों तक, सभी ने इसमें योगदान दिया है। उन्होंने 1996 में अपने पदार्पण के समय को याद करते हुए कहा कि यह अभूतपूर्व रहा है। पिछले तीन दशकों में भारतीय क्रिकेट जिस तरह से आगे बढ़ा है, उसे देखना वाकई कमाल का रहा है।
2024 टी-20 विश्व कप जीत ने एक चिंगारी का काम किया : सूर्यकुमार
सूर्यकुमार यादव ने कहा कि अगर कोई ऐसा मैच है जिसे वे दोबारा खेलना और जीतना चाहेंगे, तो वह 2023 एकदिवसीय विश्व कप का फाइनल मैच है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद में हुआ 2023 विश्व कप का फाइनल मैच। मैं उसे दोबारा खेलना और जीतना चाहूँगा। टी-20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार ने कहा कि भारत की 2024 टी-20 विश्व कप जीत ने एक चिंगारी का काम किया, जिसकी वजह से हाल के वर्षों में अलग-अलग लिंग और उम्र की भारतीय टीम ने आईसीसी के कई खिताब जीते हैं।
सूर्यकुमार यादव ने कहा कि मुझे लगता है कि हमें बस एक चिंगारी या एक कदम की जरूरत थी, जिसे हमने 2024 में पार कर लिया। उसके बाद 2025 में चैम्पियंस ट्रॉफी, फिर 2025 में ही महिला टीम का एकदिवसीय विश्व कप जीतना और फिर 2026 में जीत हासिल करना। सूर्यकुमार ने कहा कि वह एक कदम उाना बहुत जरूरी था। आईसीसी ट्रॉफी जीतने के लिए क्या करना पड़ता है, यह समझने के लिए उस जीत का अनुभव करना बहुत जरूरी था।
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रोड्रिग्स को ब्रेक देना एक मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ : हरमन
भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि जेमिमा रोड्रिग्स को ब्रेक देना एक मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ, क्योंकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व कप सेमीफाइनल में अपने जीवन की सबसे बेहतरीन पारी खेली। हरमनप्रीत ने कहा कि अमोल (मजूमदार) सर और मेरी इस बारे में बहुत अच्छी बातचीत हुई कि कभी-कभी एक छोटा सा ब्रेक आपको बहुत अधिक आत्मविश्वास दे सकता है। मुझे थोड़ा सा शक था कि हमें उसे आराम देना चाहिए या नहीं, लेकिन सर का नजरिया एकदम साफ था।
हरमनप्रीत कौर ने कहा कि उस छोटे से ब्रेक ने उसे बहुत अधिक आत्मविश्वास दिया क्योंकि कभी-कभी एक बल्लेबाज के तौर पर हम जरूरत से अधिक सोचने लगते हैं। उस ब्रेक ने उसे यह सोचने का समय दिया कि उसे क्या करने की जरूरत है।
2027 में विश्व कप जीतना लक्ष्य : गिल
भारत के एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय कप्तान शुभमन गिल ने रविवार को कहा कि 2027 एकदिवसीय विश्व कप जीतना उनकी टीम का सबसे बड़ा लक्ष्य है, विशेषकर तब जब 50 ओवर के इस टूर्नामेंट के पिछले सत्र में वे ट्रॉफी जीतने के बेहद करीब पहुँच गए थे। लगातार 10 मैच जीतने के शानदार रिकॉर्ड के बावजूद भारत को 2023 एकदिवसीय विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।

बीसीसीआई नमन पुरस्कार के दौरान स्टार स्पोर्ट्स पर जब गिल से पूछा गया कि क्या वे अगले एकदिवसीय विश्व कप के बारे में सोचते हैं, तो उन्होंने कहा कि बिल्कुल, मैं सोचता हूँ। यही हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि हमें लगा था कि पिछली बार जब हम भारत में (फाइनल में) थे, तो हम जीत के बेहद करीब पहुँच गए थे। अब दक्षिण अफ्रीका में हमें इसे जीतने का एक और मौका मिल रहा है, जो हमारे लिए एक शानदार अवसर होगा। गिल ने कहा कि देश के लिए किसी भी प्रारूप में विश्व कप जीतना ही सबसे बड़ा लक्ष्य होता है इसलिए बेशक यह बात कभी-कभी मेरे मन में आती रहती है।
लक्ष्य है आईपीएल ट्रॉफी जीतना : वैभव
अंडर-19 विश्व कप विजेता और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि उनका लक्ष्य इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आगामी सत्र में राजस्थान रॉयल्स के लिए ट्रॉफी जीतना है। सिर्फ 14 साल की उम्र में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाले इस बल्लेबाज ने आईपीएल 2025 में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया था। इस साल अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उनकी 80 गेंद में 175 रन की पारी ने भारत को रिकॉर्ड छा खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

अब उनका पूरा ध्यान आईपीएल पर है। सूर्यवंशी ने रविवार को यहाँ बीसीसीआई नमन पुरस्कारों के दौरान स्टार स्पोर्ट्स से कहा कि इस आईपीएल सत्र में मेरा लक्ष्य टीम के लिए ट्रॉफी जीतना है क्योंकि यह बहुत महत्वपूर्ण है। मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूँ, ताकि मेरी पारी से पूरी टीम को फायदा मिले। मेरा उद्देश्य राजस्थान रॉयल्स की जीत में योगदान देना और फ्रेंचाइजी के लिए ट्रॉफी जीतना है। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर सूर्यवंशी ने पुरस्कार समारोह में अपने विश्व कप विजेता साथियों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि बहुत अच्छा लग रहा है।
सूर्यवंशी बने राजस्थान रॉयल्स के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी
विश्व कप में भारत के लिए ट्रॉफी भी जीती। इस पुरस्कार समारोह की वजह से यहाँ अपने साथियों और कोचों से फिर से मिलकर बहुत अच्छा लग रहा है। सूर्यवंशी आईपीएल अनुबंध पर हस्ताक्षर करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी भी बने थे। राजस्थान रॉयल्स ने 2024 में 13 वर्षीय इस खिलाड़ी को 1.1 करोड़ रुपये में खरीदा था। बिहार के इस युवा खिलाड़ी ने बताया कि राजस्थान रॉयल्स की स्काउटिंग टीम काफी समय से उन पर नजर रख रही थी। उन्होंने कहा कि जब मैंने घरेलू क्रिकेट में पदार्पण किया, तब से राजस्थान रॉयल्स मेरे घरेलू और अंडर-19 मैच पर नजर रख रही थी। उनकी स्काउटिंग टीम काफी समय से मुझे देख रही थी। मेरा ट्रायल उनके साथ बहुत अच्छा गया था इसलिए मुझे लगा कि मैं राजस्थान रॉयल्स के साथ जा सकता हूँ।
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