रास में खरगे ने उठाया एलपीजी कमी का मुद्दा, सरकार का विपक्ष पर हमला

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नयी दिल्ली, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने देश में रसोई गैस (एलपीजी) की कथित कमी पर चिंता जताते हुए सोमवार को उच्च सदन में सरकार पर आरोप लगाया कि वह संकट को रोकने और कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए समय रहते कदम उठाने में नाकाम रही।

इस पर सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, संकट के समय सरकार के साथ खड़ा होने के बजाय देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है। उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए खरगे ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण देश में एलपीजी का संकट पैदा हो गया तथा इसका असर गरीब और कमजोर वर्गों के साथ-साथ मध्यम वर्ग, आम परिवारों, रेस्तरां, छात्रावासों और व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं पर भी पड़ रहा है।

खरगे ने कहा कि जब पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज हुआ था, तब सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए परामर्श जारी किया था और तब से ही सरकार जानती थी कि ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। खरगे ने कहा कि इसके बावजूद सरकार ने पहले से कोई तैयारी नहीं की, जिसके कारण अब देश के कई क्षेत्रों में समस्या पैदा हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संकट ने सरकार के खराब प्रबंधन और त्रुटिपूर्ण विदेश नीति को उजागर कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि कई जगहों पर एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी हो रही है और एक सिलेंडर 5,000 रुपये तक में बेचा जा रहा है।

नड्डा का पलटवार, संकट में कांग्रेस पर राजनीति का आरोप

खरगे ने सरकार से मांग की कि इस मामले में तुरंत सख्त कदम उठाए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि आम लोगों तथा छोटे व्यापारियों को सिलेंडर उचित कीमत पर उपलब्ध हो। खरगे ने कहा कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने हाल ही में लोकसभा में, देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं होने का दावा किया था और लोगों को अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी थी, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। उन्होंने इस मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग भी की।

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खरगे के आरोपों पर नड्डा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि संकट की घड़ी में भी विपक्ष, खासकर कांग्रेस, इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि वे देश के शांतिप्रिय लोगों को उकसा रहे हैं। संकट की स्थिति में देश के साथ खड़ा होने के बजाय वे देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि जब लोकसभा में पेट्रोलियम मंत्री ने इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट की थी तब विपक्षी सदस्यों ने उनकी बात नहीं सुनी और अब वे इस मुद्दे को यहां उठा रहे हैं। (भाषा)

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