जंता कू ब़ेखूब बनारइँ

घूँसा(1) इमारत की बुनियाद(2) कू हिलारइँ।
दफ़्तरौं में थोड़े अ़फसराँ, चक्करों में आते जारइँ।।
ऊँची कुर्सियाँ पो(3) बैटको, मशवरे(4) भौत देतैं,
माल लेना है इनकू, टेबुल के निच्चे से लेतैं।
लेन-देन के बीच में, इनके याँ दल्लालाँ बी(5) होते,
इनकी ताऱीफ करते, रटे-रटाये ये तोते।
क़ानून कू बाजू रक्को(6), चमचे इनीकिच(7) गारइँ,
दफ़्तरौं में थोड़े अफसराँ, चक्करों में आते जारइँ।।
दिन्पोदिन(8) देखो, कित्ती म्हँगाई बड़ते जारइँ,
मिडिल किलास वालौं कू देखो, बीच मेइच उजड़ते जारइँ।
उप्पर वाले कू हैं तोफे(9), निच्चे वाले कू है राशन,
मिडिल किलास वाले कोम्पे(10) कू, बस नइँ होराये वेतन।
तकरीरौं में तरक्की के इन, गानौं कू गाते जारइँ,
दफ़्तरौं में थोड़े अफसराँ, चक्करों में आते जारइँ।।
लीडरों की तकरीरों में, सफई(11) का ढ़ोल बजरा,
असल में तुम जाको देखो, जगा-जगा पो है कचरा।
बस बकना है काम इनका, अब इनू तो वोई(12) बकींगे।
दिल तो स़ाफ नइँ है इनका, शहेर कू क्या स़ाफ रखींगे।
अख़बाराँ में तरक्की की बाताँ तो इन भौत छपारइँ,
दफ़्तरौं में थोड़े अफसराँ, चक्करों में आते जारइँ।।
ट्रिफक पोलिस जिम्मेदारी की ताऱिफ भौत कररै,
हर रोज आट-दस लोगाँ याँ, टक्करों से मररैं।
म्इ दखरऊँ ट्रािफक पोलिस, देक्ते बैटते हैं मोबाइल,
राँग साइड से आते-जाते, टकराँ से हो जाते घायल।
इनकी इमानदारी देखो, उप्पर से हेसान(13) जतारइँ,
दफ़्तरौं में थोड़े अफसराँ, चक्करों में आते जारइँ।।
तालाबों हौर(14) नद्दियौं का पानी, कित्ता ग़ंदा होराए,
जगा-जगा की सरकारों का, लापरवाई धंदा होराए।
नलों में आरै सो पीने के पानी में, सोब बदबू होरइ,
इस्के ा़जम्मेदार अ़फसराँ, हौर इन लोगाँ चैन से सोरइ।
तरक्की की बाताँ करको, जंता कू बेख़ूब बनारइँ,
दफ़्तरौं में थोड़े अफसराँ, चक्करों में आते जारइँ।।

1.चूहे सा बड़ा जीव (रिश्वत), 2.आधार, 3.पर, 4.सलाह, 5.भी, 6.रखकर, 7.इनकी ही, 8.दिन-पर-दिन, 9.उपहार, 10.परिवार, 11.स्वच्छता, 12.वही, 13.अहसान, 14.और।
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