जीवन के रंग या रंगों का जीवन

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इस संसार में ऐसा कोई स्थान नहीं है, जहाँ रंगों की बात न हो। चाहे विज्ञान हो या साहित्य, प्रकृति हो या मानव-जीवन, तीज-त्योहार हों या अन्य कोई उत्सव, रंगों की उपस्थिति अवश्य देखी जाती है।

विश्वभर में रंग-दिवस को मनाये जाने का प्रस्ताव सर्वप्रथम पुर्तगाली कलर एसोसिएशन द्वारा वर्ष 2008 में पारित किया गया था, जिसे सर्वसम्मति से 21 मार्च को आधिकारिक तिथि के रूप में ‘अंतरराष्ट्रीय रंग दिवस’ को एक वार्षिक समारोह की तरह मनाने की घोषणा हुई। इस विशेष तिथि को इसलिए चुना गया, क्योंकि इस दिन सूर्य सीधे भूमध्य रेखा पर चमकता है, जिससे विश्व में दिन और रात की अवधि लगभग बराबर होती है।

यदि ध्यान से सोचे तो वास्तव में रंगों का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। रंगों की बात होती है तो हम सभी का ध्यान जाता है- इंद्रधनुष की ओर। मूल रूप से इंद्रधनुष के सात रंगों को ही रंगों का जनक माना जाता है। इंद्रधनुष के अनेक वैज्ञानिक तथ्य हैं तो आस्था के तहत ईश्वर की अद्भुत कारीगरी भी। किन्तु रंगों की संख्या यहीं समाप्त नहीं होती है।

रंगों के संसार का अपना अनूठा शास्त्र और मनोविज्ञान है, जिसके अनुसार रंगों की सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जाएं होती हैं, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से व्यक्तित्व को प्रभावित करती हैं और उसकी मनःस्थिति तथा चरित्र का भी परिचायक होती हैं।भिन्न-भिन्न संदर्भों में रंगों के औचित्य भी भिन्न होते हैं। इस संसार में ऐसा कोई स्थान नहीं है, जहाँ रंगों की बात न हो।

रंगों का जादू: जीवन की पहचान

चाहे विज्ञान हो या साहित्य, प्रकृति हो या मानव-जीवन, तीज-त्योहार हों या अन्य कोई उत्सव, रंगों की उपस्थिति अवश्य देखी जाती है। बिना रंगों के हमारा जीवन अर्थहीन है। ध्यान देने वाली बात है कि चाहे हमारा खान-पान हो या साज-सज्जा, रंगों ने अपनी उपस्थिति दर्शायी है। इससे इस बात का पता चलता है कि रंगों के बिना हम अपने जीवन की कल्पना नहीं कर सकते।

प्रकृति तो रंगों का भंडार है। लगभग सभी पशु-पक्षी अपने-अपने विशिष्ट रंगों से ही पहचाने जाते हैं। वैसे तो अधिकतर पत्ते हरे रंग के होते हैं, किन्तु उनमें भी कुछ प्रजाति के पेड़-पौधों के पत्ते अपने विशेष रंगों के कारण आकर्षण का केंद्र होते हैं। फूलों को देखो तो कोई रंग ऐसा नहीं है, जो उनमें न मिले। कभी कभी तो एक ही रंग के अंतर्गत अनेक शेड्स अर्थात कुछ अधिक गहरे और कुछ कम गहरे रंग में भी पुष्प पाए जाते हैं।

इन रंग-बिरंगे फूलों पर बैठने वाली तितलियाँ अपने रंगों के कारण ही सभी को मोहित करती हैं। और भी कई ऐसे कीट-पतिंगे होते हैं, जो अपने रंगों के लिए जाने जाते हैं। जलचर का संसार तो रंगों का भण्डार लगता है। मछलियों की अनेक प्रजातियाँ अपने मनमोहक रंग और विभिन्न आकृतियों के कारण आकर्षित लगती हैं। यदि गोताखोर समुद्र के गर्भ में जाकर उसका आनंद उठाते हैं तो जन-समुदाय मछली-संग्रहालयों में रंग-बिरंगे मछलियों को देखकर प्रफुल्लित हो उठता है।

रंगों की दुनिया: परंपरा, स्वास्थ्य और सतर्कता

पूजा अर्चना के समय जिन सामग्रियों का उपयोग किया जाता है, वह भी भिन्न-भिन्न रंगों की होती हैं। भारत के हर प्रांत के प्रत्येक त्योहार का अपना अनूठा रंग होता है। घरों के सम्मुख विभिन्न रंगों से रंगोली डालकर आंगन को सजाना भारतीय संस्कृति की एक विशेषता है। फूलों के रंगों में औषधीय गुण भी होते हैं। प्रत्येक फल का अपना रंग होता है।

फलों में अनेक गुणकारी तत्व होते हैं। इस श्रृंखला में सब्ज़ियों को भला अनदेखा कैसे किया जा सकता है। असंख्य सब्ज़ियां होती हैं और लगभग प्रत्येक रंग की। फलों की तरह सब्ज़ियों के तत्वों के साथ-साथ उनके रंग भी हमारे स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। यदि हम रसोईघर पर दृष्टिपात करते हैं तो हम पाते हैं कि चाहे अनाज हों या दालें, मसाले हों या पकवान, हर रंग में पाए जाते हैं। पहले बच्चों को बुजुर्ग रंगों से ही दालों की पहचान कराते थे।

पुरुष और महिलाओं की वेशभूषा, गहने या श्रृंगार सामग्री सभी में रंगों की छटा बिखरी होती है। नाखून और केश को विभिन्न रंगों से रंगने का चलन प्राचीन काल से चला आ रहा है। निवास स्थान भी इस विषय से अछूता नहीं है। कई स्थानों पर रंगों का चयन उस स्थान विशेष के वातावरण और उद्देश्य के अनुकूल होता है। अलग-अलग संदर्भों में हर रंग किसी न किसी विशेष बात की ओर संकेत करता है, जैसे-लाल रंग ऊर्जा, नीला रंग- स्थिरता, हरा रंग- समृद्धि, सफेद रंग- पवित्रता। काला रंग रहस्य का आदि।

डॉ. किरण शास्त्री

पर हाँ! इस संसार में कुछ और भी रंग हैं, जैसे एक, कृत्रिम रंग जो रासायनिक तत्वों से बनाये जाते हैं, जिनका उपयोग अधिकतर भोजन बनाने, फल-सब्जियों में मिलावट करने तथा होली के अवसर पर एक-दूसरे को लगाने हेतु किया जाता है। ये रंग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं तो दूसरे गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले लोग, जो निश्चित ही हमारे जीवन के लिए घातक होते हैं। इनसे हमें सदैव दूरी बनाये रखनी चाहिए।

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