वंदेमारतम पर विधानसभा में ओवैसी का रवैया गलत
हैदराबाद, विधानसभा में वन्देमातरम् गीत के गायन के दौरान कुछ विधायकों के वॉकआउट करने पर भाजपा तेलंगाना अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष सरदार जगमोहन सिंह ने आक्रोश व्यक्त किया।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में सरदार जगमोहन सिंह ने बताया कि यह केवल आक्रोशजनक नहीं, बल्कि पूरी तरह अस्वीकार्य और बेहद चिंताजनक है। विधानसभा में वंदेमातरम् गायन के दौरान एमआईएम के विधायकों का वॉकआउट स्पष्ट संदेश देता है। यह साधारण असहमति नहीं, बल्कि सोची-समझी प्रतीकात्मक कार्यवाही है, जो राष्ट्र की भावनात्मक एकता को चुनौती देती है। जब देश को एकजुटता और पारस्परिक सम्मान की सबसे अधिक आवश्यकता है, तब इस तरह का व्यवहार न केवल विभाजनकारी है, बल्कि अस्थिरता को बढ़ावा देता है।
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ओवैसी के बयान और आचरण पर उठाए सवाल
वंदेमातरम् कोई औपचारिक गीत नहीं स्वतंत्रता संग्राम की विरासत, बलिदान और हमारी साझा राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है। ऐसे क्षण में इससे दूरी बनाना करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने जैसा है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा विरोधाभास यह है कि असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेता सार्वजनिक रूप से संवैधानिक मूल्यों और एकता की बात करते हैं, लेकिन विधानसभा के भीतर का यह आचरण कुछ और ही संकेत देता है। जब कथनी और करनी में इतना अंतर हो, तो नीयत और विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। लोकतंत्र असहमति की अनुमति देता है, लेकिन उन प्रतीकों के अपमान की कीमत पर नहीं, जो राष्ट्र को एकजुट करते हैं।
ऐसे क्षण को विरोध के लिए चुनना सिद्धांत आधारित असहमति नहीं, बल्कि उकसावे की राजनीति है। यह विभाजन को गहरा करता है, विश्वास को कमजोर करता है और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति चयनात्मक सम्मान को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदार नेतृत्व नहीं है। यह लोकतांत्रिक ढाँचे को मजबूत नहीं करता, बल्कि उस साझा पहचान को कमजोर करता है, जो भारत को एक सूत्र में बाँधती है। ऐसे कृत्य केवल निंदनीय ही नहीं, बल्कि राष्ट्र की भावना के प्रति स्पष्ट अपमान है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।
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