वैकल्पिक खेती भी करें किसान : रेवंत रेड्डी

हैदराबाद, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य के किसानों को वैकल्पिक खेती भी अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल धान ही नहीं बल्कि, वैकल्पिक फसलों को उगाने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। इस बार राज्य सरकार ने 71 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है, लेकिन केंद्र सरकार 50 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान नहीं खरीद रही है। इस स्थिति से बचने के लिए किसानों में फसल के बदलाव के बारे में जागरूकता लाना होगा।

समय के साथ खेती में बदलाव होना ही चाहिए। रेवंत ने कहा कि अतीत में क्षेत्रों के अनुसार अलग-अलग तरह की फसलें उगाई जाती थीं। फलों के बगीचे ज़्यादातर हैदराबाद के आस-पास के क्षेत्रों देखे जाते थे। अब फिर से किसानों को उस दिशा में प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में राज्य के कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने का प्रयास भी किया जाएगा। उन्होंने ऐलान किया कि केंद्र सरकार की मदद से किसानों द्वारा उगाई गई फसलों को लाभदायक बनाया जाएगा।

सीएम ने रविवार को सिद्दिपेट जिले के नर्मेट्टा में आयोजित किसान उत्सवों में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने किसानों को खेती निवेश सहायता देने के तहत रैतु भरोसा योजना के पहले चरण के रूप में 3,590 करोड़ रूपये जारी किया। कुछ ही दिनों में दूसरे चरण के तहत 2,650 करोड़ और उसके बाद तीसरे चरण के रूप में 2,760 करोड़ रूपये जारी होंगे। ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार ने इस बार रैतु भरोसा योजना के लिए 9 हजार करोड़ आवंटित किया है।

कार्यक्रम में कई मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल

रेवंत रेड्डी ने ऑयल पॉम फैक्ट्री का उद्घाटन किया और रिफाइनरी की आधारशिला रखी। उन्होंने सिद्दिपेट व गजवेल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित सैकड़ों करोड़ रूपये के कई विकास कार्यों के लिए भी आधारशिला रखी। इस कार्यक्रम में मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव, दामोदरराज नरसिम्हा, पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, पोन्नम प्रभाकर, विवेक, सरकार के सलाहकार सुदर्शन रेड्डी, सांसद रघुनंदन राव, वेम नरेंदर रेड्डी सहित कई विधायक, विधान परिषद सदस्य, अन्य नेता व अधिकारियों ने भाग लिया।

अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि कई आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद सरकार किसानों के कल्याण से पीछे नहीं हट सकती। केसीआर सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रति महीने किसानों के लिए 2,533 करोड़ खर्च किये गये थे, लेकिन हमारी सरकार हर महीने 5,500 करोड़ रूपये खर्च कर रही है। प्राकृतिक आपदाओं के चलते फसलों का नुकसान होने पर किसानों को मुआवजा राशि दी जा रही है, जो पिछली सरकार के समय नहीं दिया जाता था।

प्रजा सरकार ने अब तक किसान कल्याण के लिए दो लाख करोड़ से अधिक धनराशि खर्च की है। उन्होंने कहा कि खेती को लाभदायक बनाने के लिए किसानों को एक ही नहीं, बल्कि अलग-अलग फसलों की खेती करना चाहिए। ऑयल पाम की खेती आजकल लाभदायक साबित हो रही है। उन्होंने किसानों को खेती में आधुनिक पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी। रेवंत रेड्डी ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण आने वाले दिनों में हमें यूरिया की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

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रामागुंडम से यूरिया आपूर्ति के लिए केंद्र से मांग

इस परिप्रेक्ष्य में रामागुंडम फैक्ट्री से सारा यूरिया हमें ही मिलना चाहिए और इसके लिए भाजपा सांसदों को पहल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता की भलाई के लिए चुनावों तक ही राजनीति को सीमित करना चाहिए। चुनावों के बाद हमें विकास के लिए एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए। अगर हम विपक्षी पार्टी के नेताओं पर ही ध्यान देंगे, तो जनता के साथ अन्याय होगा।

निधियों को जारी करने के मामले में वे कोई भेदभाव नहीं करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले चुनावों में कांग्रेस पार्टी को सिद्दिपेट जीतना ही होगा। इस निर्वाचन क्षेत्र से जो भी विजयी होगा, उसे मंत्री पद दिया जाएगा। पिछली सरकारों ने उन निर्वाचन क्षेत्रों के साथ भेदभाव किया था, जिसका प्रतिनिधित्व विपक्षी नेता करते थे। सीएम ने स्पष्ट किया कि भले ही वे नेताओं का विरोध करते हों, लेकिन जनता के साथ कोई भेदभाव नहीं करेंगे।

हमारी सरकार ने सिद्दिपेट के लिए काफी निधियां आवंटित किया है। अगर कोई भेदभाव होता, तो ऑयल पाम फैक्ट्री को कोडंगल में स्थानांतरित कर दिया गया होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सभी 119 विधानसभा क्षेत्रों के साथ समान व्यवहार करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह जनता ने बीआरएस को दो बार सत्ता सौंपी, उसी तरह कांग्रेस को भी कम से कम दो बार जनादेश अवश्य देगी।

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