ईरान ने अमेरिका का युद्धविराम प्रस्ताव ठुकराया

नई दिल्ली, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका द्वारा दिए गए युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि वह किसी बाहरी दबाव में आकर नहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर ही इस संघर्ष को समाप्त करेगा। एक उप-स्तरीय राजनयिक सूत्र ने Al Jazeera को बताया कि ईरान को अमेरिका की 15-सूत्रीय योजना प्राप्त हुई है, लेकिन तेहरान ने इसे “अत्यधिक मांगों वाला और अनुचित” करार दिया है।

ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह युद्ध खत्म करने के लिए कुछ प्रमुख शर्तें रखता है, जिनमें हमलों का पूर्ण रूप से रुकना, क्षेत्र में शांति बहाली, और युद्ध से हुए नुकसान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता शामिल है। इस बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका से जुड़े एक ठिकाने पर कार्रवाई की है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

ईरान ने राष्ट्रपति ट्रंप के दावे को नकारा
लेकिन ट्रंप के इस दावे को ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ कहा कि युद्ध तभी खत्म होगा जब ईरान चाहेगा और उसकी शर्तें पूरी होंगी। ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को ‘हकीकत से दूर’ बताते हुए ठुकरा दिया है। ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए कई कड़ी शर्तें रखी हैं। इनमें दुश्मन की सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकना, भविष्य में हमले न होने की गारंटी, युद्ध के नुकसान की भरपाई और पूरे क्षेत्र में संघर्ष खत्म करना शामिल है। साथ ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने अधिकार को भी मान्यता देने की मांग की है।

‘अपनी शर्तों पर युद्ध खत्म करेगा ईरान’
एक वरिष्ठ राजनीतिक-सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि ईरान इस बात पर अड़ा है कि शत्रुता की समाप्ति केवल तेहरान की अपनी शर्तों और समय-सीमा के अनुसार ही होगी। अधिकारी ने तेहरान के इस संकल्प पर जोर दिया कि वह अपनी रक्षा करना जारी रखेगा और दुश्मन पर कड़े प्रहार करता रहेगा, जब तक कि उसकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। उन्होंने कहा, ‘ईरान का कहना है कि वह युद्ध तभी समाप्त करेगा जब वह ऐसा करने का फैसला करेगा और जब उसकी अपनी शर्तें पूरी हो जाएंगी।’ ईरानी सैन्य अधिकारियों ने अमेरिकी प्रस्तावों का तीखी बयानबाजी के साथ जवाब दे रहे हैं। खतम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता, लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जुल्फिकारी ने कहा कि ऐसा लगता है कि ट्रंप खुद से ही बातचीत कर रहे हैं।’ उन्होंने आगे अमेरिका को चुनौती भी दी।

अमेरिका ईरान पर लगाना चाहता है शख्त शर्तें
दूसरी तरफ, अमेरिका की शर्तें भी काफी सख्त हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म करे, यूरेनियम संवर्धन रोके, अपने परमाणु ठिकानों को बंद करे और अंतरराष्ट्रीय एजेंसी को पूरी जांच की अनुमति दे। इसके बदले अमेरिका प्रतिबंध हटाने की बात कर रहा है। इस बीच, ईरान और इस्राइल के बीच हमले लगातार जारी हैं। अमेरिका और इस्राइल मिलकर ईरान के मिसाइल ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, जबकि ईरान भी जवाबी हमले कर रहा है। फिलहाल, दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं, जिससे यह साफ है कि पश्चिम एशिया में यह तनाव जल्द खत्म होने वाला नहीं है। (भाषा)

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