सरकार ने पेट्रोल पर 3 रु उत्पाद शुल्क घटाया, डीजल पर शून्य

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल पर सरकार ने स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी कम कर दी है। रॉयटर्स के अनुसार, अब पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये प्रति लीटर की जगह घटकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दी गई है। देश में सरकार के इस कदम से पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम होने की उम्मीद है। इसके अलावा सरकार ने विमानन टरबाइन ईंधन (ETF) के लिए एक नया लेवी ढांचा भी पेश किया है। इन बदलावों के तहत, एटीएफ पर अब 50 रुपये प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया गया है, जिसकी आंशिक रूप से छूट के माध्यम से भरपाई की जाती है, जिससे विशिष्ट प्रावधानों के तहत प्रभावी शुल्क लगभग 29.5 रुपये प्रति लीटर हो जाता है।
एक्साइज ड्यूटी में सरकार ने क्यों की कमी
यह कदम अमेरिका और इजराइल के बीच ईरान को शामिल करने वाले चल रहे संघर्ष और तेहरान के होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के कारण उत्पन्न गहरे वैश्विक ऊर्जा संकट की पृष्ठभूमि में आया है। यह एक महत्वपूर्ण मार्ग है जिससे दुनिया की लगभग पांचवीं हिस्से की कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति होती है, जिसका अनुमान 20-25 मिलियन बैरल प्रति दिन है।
संघर्ष से पहले, भारत अपने कच्चे तेल के आयात का लगभग 12-15% हिस्सा इसी महत्वपूर्ण गलियारे के माध्यम से प्राप्त करता था। इस भारी कटौती से तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) पर लागत के दबाव में कमी आने की उम्मीद है और भू-राजनीतिक तनावों के कारण अस्थिर बनी हुई वैश्विक कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी। बता दें कि हाल ही में रूस की देश में मौजूद पेट्रोलियम कंपनी नायरा ने पेट्रोल-डीजल में कल ही बढ़ोतरी की है। हालांकि अभी अन्य कंपनियों ने की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की है। सिर्फ प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है।
क्या पेट्रोल डीजल की कीमतें कम होंगी?
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से दुनिया भर में ईंधन महंगा हुआ है। दक्षिण पूर्व एशियाई देशों और अफ्रीका में कीमतों में 30% से 50% की वृद्धि हुई है। उत्तरी अमेरिका में 30% और यूरोप में 20% का उछाल आया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल इतना महंगा होने के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम स्थिर बने हुए हैं। इसका सीधा खामियाजा हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और इंडियन ऑयल (IOC) जैसी तेल कंपनियों को उठाना पड़ रहा था।
मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर का भारी नुकसान हो रहा था। सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी घटाने और खुद राजस्व का नुकसान सहने से अब इन कंपनियों का यह घाटा खत्म या काफी हद तक कम हो जाएगा। यानी इससे सीधे पेट्रोलियम कंपनी को फायदा होगा। ऐसे में अब कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाए बिना ही उन्हें राहत मिल गई है। जिसकी वजह से पेट्रोल-डीजल कीमते न तो घटेंगी न ही बढ़ेंगी।
निर्यात लाभों में कटौती की गई
सरकार ने ईंधन निर्यात से संबंधित नियमों को भी सख्त कर दिया है और पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की खेपों पर पहले उपलब्ध व्यापक उत्पाद शुल्क छूट को वापस ले लिया है।
संशोधित ढांचे के तहत, निर्यात से संबंधित लाभ अब विशिष्ट और स्पष्ट रूप से परिभाषित श्रेणियों तक ही सीमित रहेंगे, जो अधिक संतुलित और प्रतिबंधात्मक नीतिगत रुख को दर्शाता है।(भाषा)
पेट्रोल-डीजल कीमतों पर असर
| राज्य | पेट्रोल (पहले) | पेट्रोल (अब) | डीजल (पहले) | डीजल (अब) |
|---|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹96 | ₹93 | ₹89 | ₹82–₹83 |
| महाराष्ट्र | ₹106 | ₹103 | ₹94 | ₹86–₹87 |
| उत्तर प्रदेश | ₹97 | ₹94 | ₹90 | ₹83–₹84 |
| मध्य प्रदेश | ₹108 | ₹105 | ₹93 | ₹85–₹86 |
| राजस्थान | ₹109 | ₹106 | ₹95 | ₹87–₹88 |
| गुजरात | ₹96 | ₹93 | ₹92 | ₹86–₹87 |
| तमिलनाडु | ₹102 | ₹99 | ₹94 | ₹87–₹88 |
| तेलंगाना | ₹109 | ₹106 | ₹97 | ₹90–₹91 |
| आंध्र प्रदेश | ₹111 | ₹108 | ₹99 | ₹92–₹93 |
| पश्चिम बंगाल | ₹106 | ₹103 | ₹92 | ₹85–₹86 |
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