कविता की तेलंगाना जागृति का राजनीतिक पार्टी में रूपांतरण 25 को
हैदराबाद, पूर्व एमएलसी और तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष कल्वकुंतला कविता ने कहा की कि उनका संगठन आगामी 25 अप्रैल को औपचारिक रूप से एक राजनीतिक पार्टी में परिवर्तित होगा। मेदक जिले के मुनिराबाद में प्रस्तावित कार्यक्रम में नयी पार्टी की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। कविता ने कहा कि वह शुभ मुहूर्त में विश्वास रखती हैं और इसी कारण घोषणा के लिए श्री राम नवमी का दिन चुना। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी लॉन्च से पहले वह काशी जाकर एक धार्मिक अनुष्ठान करेंगी।
बीआरएस पार्टी और अपने पिता की मुखर रूप से आलोचना करते हुए राजनीतिक हल्कों में विशेष चर्चा का केंद्र रहीं पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर की पुत्री के. कविता ने शुक्रवार को निज़ामाबाद जिले में अपनी ससुराल में आज श्रीरामनवमी उत्सव मनाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 25 अप्रैल को नयी राजनीतिक पार्टी की घोषणा की जाएगी और उसी दिन एक सार्वजनिक सभा में पार्टी का झंडा और एजेंडा भी जारी किया जाएगा।
कविता ने कहा कि नई पार्टी तेलंगाना के भविष्य को नया आकार देने के लिए एक मार्गदर्शक शक्ति के रूप में काम करेगी। पार्टी का मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों के लिए समावेशी और समानता पर आधारित राज्य के रूप में सर्वोदय तेलंगाना का लक्ष्य हासिल करना है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि तेलंगाना के गठन के 12 वर्ष बाद भी पानी, धन और नौकरियों जैसे प्रमुख मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं।
कविता ने मौजूदा दलों में से किसी पार्टी की बी-टीम होने को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी स्वतंत्र रूप से कार्य करेगी और तेलंगाना में नंबर वन राजनीतिक शक्ति बनने का लक्ष्य के साथ काम करेगी। पार्टटी का एजेंडा व्यावहारिक होगा और लोगों की स्वीकृति प्राप्त करने के लिए तैयार किया जाएगाष। पार्टी जाति, धर्म और वर्गीय विभाजनों से ऊपर उठकर काम करेगी। कविता ने बताया कि अब तक लगभग 50 समितियां गठित की जा चुकी हैं और बुद्धिजीवियों तथा हितधारकों के साथ चर्चा जारी है। पार्टी के संचालन को लेकर जनता से सुझाव भी आमंत्रित किए गये हैं।
राजनीतिक जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर देते हुए कविता ने मौजूदा राजनीतिक संस्कृति की आलोचना की और कहा कि नेता सत्ता में आने से पहले और बाद में अलग व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा कि जनता को उन नेताओं से सवाल करना चाहिए जो अपने वादों को पूरा नहीं करते। आज की राजनीति विपक्ष में आलोचना और सत्ता में पलायन बन गई है। इसे बदलने की जरूरत है। उन्होंने लोगों को राजनीति में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह रॉकेट साइंस नहीं है, बल्कि तेलंगाना में सार्थक बदलाव लाने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है। अपनी प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कविता ने कहा कि जब तक परिणाम हासिल नहीं होंगे, वह विश्राम नहीं करेंगी। जमीनी स्तर पर भी कड़ी मेहनत करेंगी। जरूरत पड़ी तो दिल्ली में पैरवी भी कर सकती हैं।
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