श्रीराम सागर परियोजना की पीड़ित महिला को बीस वर्ष बाद मिला न्याय

हैदराबाद, श्रीराम सागर परियोजना की पीड़ित महिला को 20 वर्षों बाद न्याय मिला। तेलंगाना उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को श्रीराम सागर परियोजना के लिए अपनी कृषि भूमि से वंचित होने वाली महिला को खेती के लिए 2.01 एकड़ कृषि भूमि के लिए कानून के तहत पास बुक जारी करने और पिछले 20 वर्ष के दौरान प्रति वर्ष दो फसल के लिए पचास हजार रुपये का आकलन करते हुए 10 लाख रुपये और अदालती खर्च के रूप में 25 हजार रुपये जारी करने का फैसला सुनाया।

अदालत ने इस मामले को लेकर सरकारी अधिकारियों की लापरवाही और व्यवहार के लिए खरी खोटी सुनाई। अदालत ने बताया कि भूमि संवैधानिक अधिकार होने के साथ-साथ मानव अधिकार भी है और इस मामले में पीड़ित महिला को ऑनलाइन स्तर पर पट्टा जारी किया गया लेकिन उसकी भूमि कहाँ है उसे नहीं बताया गया, इस कारण पिछले बीस वर्षों से वह फसल उगाने से वंचित रह गयी। इस कारण उसे बीस वर्ष के लिए फसल के नुकसान के लिए 10 लाख रुपये का मुआवजा जारी करने के सरकार को आदेश दिये गये।

यह भी पढ़ें… हैदराबाद : 217 करोड़ रुपये के बड़े जीएसटी घोटाले का खुलासा

परियोजना के लिए 20 वर्ष पहले अधिग्रहित की गई जमीन

करीमनगर के मल्लापुर मंडल के कुस्टापुर ग्राम निवासी दंताला चिनक्का की कृषि भूमि का 20 वर्ष पूर्व श्रीराम सागर परियोजना के लिए अधिग्रहण किया गया था और उसे 2 मई, 2006 को मल्लापुर के सर्वे नंबर 22/2 पर वैकल्पिक भूमि उपलब्ध करवाते हुए ऑनलाइन स्तर पर पट्टा जारी किया, लेकिन उसे दी जाने वाली भूमि की जानकारी नहीं दी गयी। इस कारण उसने वर्ष 2009 के दौरान संबंधित अधिकारियों से भूमि के संबंध में आवेदन किया, लेकिन उसके आवेदन पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गयी।

इसके बाद से वह लगातार आवेदन करती गई, लेकिन अधिकारियों के कार्रवाई न करने पर उसने वर्ष 2011 के दौरान लीगल नोटिस जारी करवाया, लेकिन इसका भी कोई परिणाम नहीं निकला, जिसके चलते उसने वर्ष 2016 के दौरान अदालत की शरण लेते हुए मामले को लेकर याचिका दायर की। लंबी सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस जुकंटी अनिल कुमार ने हाल ही में अपना फैसला सुनाया और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही व गैर जिम्मेदाराना व्यवहार पर तीव्र असंतोष जताया।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button