सीएम ने रखी आधुनिक गौशाला की आधारशिला
हैदराबाद, तेलंगाना सरकार ने पशुओं की देखभाल तथा कल्याण प्रबंधन में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को शामिल करते हुए विश्वस्तरीय आधुनिक गौशाला स्थापित करने का निर्णय लिया है।
इसके तहत मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने आज मंचिरेबुला में आधुनिक गौशाला के निर्माण की आधारशिला रखी। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 157 करोड़ रुपए है। इसमें सभी सिविल कार्य, आवश्यक संसाधन, पशु-देखभाल अवसंरचना, सतत एवं पर्यावरण अनुकूल प्रणालियां, सौर ऊर्जा प्रणाली तथा परामर्श शुल्क आदि शामिल हैं।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य पशु कल्याण के उच्च मानकों को सुनिक्षित करते हुए पशु स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरणीय स्थिरता, पुनर्वास, सांस्कृतिक संवर्धन और जन सहभागिता के लिए पारंपरिक मूल्यों को वैज्ञानिक मानकों के साथ संयोजित करने वाली वैज्ञानिक रूप से डिजाइन आदर्श सुविधा का निर्माण करना है।
गौशाला निर्माण के लिए मोइनाबाद मंडल के येनकापल्ली गांव में सरकारी भूमि आवंटित की गई है। परियोजना का उद्देश्य कम से कम 1,000 गायों को आश्रय प्रदान करना है। साथ ही पशु चिकित्सालय, आइसोलेशन वार्ड आदि जैसी सभी आवश्यक संबंधित चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
3 मेगावॉट सौर और बायोगैस संयंत्र से होगा हरित ऊर्जा उत्पादन
इस परियोजना में सतत ऊर्जा उत्पादन मॉडल का भी उपयोग किया जाएगा, जिसमें 3 मेगावॉट का सौर ऊर्जा संयंत्र और जैव गैस संयंत्र शामिल हैं। जानकारी देते हुए बताया गया कि आधुनिक गौशाला के निर्माण का लक्ष्य सतत कृषि और चारा प्रबंधन को बढ़ावा देना है, जिसमें चारा उत्पादन, खाद बनाने और कृषि में पुनः उपयोग के लिए उपचारित जल के उपयोग के माध्यम से जैविक खेती पद्धतियों का समर्थन करना आदि शामिल है।
इस परियोजना के माध्यम से नवीकरणीय और हरित ऊर्जा उत्पादन को सक्षम बनाया जाएगा, ताकि बायोगैस, सीएनजी और सौर ऊर्जा का उत्पादन करने के लिए पशुओं के अपशिष्ट और स्थल संसाधनों का उपयोग करते हुए ऊर्जा-कुशल और आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण हो सके। यह अत्याधुनिक सुविधा पशुओं की देखभाल, पारंपरिक प्रथाओं, पर्यावरण संरक्षण और गौसेवा को लेकर सामुदायिक शिक्षा और सांस्कृतिक सहभागिता को भी मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी।
डेयरी, बायोगैस और खाद से स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
शैक्षिक और सामुदायिक जुड़ाव के उद्देश्य से मौजूदा झील का सौंदर्याकरण, पैदल मार्ग, गतिविधि क्षेत्र, ओपन-एयर थिएटर तथा बच्चों के खेल क्षेत्र का निर्माण भी परियोजना में शामिल है। इस आधुनिक गौशाला के माध्यम से स्थानीय रोजगार और कौशल विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा। दूध प्रसंस्करण, मूल्य वर्धित डेयरी उत्पाद, बायोगैस, खाद और संबंधित गतिविधियों के माध्यम से आय सृजन में सहायता मिलेगी।
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साथ ही गौशाला पारिस्थितिकी तंत्र के साथ कृषि, दुग्ध उत्पादन आधारित उद्यमों और सेवा गतिविधियों को जोड़कर आसपास के गांवों में विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। यह परियोजना एचजीसीएल-एचएमडीए कार्यान्वित की जाएगी। निर्माण कार्य पूरा होने पर यह सुविधा संचालन और द्वारा रखरखाव के लिए पशुपालन विभाग को सौंप दी जाएगी।
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