राघवा कंस्ट्रक्शन्स की जाँच सीबीआई को देने तैयार, बीआरएस पर बरसे रेवंत
हैदराबाद, राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी से संबंधित राघवा कंस्ट्रक्शन्स पर अवैध खनन किए जाने के आरोप लगाते हुए मुख्य विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (भारास) सदस्यों द्वारा सदन समिति का गठन करने की जिद पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि सदन समिति की सिफारिश के बाद सरकार जाँच सीबीसीआईडी को ही सौंपती है इसलिए सीधे जांच सीबीसीआईडी को देने कहा गया है। यदि विपक्षी बीआरएस को भरोसा नहीं है तो जांच केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को सौंपने भी राज्य सरकार तैयार है।
विधानसभा में राघवा कंस्ट्रक्शन्स के मुद्दे पर सदन समिति के गठन की जिद को लेकर मुख्य विपक्षी बीआरएस सदस्यों के हंगामे पर नाराज हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बीआरएस पर अहंकार के मद में चूर होने का आरोप लगाया। उन्होंने पलटवार जारी रखते हुए कहा कि बीआरएस विधायक टी. हरीश राव के भाई महेश राव व हनुमंत राव ने महबूबनगर के बालानगर में प्राइवेट कंपनियों के प्रबंधनों को धरणी की आड़ में धमकाकर सैकड़ों एकड़ भूमियों का हस्तांतरण किया था।
राघवा कंस्ट्रक्शन्स पर आरोपों को सरकार ने किया खारिज
यदि बीआरएस इस पर सदन समिति के गठन हेतु तैयार है, तो गठन किया जाएगा। उन्होंने मंत्री पोंगुलेटी पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि राघवा कंस्ट्रक्शन्स की शिकायत किसी ने सरकार से नहीं की थी, बल्कि सरकार ने स्वयं जहां भी रेत लूट, खनिज लूट होने से आय का नुकसान हो रहा है, उसका पता लगया और नुकसान दूर करने राघवा कंस्ट्रक्शन्स को नोटिस दिया।
इस पर राघवा कंस्ट्रक्शन्स ने करीब 3 करोड़ रुपये सरकार के पास जमा किए हैं। फिर भी यदि विपक्षी बीआरएस के पास कोई सबूत है, तो सीबीसीआईडी के समक्ष पेश करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि खनन पर वर्ष 2014 से लेकर वर्तमान समय तक सभी मुद्दों पर सरकार सघन जाँच कराने तैयार है।
दलित के नाते भट्टी का अपमान
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव सरकार पर दलितों का हर समय अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दलित को मुख्यमंत्री बनाने का वादा करके धोखा देने वाली बीआरएस उप मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री भट्टी विक्रमार्का का व्यक्तिगत अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 के दौरान कांग्रेस पार्टी ने दलित वर्ग से आने वाले भट्टी विक्रमार्का की समर्थता के बल पर मुख्य विपक्षी नेता का पद दिया था, लेकिन पूर्व केसीआर सरकार को बर्दाश्त नहीं हुआ।
एक साल भी नहीं गुजरा था कि दलबदलुओं को प्रोत्साहन देकर कांग्रेस के विधायकों को बीआरएस में शामिल करके भट्टी विक्रमार्का का विपक्ष का ओहदा तक छीन लिया गया। उन्होंने कहा कि दरअसल बीआरएस को दलितों के प्रति कोई प्रेम नहीं है, बल्कि मानवता का दृष्टिकोण तक नहीं है। उन्होंने कहा कि इतना तकलीफ देने के बावजूद भट्टी ने धैर्य नहीं खोया। सदन में नहीं आने दिए जाने के बावजूद वे जनता के बीच गए। आदिलाबाद से खम्मम तक पदयात्रा की। जनसमस्याएं जानीं। उनकी बदौलत आज कांग्रेस सत्ता में है।
रेवंत ने आगे कहा कि दलित समाज से आने वाले भट्टी विक्रमार्का को उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री बनाया गया, तो भी बीआरएस को बर्दाश्त नहीं हो रहा है। दलित ने कैसे बजट पेश किया, वह बजट पेश करने के योग्य नहीं है, यह दिखाते हुए बीआरएस सदस्यों ने हंगामा खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि बजट में कोई गलती हो तो इंगित करें लेकिन व्यक्तिगत टार्गेट करके दलित नेता का अपमान न करें।
केसीआर से इस्तीफा दिलाएँ
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव पर भी दलितों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दलित वर्ग से आने वाले सभापति गड्डम प्रसाद कुमार के समक्ष बैठने के लिए भी केसीआर तैयार नहीं हैं, इसलिए सदन में नहीं आ रहे हैं। उन्होंने मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी के इस्तीफे की मांग को लेकर जिद पर अड़े बीआरएस सदस्यों के रवैये पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शर्म हो तो सदन में अनुपस्थित रहे विपक्षी नेता केसीआर से इस्तीफा दिलवाएं जो 1 करोड़ 10 लाख रुपये वेतन लेकर घर में बैठे हैं। उन्होंने कहा कि बीआरएस सदस्यों को शर्म आनी चाहिए, जो रोजाना 18 घंटे काम करते हुए दलित, गिरिजनों व आदिवासियों को साढ़े चार लाख आवास देने वाले मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी का इस्तीफा माँग रहे हैं।
यह भी पढ़ें… आंगनवाड़ी में 15 हजार पदों पर नियुक्ति शीघ्र : सीतक्का
कालेश्वरम पर केंद्र को सलाह दें भाजपाई
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भाजपा विधायकों पर बरसते हुए कहा कि सलाह देना और भाग जाना भाजपा की आदत बन चुकी है। कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना पूर्व बीआरएस सरकार के लिए एटीएम बनने के आरोप खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लगाए थे।
केंद्रीय कोयला व खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने तो कालेश्वरम की जांच सीबीआई को देने की सलाह देते हुए 48 घंटों में ही केसीआर व हरीश राव को जेल भेजने के दावे ठोके थे। उन्होंने कहा कि इसी सलाह पर भरोसा करके सरकार ने कालेश्वरम की जांच सीबीआई को सौंप दी। 48 घंटे तो दूर, 8 महीने होने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक काटेपल्ली वेंकटरमणा रेड्डी व पायल शंकर से केंद्रीय मंत्री को तुरंत ही कालेश्वरम पर जांच पूरी करके केसीआर व हरीश राव को सलाखों के पीछे भेजने की सलाह देने कहा। साथ ही जोड़ा कि दरअसल बीआरएस के साथ बीजेपी की मिलीभगत है, इसलिए सीबीआई जांच आगे नहीं बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने महबूबनगर के बालानगर मंडल में बीआरएस विधायक दल के उपनेता टी. हरीश राव के छोटे भाई महेश राव, मामा हनुमंत राव व साले सुमन राव पर प्राइवेट कंपनियों के प्रबंधनों को डरा धमकाकर धरणी की आड़ में सैकड़ों एकड़ भूमियों का हस्तांतरण करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने भाजपा विधायक काटेपल्ली वेंकटरमणा रेड्डी व विधायक पायल शंकर से कहा कि यदि वे मानते हैं कि हरीश राव व केटीआर ईमानदार हैं, तो सदन समिति के गठन की सलाह दें। इस पर भाजपा विधायक वेंकटरमणा रेड्डी व विधायक पायल शंकर ने सभापति से मुख्यमंत्री के बयान पर जवाब देने के लिए माइक देने का आग्रह किया, लेकिन सभापति ने नहीं दिया।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



