एनएमडीसी ने अब तक सर्वाधिक 53 एमटी टन उत्पादन के साथ रचा इतिहास

हैदराबाद, भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक तथा जिम्मेवार खनिक एनएमडीसी ने वित्त वर्ष 2026 में 53 एमटी लौह अयस्क के उत्पादन के साथ ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जो भारत के खनन इतिहास में 50 एमटी वार्षिक उत्पादन के लक्ष्य को पार करने वाली प्रथम कंपनी बन गई है। यह संख्यात्मक उपलब्धि से आगे है, जो भारत के खनिज क्षेत्र की बढ़ती ताकत और गति का प्रतीक है। एनएमडीसी देश की लौह अयस्क आपूर्ति में निरंतर महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है तथा अपने इस्पात उद्योग की आधारशिला को मजबूती प्रदान कर रहा है।

प्रेस विज्ञप्ति अनुसार, कंपनी ने पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में क्रमश 51 प्रतिशत और 40 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि के साथ मार्च 2026 माह में 5.35 एमटी लौह अयस्क का उत्पादन किया तथा 5.90 एमटी लौह अयस्क की बिक्री की। कुल उत्पादन परिणाम 21 प्रतिशत की अद्भुत वृद्धि के साथ 53.15 एमटी तक पहुँच गया तथा बिक्री 13 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 50.23 एमटी तक पहुँच गई, जो स्थापना के बाद से इसका अब तक की सर्वोत्तम मात्रा है।

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प्रमुख खदानों के बेहतर प्रदर्शन से रिकॉर्ड उत्पादन हासिल

एनएमडीसी की प्रमुख लौह अयस्क खदानों में छत्तीसगढ़ के किरंदुल व बचेली तथा कर्नाटक में दोणिमलै के बढ़िया प्रदर्शन से रिकॉर्ड उत्पादन हुआ, जिसने कंपनी के इतिहास में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज कर दिया। दुबई में अंतरराष्ट्रीय कार्यालय के उद्घाटन, झारखंड में प्रथम कोयला खदान के सफल प्रचालन तथा छत्तीसगढ़ के बैलाडीला में निक्षेप 4 की कमीशनिंग के साथ, इसकी उत्पादन क्षमताओं एवं विविधीकरण रणनीति को और मजबूत करने के साथ वित्त वर्ष 2026 एनएमडीसी के लिए विस्तार योजना एवं परिवर्तन का निर्णायक वर्ष रहा है।

इन इस्पाती इरादों के साथ एनएमडीसी ने मजबूत गति एवं ध्यान केंद्रित विकास दृष्टिकोण के साथ वित्त वर्ष 2027 में प्रवेश किया है। अवसर पर एनएमडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अमिताभ मुखर्जी ने कहा कि 50 एमटी उत्पादन को पार करना एनएमडीसी के लिए केवल उत्पादन का मील का पत्थर नहीं है, यह हमारे तथा भारत के खनन क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है।

इंफ्रास्ट्रकचर के विकास के साथ जैसे भारतीय इस्पात की माँग तेजी से बढ़ रही है, एनएमडीसी पहले से कहीं अधिक मजबूत, व्यापक और भविष्य पर ध्यान केंद्रित है। इस ऐतिहासिक मील के पत्थर के आधार पर कंपनी नई खनन परियोजनाओं, क्षमता वृद्धि एवं इंफ्रास्ट्रकचर विकास के माध्यम से 2030 तक 100 एमटी से अधिक लौह अयस्क उत्पादन क्षमता प्राप्त करने की महत्वाकांक्षी योजना के साथ अपने विस्तार रोडमैप को तेज कर रही है। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के साथ निकटता से जुड़कर, एनएमडीसी स्वयं को भारत के दीर्घकालिक आर्थिक विकास के प्रमुख प्रचालक के रूप में स्थापित कर रहा है, जो कच्चे माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं राष्ट्र की सतत प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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