मेडिकवर कैंसर इंस्टीट्यूट, हाईटेक सिटी में 40 वषीय महिला ने कैंसर को दी मात

हैदराबाद, स्तन कैंसर अब एक ऐसी स्थिति नहीं है, जिसे अकेले डर के साथ देखा जाना चाहिए। समय पर निदान, उचित उपचार और दृढ़ संकल्प के साथ रोगी न केवल कैंसर से उबर सकते हैं, बल्कि सामान्य और परिपूर्ण जीवन में भी लौट सकते हैं। मेडिकवर कैंसर इंस्टीट्यूट, हाईटेक सिटी में इलाज कराने वाली 40 वर्षीय महिला नीलिमा स्टेज-2 स्तन कैंसर को हराकर मैराथन धावक बनने की चुनौतियों का सामना कर कई लोगों लिए प्रेरणा बनी।

प्रेस विज्ञप्ति अनुसार, कुछ साल पहले नीलिमा को स्टेज-2 स्तन कैंसर (टी1एन1एएम0) का पता चला था। आगे की जाँच से पता चला कि उसका कैंसर हार्मोन रिसेप्टर पॉजिटिव (ईआर/पीआर प्लस) और एचईआर 2 नेगेटिव था। निदान के बाद मेडिकोवर कैंसर संस्थान में बहुविषयक दल ने तुरंत उसकी स्थिति के अनुरूप व्यापक उपचार योजना शुरू की।
उन्होंने पहले स्तन संरक्षण सर्जरी की। इसके बाद सहायक कीमोथेरेपी और विकिरण चिकित्सा की गई।

चूँकि यह बीमारी हार्मोन संवेदनशील थी, इसलिए उसे डिम्बग्रंथि दमन इंजेक्शन के साथ दीर्घकालिक हार्मोन थेरेपी पर रखा गया। इलाज पूरा करने के पाँच साल बाद वह पूरी तरह से स्वस्थ और कैंसर मुक्त हैं। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि वह रनिंग ट्रैक (मैराथन) पर वापस आ गयीं। वह अब मैराथन में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं, जिसमें हर दौड़ कैंसर पर उसकी जीत और शारीरिक और मानसिक शक्ति के प्रतीक के रूप में खड़ी है।

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मेडिकोवर कैंसर इंस्टीट्यूट, हाईटेक सिटी के वरिष्ठ चिकित्सा ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. वेणुगोपाल ने कहा कि स्तन कैंसर जीवन का अंत नहीं है। यदि जल्दी पता चल जाए, तो यह अत्यधिक उपचार योग्य और कई मामलों में पूरी तरह से ठीक हो सकता है। इस मरीज की यात्रा हर जगह की महिलाओं के लिए आशा का शक्तिशाली संदेश है।

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