हैदराबाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने 21 वर्ष पूर्व लापता व्यक्ति की कैंसर पीड़ित पत्नी के मामले को सहानुभूति के साथ निपटाने के इंडियन बैंक को आदेश दिए। अदालत ने बताया कि कानून के तहत सात वर्ष तक लापता होने पर लापता व्यक्ति को मृतक करार दिया जाता है, इसीलिए वारासत्व के तहत लापता व्यक्ति की पत्नी और उसके बच्चों को सेवानिवृत्ति के पश्चात दिए जाने वाले सभी प्रयोजन और सेवानिवृत्ति संबंधी लाभ उपलब्ध करवाते हुए परिवार के एक योग्य सदस्य को सहानुभूति के तहत नौकरी देने के आदेश दिए।
इसके साथ ही याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए विनती पत्र पर कार्रवाई न करने के कारण बैंक के खिलाफ 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और जुर्माने की राशि सैनिक कल्याण बोर्ड में जमा करने के आदेश दिए। कई वर्षों से पति के लापता हो जाने के कारण सेवानिवृत्ति के प्रयोजन व परिवार के सदस्य को नौकरी देने के लिए विनती पत्र सौंपने के बावजूद भी कार्रवाई न करने को खम्मम निवासी वनपट्ला सुगुणा कुमारी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।
यह भी पढ़ें… पर्यावरण अनुकूल गणेश उत्सव को दें प्रोत्साहन : कर्णन
लापता बैंक अधिकारी के परिवार को हाईकोर्ट से राहत
इस याचिका पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस नागेश भीमपाका ने सुनवाई की। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता चिल्ला रमेश ने दलील देते हुए बताया कि याचिकाकर्ता का पति वी. फ्रांसिस वर्ष 1991 में इंडियन बैंक में शामिल हुआ। फरवरी-2004 को पदोन्नति के साथ उसे सहायक प्रबंधक के रूप में दिल्ली भेजा गया। दिल्ली जाने के सात माह बाद याचिकाकर्ता का पति फ्रांसिस लापता हो गया।
उसके लापता होने की दिल्ली पुलिस में शिकायत भी की गई और पुलिस ने छानबीन कर याचिकाकर्ता के पति की कोई खोज खबर न मिलने की रिपोर्ट दी। यह रिपोर्ट और अदालत द्वारा जारी किया गया लीगल हायर सर्टिफिकेट बैंक प्रबंधन के समक्ष पेश करते हुए विनती पत्र भी दिया गया। विनती पत्र में सेवानिवृत्ति प्रयोजन का लाभ देते हुए परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आग्रह किया गया। इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई और याचिकाकर्ता कैंसर रोग से पीड़ित है। जिस कारण वह अपने परिवार का पालन-पोषण नहीं कर पा रही है।
अधिवक्ता ने याचिकाकर्ता के परिवार को सहारा देने की आवश्यकता बताई। दलील सुनने के पश्चात न्यायाधीश ने कहा कि लापता व्यक्ति के बारे में सात वर्ष तक कोई खोज खबर न मिलने पर उसे कानून के अनुसार मृतक करार दिया जाता है। इस कारण लापता व्यक्ति को मृतक करार देते हुए उससे संबंधित सेवानिवृत्ति के प्रयोजन के अलावा याचिकाकर्ता के कैंसर रोग से पीड़ित होने के कारण उसके परिवार के एक योग्य सदस्य को नौकरी देने के इंडियन बैंक को आदेश जारी किए।
