पाप से छुटकारा पाकर बंधें धर्म क्रिया में : राजमतीश्रीजी

हैदराबाद, जीवन में श्रद्धा रखो तभी जीवन धन्य बनेगा। पहले पापों से छुटकारा पाएं और फिर अपने आप को धर्म क्रिया से बांधें। इससे आत्मा का कल्याण होगा। उक्त उद्गार सिख छावनी स्थित आनंद जैन भवन कोरा में जैन श्रावक संघ कोरा के तत्वावधान में आयोजित धर्म सभा को संबोधित करते हुए पूज्य राजमतीश्रीजी म.सा. राजुल ने दिये। संघ के धर्मेंद्र मांडोत द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पूज्यश्री ने कहा कि प्रभु महावीर ने अंतिम देशना में रक्षाबंधन को विशेष बताया।

भगवान महावीर ने उत्तराध्ययन सूत्र में रिपु अध्ययन के 18 को चार में समावेश किया और आज चार वर्ण ब्राह्मण, वैश्य, क्षत्रिय, शुद्र हैं। राखी त्यौहार खुशियां लेकर आता है। यह त्यौहार ब्राह्मणों का होता है। ब्राह्मण लोग आकर राखी मंत्रित धागा बांधते थे जो सालभर चलता है। दूसरा वैश्य यानी वनिक का पर्व दीपावली है।

चार वर्णों से जुड़े प्रमुख पर्वों का आध्यात्मिक विश्लेषण

दीपावली में नया लेकर पुराना हटाते हैं। दशहरा क्षत्रिय का होता है। उस दिन अस्त्र शस्त्र की पूजा की जाती है। होली शूद्र लोग मनाते हैं। यह चार पर्व हैं। म.सा. ने कहा कि धर्म की रक्षा करता है, उसकी का नाम रक्षाबंधन है। बहन हो या भाई जब किसी पर संकट आये तो उसकी रक्षा करनी है। भाई बहन की रक्षा करें। इसलिए रक्षाबंधन को मनाते हुए पवित्र सूत्र बांधा जाता है। प्रभु महावीर ने उत्तराध्ययन में सभी प्राणियों की रक्षा करना को कहा है।

मंच का संचालन करते हुए मंत्री अनिल तातेड़ ने बताया कि नवकार महामंत्र जाप सुबह 10.30 से 11.30 बजे तक प्रतिदिन गतिमान है। 16 सातियों के 16 ऐकासना के 13 दिन चल रहे हैं। आज के एकासना का लाभार्थी गौतम सुखानी परिवार रहा। लाल बाजार वाले के तेले की कड़ी सुचारू से चल रही है।

कल का तेला नीरज जैन ने किया एवं आज के तेले की कड़ी में मीना बोहरा ने पचखान लिया। रविवार को गुरुदेव मिश्रीलालजी एवं रूपचंदजी की जन्म जयंती तप त्याग से मनाई जाएगी। सभी दो-दो सामायिक करने का लक्ष्य रखें। साथ ही अवसर को एकासन दिवस के रूप में मनायें।

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कल रक्षाबंधन का कार्यक्रम भी रहेगा जिसमें बेस्ट मारवाड़ी ड्रेसिंग महिलाओं में बेस्ट भाई बहन और राखी की थाली की प्रतियोगिता रहेगी। संघ की ओर से प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। सुबह 11 से दोपहर 12.30 बजे तक बच्चों का शिविर रहेगा। दोपहर 12 बजे से एकासना की व्यवस्था लाभार्थी आनंद जैन युवा मंडल द्वारा रहेगी।

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