होर्मुज सुरक्षा पर सहमति, पश्चिम एशिया में शांति पर जोर

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नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपत्ति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान से फोन पर बात कर पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित व निर्बाध आवाजाही के महत्व पर सहमति जताई।

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई पर हुए सभी हमलों की कड़ी निंदा की और पश्चिम एशिया में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए मिलकर काम जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मैंने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान से बात की और उन्हें ईद की अग्रिम शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि हमने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया के कई देशों के नेताओं से भी बात की

मोदी ने नाहह्यान के साथ बातचीत में दोहराया कि भारत यूएई पर हुए सभी हमलों की कड़ी निंदा करता है, जिनमें लोगों की जान गई और आम लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुँचा। उन्होंने कहा कि हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है। हमने यह भी तय किया कि पश्चिम एशिया में जल्द से जल्द शांति, सुरक्षा और स्थिरता बहाल करने के लिए वे मिलकर काम करते रहेंगे। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से यह दूसरी बार है जब मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति से बातचीत की है। ईरान ने अमेरिका और इजराइल के जवाब में कई खाड़ी देशों पर हमले किए हैं।

मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया के कई देशों के नेताओं से भी बात की है, जिनमें सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, ओमान, जॉर्डन, इजराइल और ईरान के नेता शामिल हैं।

नाटो ने ट्रंप का प्रस्ताव खारिज किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि नाटो और अधिकतर अन्य सहयोगी देशों ने ईरान के साथ युद्ध जारी रहने के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने में मदद करने के उनके आह्वान को खारिज कर दिया है। महत्वपूर्ण जलमार्ग की सुरक्षा में मदद करने के लिए सहयोगियों पर दबाव डाल रहे ट्रंप ने आक्रोश व्यक्त किया कि अमेरिका को इस तथ्य के बावजूद समर्थन नहीं मिल रहा कि लगभग हर देश हमारे द्वारा किए जा रहे कार्यों से दृढता से सहमत है, और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

खाड़ी देशों पर ईरान के हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसकी पकड़ से वैश्विक ऊर्जा संकट संबंधी चिंताएँ पैदा हुई हैं और विश्व अर्थव्यवस्था के लिए परेशानी खड़ी हो रही है। जलडमरूमध्य से कुछ ही जहाज गुजरे हैं, और ईरान का कहना है कि यह महत्वपूर्ण जलमार्ग तकनीकी रूप से खुला है, लेकिन अमेरिका, इजराइल और उनके सहयोगियों के लिए नहीं। युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग 20 जहाजों पर हमले हुए हैं।

तेल की कीमतों में वृद्धि के साथ, ट्रंप ने कहा कि उन्होंने लगभग आधा दर्जन देशों से युद्धपोत भेजने की माँग की है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकें। लेकिन ट्रंप की अपील पर किसी देश की तत्काल कोई प्रतिबद्धता नहीं आई है।

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